भारत समेत कई देशों के शेयर बाजारों में आयी गिरावट

2 अप्रैल को अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प में एशिया के कई देश भारत सहित आयात शुल्क लगाने की घोसणा की थी,इस शुल्क के लागु होते ही शेयर बाजारों का हाल बहुत बुरा हो गया,भारत समेत दुनिया के कई देशों में शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है,भारतीय शेयर बाजार में भी काफी गिरावट देखने को मिली है ,सोमवार को बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स 1049 अंक लुढ़ककर 76,330 के निचले स्तर पर पहुंच गया,आपको बता दे की 30 शेयरों में से सिर्फ़ एक्सिस बैंक, टीसीएस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इंडसइंड बैंक के शेयर ही हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे,इससे भारत में नौकरियों में कितनी कमी आएगी,मंहगाई का स्तर कितना होगा ये आने वाला समय ही बताएगा ,भारत में अमीरों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा,इसका असर पेट्रोल,सिलिंडर गैस पर भी इसका असर देखने को मिलेगा,चाहे शेयर बाजार में कितना भी गिरे असर लेकिन भारत में अमीरों पर कोई असर नहीं पड़ता ,आमिर और आमिर होता जा रहा है गरीब और गरीब होता जा रहा है,हालाकी भारत में NIFTY,SENSEX सब लुढ़क गया,इससे भारत में बड़ी कंपनियों को भी काफी नुकसान हुआ है बताया जा रहा है ये सब ट्रम्प की टैरिफ का कारण हैhttp://news24hourslatest.in
शेयर बाजार में एक्सपर्ट ,शेयर बाज़ार एक्सपर्ट आसिफ़ इक़बाल कहते हैं, “अमेरिका में बेरोज़गारी के आंकड़ों में कमी आई है यानी इसे वहाँ आर्थिक तरक़्क़ी की सही दिशा माना जाएगा, लिहाज़ा अमेरिका के केंद्रीय बैंक फ़ेडरल रिज़र्व से ब्याज दरों में कटौती की जो उम्मीदें दुनिया ने लगाई थी, वो फ़िलहाल पूरी होती नहीं दिखाई दे रही हैं. इसका असर दुनियाभर के बाज़ार और ख़ासकर भारत जैसे उभरते बाज़ारों पर दिख रहा है.आपको बता ट्रम्प ने भारत पर 27 % टैरिफ लगाने की घोसणा की थी
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने बोला की “बाज़ार में क्या होने वाला है, यह मैं आपको नहीं बता सकता हूं. मगर, हमारा देश ज़्यादा मज़बूत है.राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं किसी चीज़ में गिरावट नहीं देखना चाहता, लेकिन कभी-कभी चीज़ें ठीक करने के लिए आपको दवाई लेनी पड़ती है.ट्रम्प का कहना है की टैरिफ लागु होने के बाद अमेरिका में रोजगार के अवसर और ज्यादा होंगे ,नौकरियों का निवेश अमेरिका में ज्यादा होगा,ट्रम्प का कहना है की कई यूरोपीय और एशियाई नेताओं से बात की है. वो लोग समझौता करने के लिए बेताब हैं,क्या भारत भी इसमें शामिल है,आर्थिक मामलों के जानकर का कहना है की इससे महंगाई ,मंदी की समस्या में बढ़ोतरी हो सकती है,अमेरिका का टैरिफ लगाने का साफ मतलब ये है की इससे घरेलु उत्पादन में मदद मिलेगी,व्यापर में घाटे की सम्भावना कम रहेगी ,रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा होंगे,अमेरिका पहले खुद के बारे में सोचता है तब दूसरे देशों के बारे सोचता है,अमेरिका कई देशों जैसे चीन जिनके साथ अमेरिका का व्यापारिक समंध अच्छा नहीं है,टैरिफ लगने के बाद व्यापारिक घाटा कम हो जायेगा,अमेरिका को चीन को समझाते हुए कहा है की अगर चीन ने अमेरिका पर लगाए अपने 34% जवाबी टैरिफ़ वापस नहीं लिए तो वो मंगलवार से चीन पर नए टैरिफ़ लगा देंगे,ट्रंप का कहना है, “वो हमारी कार नहीं ख़रीदते, लेकिन हम उनकी लाख़ों कार ख़रीदते हैं.
ट्रम्प का देश अमेरिका तो मजबूत है लेकिन और देशो का क्या हाल होगा जिनकी अर्थव्यवस्था उतनी अच्छी नहीं है
प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी
सिंगापुर,चीन अधिकतर देश के प्रधानमंत्री सबका बयांन टैरिफ को लेकर आक्रामक आया है,उनका कहना ये शुल्क काफी नुकसानदायक होने वाला है लेकिन भारत के प्रधानमंत्री मोदी का अब तक कोई बयांन नहीं आया है,इतने बड़े ग्लोबल शुल्क पर मोदी क्यों चुप हैं ये तो सोचने वाली बात है ,हर बात पर गरीबों का मशीहा बताने वाले मोदी इस ग्लोबल घटना पर अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रहे है जब की ये मुद्दा भारत ही नहीं समूचे विश्व का मुद्दा है,वैसे तो भारत के नेता हमेशा ये कहते रहते है की भारत ग्लोबल लेवल पर आगे बाद रहा है,भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रह है ,लेकिन इस ग्लोबल मुद्दे पर ये नेता चुप क्यों है,बीजेपी सरकार का कोई नेता इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है,अगर बात हिन्दू मुस्लिम की ,धर्म की,हो तो सारे नेताओं का बयान आना शुरु हो जाता है ,कोई नेता पीछे नहीं हटता है क्योंकि की इससे वोट इक्क्ठा होता है