वक़्फ़ बिल दोनों सदन में पास
वक़्फ़ बिल दोनों सदन में पास,देशभर में मुस्लिम संगठनो में वक़्फ़ बिल का जमकर विरोध किया 3 अप्रैल 2025, गुरुवार को संसद के अंदर लोकसभा में 288 सांसदों के समर्थन के साथ पास हो चुका है जबकि इसके विरोध में 232 वोट पड़े।कोई दंगा ना हो,इसलिए सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये है ,कितने जगहों पर सरकार ने ड्रोन से निगरानी कर रही है ,जहा जहाँ नमाज अदा की जा रही है वहां वहां सुरक्षा के इतंजाम तगड़े किये जा रहे है ,लखनऊ के इमामबाड़ा में भी सुरक्षा बढ़ाई गयी है ,शुक्रवार का दिन yani जुम्मे का दिन है इसलिए शांति बनाये रखने के लिए सरकार ने कड़ी कड़ी से सुरक्षा की है ,कही कोई दंगा न हो सब सौहार्द पूर्ण तरीके से रहे ,आपको बता दे वक्क्फ़ बिल दोनों सदनों में पास hone के बाद अब राष्ट्रपति के पास जायगा कानून बनने के लिए । आपको बता दे कुछ मुस्लिम संगठन और तथाकथित धर्मनिरपेक्ष पार्टियां,इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्डi इस बिल का जमकर विरोध कर रही है,इनका कहना है की इस कानून को साम्प्रदाइक तरीके से बीजेपी इसे लागू करना चाहती है

वक्फ संशोधन बिल क्या है?
वक्फ बोर्ड में बदलावों को लेकर मोदी सरकार ने दो http://www.news24hourslates.in विधेयक पेश किए हैं जिनके नाम हैं- वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024। इसे 8 अगस्त, 2024 को लोकसभा में पेश किया गया।वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 संसद के सदन लोकसभा में 8 अगस्त 2024 को पेश किया गया। इसका उद्देश्य मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 और वक्फ अधिनियम, 1995 के अंदर संशोधन करना है,आपको बता दे। संपत्ति के मामले में वक्फ बोर्ड तीसरे नंबर पर आता है। उसके पास आठ लाख एकड़ से अधिक जमीन है। बोर्ड की अनुमानित संपत्ति 1.2 लाख करोड़ रुपये है। 2009 में वक्फ बोर्ड के पास कुल 4 लाख एकड़ जमीन थी,वक़फ बोर्ड में अभी तक अभी तक वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष के अलावा प्रदेश सरकार के सदस्य, मुस्लिम सांसद, विधायक, बार काउंसिल के सदस्य, इस्लामी विद्वान शामिल रहते थे
वक़फ बिल में क्या संशोधन हुआ
पिछले अधिनियम में जो भी कमी है उन कमियों को दूर करना।
वक़फ बिल में गैर मुस्लिम और महिलाओं को शामिल करना
जिलाधिकारी को वक़फ संपत्ति की देख रेख करना वक़्फ़ बिल दोनों सदन में पास,देशभर में मुस्लिम संगठनो में वक़्फ़
सरकार का कहना है इससे पारदर्शिता बनी रहेगी,मुस्लिम महिलाओं और गरीबो को फ़ायदा पहुंचेगा
विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का कहना है की वक़फ सम्पतियों में लापरवाही होगी ,सरकारी दबाव रहेगा,इससे आपसी सौहार्द बिगड़ेगा
वक़्फ़ कानून का विरोध https://news24hourslatest.in/%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%ab/
मुस्लिम संगठनों का कहना है की यह मुस्लिमों की धार्मिक आजादी पर हमला है,वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा करने के उद्देश्य से विधेयक लाया जा रहा है। विपक्षी दलों का तर्क यह भी है कि कानून संविधान के खिलाफ है। तानाशाही तरीके से लाया गया है। संयुक्त संसदीय कमेटी में शामिल विपक्ष के सदस्यों के संशोधनों को शामिल नहीं किया गया है।
सपा सांसद इकरा हसन का कहना है
,’इस बिल के कानून बनने पर वक्फ बोर्ड तो इस प्रोविजन से हाथ धो बैठेगा, लेकिन अन्य धार्मिक ट्रस्टों को ये सुविधा जारी रहेगी. इससे भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 15 का सीधा उल्लंघन है.”
AIMIM के प्रमुख,हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी में बिल के विरोध में जमकर दहाड़ा,
अपने भाषण के दौरान ओवैसी ने बिल को ‘असंवैधानिक कृत्य’ बताते हुए वक्फ संशोधन विधेयक की कॉपी को फाड़ दी,उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मेरी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को निशाना बना रही है। ओवैसी का कहना है कि इस विधेयक से अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन होता है।
कांग्रेस के प्रखर वक्ता ,सांसद और शायर ने कहा है की ,”कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा,
“संविधान का आर्टिकल 14 हो, 29 हो, 30 हो, चीख-चीख कर कहता है कि देश में सब बराबर के हकदार हैं. आर्टिकल 26 कहता है कि सबको अपने-अपने मजहबी कामों के लिए मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारों का निर्माण करने का हक है और उसके रखरखाव का भी हक है, लेकिन डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान को हर दिन कुचलने वाली ये सरकार देश के मुसलमानों से नफरत में इतनी अंधी हो गई है कि खुलेआम देश की संसद में सरकार के माइनॉरिटी मिनिस्टर साहब और होम मिनिस्टर साहब झूठ बोलते हैं और देश को गुमराह करते हैं.”
आपको बता दे की लोक सभा 12 घंटे डिबेट होने के बाद में वक़फ बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े वही विपक्ष में 232 वोट पड़े ,वही दूसरी तरफ राज्यसभा में बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद देर रात 2 बजे के बाद वोटिंग कराई गई। इस दौरान सत्ता पक्ष बिल पास कराने में सफल रहा। वक्फ संशोधन बिल के पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 वोट पड़े। वक़्फ़ बिल दोनों सदन में पास,देशभर में मुस्लिम संगठनो में वक़्फ़

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