न राज्य पूछा,न जाति पूछी,न देश पूछा,पूछा तो क्या पूछा की तुम हिंदू हो,फिर मौत के घाट उतार दिया

आखिर आतंकवादियों ने हिंदू को ही क्यों निशाना बनाया,धर्म पूछ कर गोली क्यों मारी,टूरिस्टों के पास जाकर बोले अपनी पैंट उतारो आतंकी ये देखना चाहते थे की वो हिंदू है या मुसलमान,जब देखा की हिंदू है तब गोली मार दी, चंद रोज पहले एक आतंकी के अंतिम संस्कार के दौरान लश्कर के आतंकी बकायदा नारे लगा रहे थे “इंशाल्लाह हम गोलियों की बौछार से गर्दने काटेंगे,इतना जहरीला नारा की आप सोच भी ही सकते,क्या इसका कन्सेशन पहलगाम हमले से तो नहीं है,न राज्य पूछा,न जाति पूछी,न देश पूछा,पूछा तो क्या पूछा की तुम हिंदू हो,फिर मौत के घाट उतार दिया
पहलगाम आतंकी हमला,क्या ये आतंकी तहवूर राणा का बदला लेने आए थे
हमेशा कहा जाता है की आतंकवादियों की कोई जाति नहीं होती,कोई धर्म नही होता,फिर धर्म देख कर गोली क्यों मारी गई,क्या अब आतंकवादियों की जात सामने आ गई है,आतंकवादी किसी मजहब का नही होता तो इन आतंकियों ने मजहब को क्यों चुना,क्या ये सोची समझी साजिश थी,आखिर आतंकी आर्मी और पुलिस की वर्दी में कैसे आ गए,क्या इनको किसी आर्मी वालों ने पहचाना नहीं,क्या इस हमले से आतंकी कश्मीर में हिदूओ को डरा धमका कर रखना चाहते है या फिर कश्मीर में हिंदू के लिए कोई जगह नही है,आज आतंकियों ने जो आतंकवाद का मजहब बताया है उसके बारे में देश को सोचना पड़ेगा,जो लोग मारे गए है पहलगाम हमले में वो लोग अगर हिंदू ना होते तो जिंदा होते,क्या इस देश के मुसलमान इसका विरोध करेंगे,क्या वे आगे बड़कर इन आतंकवादियों को जिंदा पकड़ने या फिर गोली मारने में समर्थन करेंगे,क्या इस देश के मुसलमान इस हमले से तालुकात रखेंगे
ये हमला हिंदुओं के ऊपर कोई नया नही है,कश्मीरी पंडितों पर हमला,लाखों हिंदू इसी डर से कश्मीर छोड़ कर भाग गए,हिंदुओं के लिए कश्मीर कब्रिस्तान बन गया है,हिंदुओं के साथ ऐसा नरसंहार हमेशा से होता रहा है सोचिए अगर इस देश में मुसलमानों के साथ ऐसा हो तो फिर क्या होगा,लेकिन ये मुसलमानों के साथ ऐसा नहीं होगा,क्योंकि मारने वाला आतंकी अब धर्म पूछ कर मार रहा है,क्या इस घटना का कनेक्शन तहव्वुर राणा से है जो महज कुछ दिन पहले ही भारत लाया गया है,पर्यटन के नाम पर कश्मीर में नरसंहार बढ़ता जा रहा है,इस हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ जैसे संगठन ने ली है,ये वही टीआरएफ़ (द रजिस्टेंस फ्रंट) संगठन है जिससे लश्कर-तैयबा इस्तमाल करती है,इस आतंकी संगठन टीआरएफ ने कई घटनाओं को अंजाम दे चुका हैं,टीआरफ का कहना है कि जम्मू कश्मीर में गैर स्थानीय लोगों को बसाया जा रहा है,उनका कहना है कि अगर ऐसे ही अवैध तरीके से लोगों को बसाया जायेगा तो यही अंजाम देखने को मिलेगा. http://news24hourslatest.in
क्या ये सरकार की विफलता का परिणाम है की आज आतंकवादियों ने हिंदुओं को चुन चुन कर मार डाला,केंद्र की सरकार जब ये दावा करती है की देश सुरक्षित हाथों में है तो फिर ये हमले कैसे हो रहे है,आखिर कौन है इसका जिम्मेदार,बीजेपी सरकार का वो भाषण याद कीजिए जिसमे उन्होंने बोला था की धारा ३७० खत्म होने के बाद आतंकवाद का नमो निशान नहीं होगा,लेकिन यहां तो ठीक उल्टा हो गया,यहां तो आतंकी नाम पूछ कर गोली मार रहे है ,आखिर क्यों आतंकवादियों में वो डर नही है की जो हम कर रहे है उसका परिणाम क्या हो सकता है
जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट जारी हो गया है,पहले दिल्ली में ही गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो के जरिए सीआरपीएफ,बीएसएफ,आर्मी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की उसके तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह पहुंच चुके हैं कश्मीर,अधिकारियों के साथ मीटिंग जारी है,अब देखना है की गृह मंत्री,प्रधानमंत्री मोदी इन मासूमों के मौत का बदला कैसे लेंगे कबतक लेंगे,ये हिंदुओं की सरकार है और नारा लगता है की गर्व से कहो हम हिंदू है,अब ये देखना है की इन हिंदुओं का बदला मोदी सरकार कैसे लेती है