news24hourslatest

ईरान संकट:क्या होगा अब ईरान का 

ईरान संकट:क्या होगा अब ईरान का

ईरान की स्थिति इस समय बेहद ही तनावपूर्ण है क्योंकि ईरान के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं,ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्ला खामनेई के खिलाफ लोग नारे लगा रहे हैं,उनकी तस्वीर जला रहे हैं,आपको बता दे की सबसे अधिक आर्थिक मुद्दों को लेकर वहां विरोध प्रदर्शन हो रहा है,जिसके कारण विरोध प्रदर्शन दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं नतीजा वहां की इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई ताकि सूचना का आदान-प्रदान न हो,एक दूसरे को लोग खबर ना पहुंच ताकि एक जगह की बात दूसरी जगह तक न जाए और माहौल ना बिगड़े,अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन हुआ है तो मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है और जिसके कारण पूरी दुनिया प्रभावित हो सकती है

तेहरान में आंदोलन नया नहीं:

आपको बता दे कि तेहरान में यह पहला आंदोलन नहीं है इसके पहले भी बहुत सारे विरोध प्रदर्शन हुए हैं,हमेशा ईरानी हुकूमत उसे दबाने में सफल रही है और इस बार भी ऐसा ही जान पड़ रहा है और ऐसा कहा जा रहा है कि जब तक प्रदर्शनकारियों को बाहर से समर्थन नहीं मिलेगा तब तक ईरान में शायद ही कोई बदलाव हो सकेगा यानी कि ईरान के लोगों को बाहरी सौगात की जरूरत है अगर इराक को सुधारना है तो

अमेरिका करेगा ईरान के लोगों की मदद:

आपको बता दे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ-साफ कहा है कि प्रदर्शनकारी आंदोलन अपना जारी रखें अमेरिका उनकी हर संभव मदद करेगा,ट्रंप ने चेतावनी दि है की यदि तेहरान प्रदर्शनकारियों को फांसी देता है तो फिर वाशिंगटन बहुत सख्त कार्रवाई करेगा, ईरान में इरफान सुल्तानी की फांसी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेसाक़ियान आंदोलन के विरोध की चिंता जाता रहे हैं और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने की आशंका भी बता रहे हैं,वैसे ईरान में एक बड़ा तबका आज भी सुप्रीम लीडर खामनेंई और उसकी शासन व्यवस्था पर विश्वास रखता है और उनके खिलाफ कोई नारेबाजी नहीं करता है

रूस नें क्या प्रतिक्रिया दी:

आपको बता दे कि रूस ने भी अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है और ट्रंप का बयान आए और रूस अपनी प्रतिक्रिया ना दे ऐसा हो ही नहीं सकता,आपको बता दे की वेनेजुएला की तरह ईरान भी रूस का करीबी सहयोगी देश है,आपको बता दे कि यह टकराव जो है वह मध्य पूर्व के शक्ति संतुलन से जुड़ा हुआ,मध्य पूर्व सुन्नी बहुल और सिया बहुत वाले देश के बीच तनातनी पुरानी है,इसराइल और ईरान के बीच तनाव काफी हद तक है,इजराइल व सुन्नी बहुल अरब देश सिया बहुकतायत वाले ईरान के सामने खड़े रहते हैं और आपको बता दे कि अमेरिका इसमें सुन्नी बहुल देशों का साथ देता है और अगर वह तेहरान में सत्ता परिवर्तन करने में सफल रहा तो अमेरिका का दौर मध्य पूर्व देशों में भी बढ़ जाएगा और इससे शक्ति संतुलन सुन्नियों के पक्ष में चल जाएगा और आपको बता दे कि मास्को भी इसी बात से चिंतित है,वास्तव में रूस,ईरान और चीन ऐसे देश हैं जो अमेरिका के साथ सीधा मुकाबला कर सकते है

यदि ईरान पर अमेरिका ने हमला किया:

आपको बता दे कि यदि ईरान पर अमेरिका करवाई करेगा तो रूस और अमेरिका आमने-सामने आ सकते हैं और इससे पूरे विश्व में अशांति फैलेगी,भारत की भी यही प्रमुख समस्या है कि अगर ईरान वापस अपनी पटरी पर जल्दी नहीं आता है और मध्य पूर्व देश में तनाव और बढ़ता है तो इससे नई दिल्ली को भी परेशानी हो सकती है,हालांकि यह भी सच है कि ईरान और भारत का उतना अधिक व्यापारिक संबंध नहीं है खासतौर से अमेरिकी प्रतिबंध के बाद से तो और कारोबार खराब हो गया है

भारत नहीं खरीदेगा ईरान से तेल:

आपको बता दे कि अमेरिका ने यह धमकी दी है की जो भी देश ईरान से व्यापार करेगा उस देश पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा इसी कारण भारत भी उनसे ज्यादा तेल नहीं खरीद देगा,आपको बता दे कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर अतिरिक्त 25% सीमा शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है जो देश ईरान से व्यापार कर रहे हैं यदि ईरान में बाहरी मदद से सत्ता बदलता है तो मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन बिगड़ सकता है, लिहाजा ईरान में जल्द शांति पाना बहुत जरूरी है ताकि वहां आए दिन विरोध प्रदर्शन ना हो और लोग ना मारे, वहां की स्थिति किसी के लिए ठीक नहीं है,भारत की भी यही चिंता है अगर ईरान जल्द ही अपने पैरों पर खड़ा नहीं होता है तो आगे चलकर ईरान का क्या हश्र होने वाला है जानने के लिए पढ़ते रहिये मेरा न्यूज़ चैनल

Author

  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

    View all posts
Exit mobile version