
रमजान में ही क्यों हुआ युद्ध
रमजान का पाक महीना चल रहा है ऐसे में हर कोई शांति,तरक्की,एकता का संदेश दे रहा है,अलग-अलग मुल्कों में बैठे लोग रमजान के इस महीने में शांति की दुआ कर रहे हैं लेकिन एक तरफ यह भी सोच रहे हैं कि आखिर यह दुनिया जा कहां जा रही है क्योंकि दूसरी ओर कुछ देश में आपसी युद्ध हो रहा है जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ने वाला है,ईरान हमला कर रहा है सऊदी अरब पर कुवैत पर,कुवैत साथ दे रहा है अमेरिका का,ईरान ने 8 देश पर जमकर हमला किया है हर सेकंड मिसाइल छोड़ी जा रही है,आए दिन खबर आ रही है लोगों के मरने की,आखिरी रमजान के महीने में युद्ध क्यों हो रहा है
रमजान के महीने को नापाक बनाने की साजिश- रमजान मुसलमान का पवित्र माह माना जाता है जिसमें सभी मुसलमान अपनी अल्लाह की इबादत करते हैं पांच वक्त का नामज अदा करते हैं,पवित्र कुरान की तिलावत करते हैं लेकिन इस बार का रमजान में कुछ अलग ही नजर आ रहा है,रमजान के महीने में ही ईरान,इजरायल, कुवैत,अमेरिका और भी अन्य देश एक दूसरे से युद्ध करने में लगे हुए हैं,इस पाक महीने में मुसलमान अल्लाह की इबादत करते हैं,तरावी पढ़ते हैं,दिन भर रोजा रखते हैं,एक दूसरे के लिए शांति का पैगाम देते हैं इस महीने में,कुछ अरब देश ऐसे हैं जो खून खराबा में उतर आए हैं,आपको बता दें कि तकरीबन 11 मुस्लिम देश के लोग इस समय यानी कि रमजान के पाक महीने में डरे हुए हैं, घरों में छिपकर बैठे हुए हैं ताकि कहीं से कोई हमला न हो जाए,कब कहां से मिसाइल आकर गिर जाए किसी को कुछ नहीं पता,सारे लोगों को घर से निकलने में भी डर लग रहा है,खाना,पीना,घूमने,सोना सब कुछ तबाह हो गया है,ना दुबई सुरक्षित है ना अबू धाबी,ना कुवैत ईरान सारे देश के लोग डरे हुए हैं,इसराइल और अमेरिका ईरान पर लगातार हमलावर है,लोग इस उम्मीद पर जी रहे हैं कि उनकी जिंदगी किसी तरीके से बच जाए,लोग सदमे में है कि कहीं से कोई आफत उनके ऊपर ना आ जाए,जब से ईरान पर हमला हुआ है उसके बाद ईरान सभी देशों पर लगातार इरा मिसाइल दाग रहा है,हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं,संयुक्त अरब अमीरात,सऊदी अरब,बहरीन,कुवैत,कतर,इराक,जॉर्डन, ओमान सभी देशों पर ईरान अकेले हमला कर रहा है, आपको बता दे की पूरी दुनिया में लगभग 32% आबादी वाले मुसलमान इस समय खतरे के निशान पर खड़े हैं, आपको बता दे कि अमेरिका और इसराइल दोनों देश मिलकर ईरान पर लगभग ढाई हजार मिसाइल धागे है, ईरान ने भी अभी तक 1800 मिसाइल दाग चुके हैं
32% मुसलमान आबादी वाले देश संकट में है:
आपको बता दे कि लगभग 32% मुसलमान आबादी वाले देश अभी संकट में जी रहे हैं उन्हें डर है कि कब मौत उनको उठा ले जाए,रमजान के इस पाक महीने में लोग शांति का पैगाम लिए फिरता है तो उधर खाड़ी देश एक दूसरे की जान लेने पर आमादा है,लगभग हजारों मिसाइल कीड़ों की भर्ती एक दूसरे देशों पर जा गीर रहे हैं,आपको बता दे कि ईरान ने अपने आसपास के 11 देश पर जमकर हमला किया है,आपको बता दे की 55 घंटे के अंदर लगभग 3000 से ज्यादा मिसाइल और द्रोण के इस्तेमाल किया जा चुके हैं ईरान की तरफ से, वही भारत में मुसलमान शांति के साथ नमाज अदा कर रहे हैं,कुरान की तिलावत कर रहे हैं,अपने पवित्र त्योहार ईद की तैयारी कर रहे हैं हालांकि ईरान के सुप्रीम लीडर खान की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन हो रहे हैं, उनके चेहरे पर दुख नजर आ रहा है खासकर शिया समुदाय के लोग इसका जमकर विरोध कर रहे हैं
विपक्ष भी कर रहा है प्रदर्शन:
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर खूब मिसाइल और द्रोण बरसाया ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत भी हो गई जिससे भारत का भी आपसी सौहार्द कुछ बिगड़ा सा नजर आ रहा है,भारत के कुछ राज्यों में मुसलमान ने जमकर इसका विरोध प्रदर्शन किया,वहीं विपक्ष के लोग मौखिक रूप से प्रदर्शन कर रहे हैं,सोचने वाली बात है इसराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया,लड़ाई चल रही है ईरान और अन्य देशों के बीच,ईरान लगभग 11 देश पर जमकर हमला कर रहा है हजारों मिसाइल से ईरान ने हमला किया लेकिन भारत में परेशान विपक्ष की पार्टियां है,विपक्ष का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे गंभीर मुद्दों पर चुप क्यों है,विपक्ष का कहना है कि ईरान के सुप्रीम लीडर के मौत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अभी तक क्यों नहीं कुछ बोला,आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक दुख क्यों नहीं जाताया,आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल अमेरिका ईरान में हो रहे युद्ध पर कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं,लेकिन आपको बता दे ऐसे बहुत से मुस्लिम देश है जो ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर कोई दुख नहीं जताये,आखिर विपक्ष इसे मुद्दा क्यों बना रहा है,अगर प्रधानमंत्री मोदी कुछ नहीं बोल रहे हैं तो इससे भारत को कोई नुकसान होने वाला नहीं है इस बात को विपक्ष को समझना चाहिए