
ग्रीनलैंड को कैसे जीतेंगे ट्रंप
अमेरिका दिन प्रतिदिन कोई न कोई ऐसा काम कर रहा है जिससे पूरी दुनिया की निगाहें उस पर चली जा रही है, पिछले कुछ महीनो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार सुर्खियों में बने रह रहे हैं,2025 में जब पाकिस्तान में भारत के पहलगाम पर हमला किया उसके बाद भारत में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों को मारा और जब दोनों देशों के बीच जंग की समाप्ति हुई तो डोनाल्ड ट्रंप का कहना था कि यह जंग उनके वजह से बंद हुआ,उसके बाद लगातार वह यह कहते आ रहे हैं कि उन्होंने 7 देश के युद्ध रूकवाये उसके बाद भारत पर रूस से तेल लेने पर टैरिफ लगाया,उसके बाद वेनेजुएला पर हमला किया और अब ग्रीनलैंड को धमकी दे रहा हैं
ग्रीनलैंड को कैसे जीतेंगे ट्रंप:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल का प्रयोग नहीं करेंगे और वह यह भी कह रहे हैं कि वह चाहते हैं कि नाटो अमेरिका को ये क्षेत्र बिना किसी विघ्न के दे दे डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका नाटो देश के लिए बहुत कुछ किया है बदले में उसे बहुत कम मिला है, उन्होंने कहा कि अगर आप ग्रीनलैंड कब्जा करने में हमारा साथ देंगे तो यह अमेरिका आपका आभारी रहेगा, ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण से नाटो गठबंधन और मजबूत होगा और उसे कोई खतरा भी नहीं होगा, अमेरिका बस यह चाहता है कि उसे ग्रीनलैंड मिल जाए
अमेरिका ग्रीनलैंड का सम्मान करता है:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि कोई भी दूसरा देश ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता केवल अमेरिका ग्रीनलैंड और डेनमार्क के लोगों का सम्मान करता है,उसकी रक्षा कर सकता है,ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय देश को अमेरिका से सीखना चाहिए क्योंकि यूरोप को उसकी आर्थिक नीतियों से काफी नुकसान हुआ है और जबकि अमेरिका में ऐसा नहीं हुआ है अमेरिका में बदलाव हुआ है,अमेरिका यूरोप का संबंध बहुत अच्छा है यूरोप सही रास्ते पर नहीं चल पा रहा है इसलिए हम चाहते हैं कि हमारा संबंध अच्छा रहे ताकि भविष्य में ऐसी कोई दिक्कत ना हो,आपको बता दे की 32 देश का समूह है नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन
अमेरिका बहुत शक्तिशाली है:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को बचाया और डेनमार्क को सौंप दिया उस समय हम शक्तिशाली थे लेकिन अब हम और अधिक शक्तिशाली हो गए हमने डेनमार्क के लिए बहुत लड़ाई लड़ी,इसलिए हम चाहते हैं कि डेनमार्क हमारी बात माने और नाटो देश भी हमारी बात माने और ग्रीनलैंड को अमेरिका को सौंप दे आपको बता दे की चीन और रूस का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा है कि इन देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र है इस पर कब्जा करने के बाद पूरा नाटो मजबूत हो जाएगा और इसकी सुरक्षा भी होगी उन्होंने यह भी कहा कि हम खनिजों के लिए नियंत्रण नहीं चाहते हैं बल्कि इसके पीछे अन्य राजनीतिक कारण है
टैरिफ के प्लान को स्थगित कर दिया:
आपको बता दे की ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए अमेरिकी योजना का विरोध करने वाले नाटो देश पर जो अमेरिका ने टैरिफ का दावा किया था वह फिलहाल अभी स्थगित कर दिया गया है,राष्ट्र अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि नाटो के साथ हुई बातचीत से अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर एक सुरक्षित समझौता करने की तलाश में है,आपको बता दे कि नाटो ने भी अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि ट्रंप का यह भाषण बेहद सार्थक है,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए वह कोई भी बल का प्रयोग नहीं करेंगे
भविष्य की रणनीति हो रही है तैयार:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ग्रीनलैंड के साथ भविष्य के लिए फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है अगर ये फ्रेमवर्क लागू होता है तो यह अमेरिका ग्रीनलैंड और नाटो देश के लिए भी बहुत अच्छा रहेगा, जैसे-जैसे जानकारी आगे बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे हमारी और स्थिति मजबूत होती जाएगी,आपको बता दे कि अमेरिका ने ग्रीनलैंड सहित पूरे आर्थिक क्षेत्र को लेकर भविष्य के लिए फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है,आपको बता दे कि डेनमार्क के साथ हुए समझौते पर अमेरिका ग्रीनलैंड में जितना चाहे उतना सैन्य ताकत इस्तेमाल कर सकता है,आपको बता दे कि वैसे भी अमेरिका उत्तर-पश्चिमी सिरे पर स्थित पिटुफ़िक देश में 100 से ज्यादा स्थाई रूप से सैनिक तैनात किए हुए है,अब देखते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नाटो के बीच हुई बातचीत का असर कितना पड़ता है
