आज होने वाला है सुप्रीम कोर्ट की वक्फ कानून पर सुनवाई ,तीन जजों वाली पीठ सुनवाई करेगी

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश,संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और के वी विश्वनाथन की बेंच मामले पर सुनवाई करेगी,आज होने वाला है सुप्रीम कोर्ट की वक्फ कानून पर सुनवाई ,तीन जजों वाली पीठ सुनवाई करेगी बता दे की वक्फ कानून को लेकर देश भर मे कही विरोध हो रहा है तो कही समर्थन,पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मुस्लिम संगठनों ने इस कानून का जमकर विरोध किया है
बतायत उलेमा -ए- हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने वक्फ कानून को असंवैधानिक करार देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.बता दे इससे पहले 5 और याचिकाएं कोर्ट में दाखिल हो चुकी हैंAIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है,ओवैसी ने संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है,ओवैसी का कहना है कि ये कानून धर्म के आधार पर भेदभाव को दर्शाता है ,असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी याचिका में कहा है कि संशोधन अधिनियम उन विभिन्न सुरक्षाओं को समाप्त कर देता है,
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मोहम्मद फजलुर्रहीम ने कहा है कि,किसी भी अधिनियम को अलग थलग कर के नहीं देखा जाना चाहिए ,उसको हर संदर्भ में देखा जाना चाहिए की उसका क्या असर पड़ता है
कांग्रेस के तेज तर्रार नेता,राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख अपनाया है इसके साथ ही कांग्रेस,टीएमसी,राजद और भी पार्टियों के नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है,इन याचिकाओं में लिखा है की नया वक्फ कानून संविधान के अनुच्छेद 14, 15 (समानता), 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) 26 (धार्मिक मामलों की व्यवस्था) और 29 (अल्पसंख्यक अधिकार) जैसे मौलिक अधिकारों के विरुद्ध है.उन्होंने इसे मुसलमानो के साथ भेदभाव वाला कानून बताया है,इन सभी ने कानून पर रोक लगाने की मांग की है
इसका जवाब देते हुई केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून के खिलाफ डाली गई याचिका पर रोक लगाने की मांग की हैं,केंद्र सरकार में कैविएट दाखिल की है,मतलब किसी का पक्ष सुनने से पहले सुप्रीम कोर्ट पहले केंद्र सरकार की बात सुनेhttp://news24hourslatest.in
वक्फ कानून का समर्थन करते हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दायर की है जिसमे कहा गया है की राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन का जिम्मा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड को सौंपा गया है,जो की इस मामले का महत्वपूर्ण पक्ष है ,बोर्ड की मुताबिक उत्तराखंड राज्य के पास लगभग 5,317 वक्फ संपत्तियां हैं. राज्य ने कहा है की अचानक वक्फ संपति में इतनी वृद्धि कैसे हो गई,उनका कहना कितने वक्फ संपत्तियों पर अन्य लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है,उत्तराखंड उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी का कहना है की वक्फ बोर्ड की संपति पर अवैध कब्जों की जांच हो ,उनका कहना हैं की पिछले कई वर्षों से चले आ रहे अवैध करोड़ों की संपति कब्जे में है जिसकी जांच होनी चाहिए,अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी का कहना है की इस नए वक्फ कानून से मुसलमानो को कोई नुकसान नहीं होगा ,उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है जिस भूमि पर अस्पताल,स्कूल,कॉलेज बनना चाहिए था वो भूमि कब्जे में हो गई ,इसका लाभ मुसलमानो को नहीं मिल पाया,वही उत्तराखंड वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष शादाब शम्स का कहना है की वक्फ बोर्ड में अवैध कब्जों की सीबीआई जांच होनी चाहिए। वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों, मुतवल्ली और कर्मचारियों ने सरकार के संरक्षण में वक्फ बोर्ड को लूटा है, चाहे मेरा कार्यकाल हो या इससे पहले के कार्यकाल सबकी जांच होनी चाहिए।,अब देखना है की आज होने वाला है सुप्रीम कोर्ट की वक्फ कानून पर सुनवाई ,तीन जजों वाली पीठ सुनवाई करेगी
आपको बता दे की कई राज्य सरकारें भी वक्फ कानून के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है ,इन राज्यों ने कहा है कि नया वक्फ कानून पारदर्शी, न्यायपूर्ण और व्यवहारिक है. कानून के खिलाफ दाखिल याचिकाओं का विरोध करते हुए इन सभी राज्यों ने अपना पक्ष भी सुने जाने की मांग कोर्ट से की है.
