चीन ने लगाया दिमाग,अब इंडिया बांग्लादेश ट्रेड वार शुरू

जैसा की आपको पता है की अमेरिका ने कुछ देशों में रिसिप्रोकल टैरिफ लगाया है,सबसे अधिक टैरिफ चीन पर लगाया है,145 % इसके जवाब में चीन भी अमेरिका पर 125% टैरिफ लगाया है वही भारत पर अमेरिका ने 26 % टैरिफ लगाया है,और बांलगादेश पर 37% लगाया है
ये अमेरिका और चीन का टैरिफ वार अब भारत पर भी भरी पड़ रहा है
आपको बता दे बंगलादेश जो भी सामान को अमेरिका को निर्यात करता है जैसे कपड़े, जुट,मशीनरी और लोहा उन सब चीजों पर टैक्स अधिक है,इसलिए चीज़े महंगी हो जाएंगी,बांग्लादेश लगभग वही चीज़े जो अमेरिका को निर्यात करता है वो भारत को भी निर्यात करता है लेकिन भारत की चीजे सस्ती हो जाएंगी क्योंकि भारत पर टैक्स कम है,इस वजह से लोग बांग्लादेश की चीजे खरीदना छोड़ देंगे,आपको बता दे भारत ने पिछले साल 1.6 अरब डॉलर का सूत बांग्लादेश में निर्यात किया था.
आइए जानते है क्या है भारत और बांग्लादेश का टैरिफ वार :-
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं मुहम्मद यूनुस ने चीन से बोला है की इंडिया का जो सेवन सिस्टर(भारत के सेवन सिस्टर राज्यों का एक समूह है य हैं अरूणांचल प्रदेश ,असम ,मेघालय ,मणिपुर,मिजोरम,नागालैंड और त्रिपुरा ,जिसे बांग्लादेश गाइड करता है कहने का मतलब ये है की इन सेवन सिस्टर को अगर समुद्र चहिए तो वो बांग्लादेश देता है इसलिए बालग्लादेश ने चाइना को बोला है की अगर चीन इन जगहों पर इन्वेस्ट करना चाहे तो वो इन्वेस्ट कर सकता है ताकि अब इंडिया को इससे दिक्कत होगी ,बांग्लादेश इंडिया के रास्ते नेपाल से व्यापार करता है ,इंडिया अपना ट्रांसिट उपयोग करने देता है बिना किसी टैक्स के जिससे हम ट्रांस शिपमेंट एग्रीमेंट (एक ऐसा समझौता है जो दो या दो से अधिक देशों या क्षेत्रों के बीच माल के परिवहन के लिए किया जाता है) कहते है,लेकिन अब इंडिया ने ट्रांस शिपमेंट बंद कर दिया है ,अब क्या होगा जब बंगलादेश कोई भी व्यापार करना होगा ,चाहे वो नेपाल,चाहे से,चाहे चाहे म्यांमार से उसे अब टैक्स देना होगा,भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का कहना है की बंदरगाहों पर भीड़ बड़ने की वजह से कदम उठाना पड़ा है उधर बांग्लादेश का कहना है की इंडिया समुद्र से रास्ते नही जा सकता क्यों की यहां बहुत पतला चिकन नेक है (चिकन नेक पश्चिम बंगाल में स्थित एक भूभाग है जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों ( असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैण्ड, और सिक्किम ) को जोड़ता है,ये चित्र 22km कम लंबा और 60 km चौड़ा है ,चिकन नेक से ही भारत का सेवन सिस्टर जुड़ा है,बांग्लादेश ने भी अब भारत से लैंड पोर्ट रूट के ज़रिए सूत के आयात पर पाबंदी लगा दी है,लेकिन विशेषज्ञों का कहना है की फैसला कही बांग्लादेश पर भारी न पड़ जाए, बात ये भी है की बांग्लादेश का चीन को आमंत्रित करने का ये कदम भारत को घेरने के उद्देश्य से किया जा रहा, हैhttp://news24hourslatest.in
बांग्लादेश पर क्या असर पड़ेगा
बांग्लादेश को जो लाभ होता है उसका सबसे अधिक कपड़े के निर्यात से होता है,लगभग 80 %, अब इसका असर ये होगा की बांग्लादेश जो भी चीजे निर्यात करेगा उसपर अब टैक्स देना होगा जिसके वजह से सामान महंगे हो जायेंगे
भारत पर भी असर पड़ेगा
भारत कपड़े का जितना व्यापार करता है उसका 45 % बांग्लादेश से करता है ,ये सुविधाएं जो भारत ने बंद कर दी है उसका ये असर होगा की भारत में बांग्लादेश से सूत के निर्यात पर असर पड़ेगा,कपड़े महंगे हो जायेंगे
चीन से दोस्ती
बांग्लादेश चाहता है की चीन उसके साथ व्यापार करे ,आपको बता दे की चीन और बांग्लादेश का द्विपक्षीय संबंध है ,आपको बता दे की “थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव”के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का कहना है की चीन जो खुद नही कहना चाहता है उसे वो बांग्लादेश और पाकिस्तान से कहलवा देता है। अजय श्रीवास्तव का कहना है की अगर भारत बांग्लादेश के उत्पादों पर टैरिफ फ्री का प्रावधान हटा दे तो तो उनके लिए बड़ी मुस्किल हो जायेगी,अजय श्रीवास्तव का कहना है की चीन ने अपनी बात मोहम्मद यूनुस से कहलकवाई है,चीन बांग्लादेश के रास्ते भारत को नुकसान पहुंचाना चाहता है ,बांग्लादेश अब चीन पर जायदा भरोसा करना चाहता है ,ये सारा खेल मोहम्मद यूनुस के चीन दौरे का बाद हुआ है
अब देखना है क्या भारत चीन का रिश्ते ने कितना प्रतिशत का व्यापार होगा,और किन किन चीजों पर असर पड़ने वाला है
