
घिबली के जंजाल में फसे युवा,नेता,बच्चे महिलाएं
भारत एक ऐसा देश है जहाँ कोई भी एप्लीकेशन लांच होता है तो सारी भीड़ उसके तरफ भागने लगती है ,जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का रामबड़ है भारत के नेताओं के पास,जब कभी बेरोजगारी,भुखमरी,भ्रस्टाचार्य,की बात इस देश में होती है तब तब कोई ऐसा मुद्दा आ टपकता है जिसमे अधिकतर युवा उलझ कर रहे जाते है ,
जिस देश में सरकारी नौकरी में बहाली नहीं हो रही है ,लोग डिग्री लेकर सड़कों पर आन्दोलंन कर रहे है ,गरीबों को बस रासन पानी में उलझाया जा रहा है उस देश में में कभी PUBG ,FREE FIRE जैसे जोखिम भरे गेम,तो अब घिबली जैसे एनीमेशन में फसा कर ज़िन्दगी दाव पर लगा रहे है ,
आपने सुना होगा PUBG ने कितने बच्चो की जान ले ली,आखिर भारत के युवा इन जालों में फस क्यों रहे है ,शिक्षा के नाम पर इस भारत के नेताओं के मुँह में दही जम जाता है,क्या भारत में इतना शिक्षा का आभाव है की युवा जिसे देश का भविस्य कहा जाता है,इन जालों में फसते जा रहे है ,अभी तक नमाज ,नवरात्र को लेकर हिन्दू मुस्लिम डिबेट हो रहा था ,नमाज सड़कों पर पढ़े या रोड पर ,नवरात्र की फलहार पार्टी कैसे दे इन्ही सब मुद्दों से ध्यान भटक रहा था की अब घिबली आ गयी ,लोगबा अपने मूल अधिकारों को भूल चुके है ,हमारे सड़क ,नाली ,बिजली ,महगांई सब भूल कर फालतू के कामों में उलझ रहे है ,हम डिजिटल के नाम पर सिर्फ फेसबुक,इस्टाग्राम जानते है ,भीड़ का एक तबका जो हॉस्पिटलों में दर दर भटक रहा है ,नौकरी ना मिलने के वजह से ख़ुदकुशी कर रहा है आख़िरकार कब तक ऐसेचलता रहेगा ,जिस देश में सबका साथ सबका विकास का नारा दिया जा रहा है वहां विकास के नाम पर AI ,PUBG ,FREE FIRE ,GHIBALI मिला है,आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है ,इस अमृत में ये सब विष घोलने का काम रहे है,जनता भी इसे स्वीकार भी कर रही है ,अभी भी समय आपके पास है संभल जाओ इन कुचक्रों से बच्चों और अपने भविष्य पर ध्यान द।