नही थम रहा मुर्शिदाबाद,राज्यपाल सी वी आनंद बॉस ने बंगाल दौरे के बाद केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने की बात की

आपको बता दे की वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में लगभग एक हफ्ते से चल रहें विरोध में तीन लोगों की जान चली गई,हिंसा को बढ़ता देख बंगाल के राज्यपाल सी वी बॉस ने बंगाल का दौरा किया ,पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत पर राज्यपाल ने कहा है कि वो मुर्शिदाबाद का दौरा करेंगे,मुर्शिदाबाद का छेत्र जो अब महाभारत का रण बन चुका है वहां युद्ध अब थमने का नाम नहीं ले रहा है ,इस हिंसा में कई लोग घायल हो गए है ,तीन लोगो की जान चली गई है,BSF की तैनाती के बाद माहोल थोड़ा शांत होता दिख रहा है ,पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल से मुर्शिदाबाद ना जाने का अनुरोध किया है,ममता बैनर्जी ने राज्यपाल से कुछ दिन और इंतजार करने की अपील की है ,लेकिन राज्यपाल का कहना है की वो जरूर जायेंगे ममता बनर्जी का ये भी कहना है की महिला आयोग को जानें से रोक दिया गया,ममता बैनर्जी ने अपने भाषण में बोला है कि हर इंसान की जान कीमती है और धर्म के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी,उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है की लोग शांति बनाए रखे,और अपने आप पर नियंत्रण रखे,ममता बनर्जी का कहना है की वक्फ कानून केंद्र सरकार ने लगाया है ना की ममता सरकार,इसलिए लोगों से मेरी अपील है की वो केंद्र सरकार से बातचीत करे ना की ममता सरकार से,ममता ने चेतावनी दी कि दंगे भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी|http://news24hourslatest.in
ममता बनर्जी के मना करने के बाद भी राज्यपाल ट्रेन से बंगाल के मालदा में लॉ एंड ऑर्डर का हाल देखा,पीड़ितों से मिले,पीड़ितों ने राज्यपाल को आंखों देखा हाल सुनाया,राज्यपाल के साथ महिला आयोग की टीम भी जायजा लेने पहुंची,लोगों का कहना है की हिंसा इतनी आक्रामक हो गई थी की 500 लोग लगभग पलायन कर चुके है,राज्यपाल ने कानून व्यवस्था का हाल जाना,राज्यपाल का कहना है कि इन सब की वो एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और केंद्र सरकार को भेजेंगे ,एक पत्रकार का ने जब राज्यपाल से सवाल पूछा की क्या राज्य सरकार स्थिति को नियंत्रण करने में असफल है,तो इस पर राज्यपाल का कहना है की मैं यहां एक दूसरे पर आरोप लगाने नही आया हूं,मेरा कहना है की स्थिती नियंत्रण में हो जाए,लोगों का कहना है की उनके साथ बहुत बुरा बर्ताव हुआ,उपद्रवी उनके घर में घुस के मारे,गंदी गंदी गालियां दे,राज्यपाल का कहना है की उन लोगों का बस यही कहना है की जल्दी से जल्दी उन लोगों को उनके घर पहुंचाया जाए,राज्यपाल सी वी बोस का कहना है की एजेंसियां इस काम में जुट गई है की कैसे सबको उनके घर सही सलामत भेजा जाए,बंगाल की मंत्री शशि पांजा ने कहा है की हर बार सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जाती है,शशि का कहना है की इसके पीछे केवल राजनीतिक उद्देश्य रहता है,मीडिया से बात करते हुए मंत्री शशि पांजा ने कहा के अगर सच मुच में मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग को इस बात की चिंता है पूरे इंडिया में मानवाधिकार का कोई वायलेशन ना हो तो उनको तो सबसे पहले मणिपुर में पहुंचना चाहिए था ,उनका कहना है की मणिपुर में मानवाधिकार का पूरी तरीके से हनन हुआ लेकिन वहां कोई आयोग नही पहुंचता है,ममता बनर्जी का कहना है की आंदोलन करना है तो बंगाल की बजाए दिल्ली में करो,इसके साथ ही प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति का भी अपॉइंटमेंट मांगो और सब नेताओं को बुलाओ और NRC और NPR की तरह इस लड़ाई में भी हमको जितना है,उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा आप देख रहे की बंगाल जल रहा है और वहां की मुख्यमंत्री चुप है ,दंगाइयों को शांतिदुत कह रहीं है,योगी आदित्यनाथ का कहना है की लातों के भूत बातों से नही मानते,सेक्युलरिज्म के नाम पर दंगाइयों को खुली छूट दे रखी है ,बीजेपी के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है की जो सरकार हिंसा पर काबू नही पा सकती उसे सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है ,उत्तर प्रदेश में मंत्री दानिश आजाद अंसारी का कहना है की ममता सरकार ने अपने निजी स्वार्थ के लिए बंगाल को हिंसा के आग में झोंक दिया
आपको बता दे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल सी वी आनंद बोस की बीच पहले से ही विवाद चल रहा है कभी ३६ उपकुलपतियों की नियुक्ति का विवाद हो या फिर मानहानि का मामला हो,या फिर मुर्शिदाबाद का मामला हो,राज्यपाल सी वी आनंद बॉस ने बंगाल दौरे के बाद केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजने की बात की
किस किस दिन हिंसा भड़की:-
7 अप्रैल को हिंसा भड़की
9 अप्रैल को ममता बनर्जी ने कहा की बंगला में वक्फ कानून नही होगा
10 अप्रैल को कुछ उपद्रवी जो हिंसा फैला रहे थे उन्हें गिरफ्तार किया गया ,लगभग २२ लोग थे
11 अप्रैल को हिंसा के चलते मुर्शिदाबाद में ३ लोगों की मौत हो गई
13 अप्रैल को धूलियान से लगभग ५०० लोगों की पलायन होने की खबर आई
13 अप्रैल को पुलिस की गाड़ियां जलाई गई
16 अप्रैल को मुख्यमंत्री ने मौलानाओं के साथ बैठक की
18 अप्रैल को ममता बनर्जी के मना करने के बाद राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मालदा का दौरा किया
अब देखना है की क्या बंगला में राष्ट्रपति शासन लगेगा ?
