
जानिए क्यों मनाई जाती है चैत्र नवरात्रि
मान्यता है कि जब महिषासुर का आतंक धरती पर बढ़ता जा रहा था,सारे देवता ,दानव भी उसके आतंक से भयभीत थे,उसे हराने में असमर्थ थे ,उसे वरदान प्राप्त था कि कोई भी देवता या दानव उसे हरा नहीं सकता, अंततः समस्त देवताओं ने माता पार्वती को प्रसन्न करने के लग गए,और चैत्र महीने में ही माता को प्रसन्न कर अपनी रक्षा करने का अनुरोध किया,उसके बाद माता ने सभी 9 रूप प्रगट किए और सभी देवताओं में माता को शस्त्र दिया जो नौ दिनों तक चलता रहा इसलिए ये चैत्र नवरात्री मनाई जाती है,चैत्र नवरात्रि के अंत में राम नवमी आती है ऐसा माना जाता है कि प्रभु श्री राम का जन्म राम नवमी के दिन ही हुआ था,चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि का आरंभ होता है, चैत्र नवरात्रि के व्रत का अलग ही महत्व है क्योंकि इस नवरात्रि में माता की आराधना विशेष रूप से होती है,भारत की विभिन्न विभिन्न राज्यों में चैत्र नवरात्रि खुशी और आत्मविश्वास के साथ मनाया जाता है विशेष रूप महिलाओं के द्वारा,आध्यात्मिक इच्छाओं की पूर्ति होती है इस नवरात्र में,देवी दुर्गा शक्ति का प्रतीक है,नवरात्र के नौ दिनों में किया गया तप और साधना व्यक्ति को पूर्ण रूप से आत्मविश्वास में भर देती है, मां दुर्गा की कृपा से हमारे मन में अंतर्निहित विकृतियों को दूर करती है तथा हमारे अंदर एक नई ऊर्जा का संचार करती है,मां दुर्गा में ब्रह्मा,विष्णु,महेश की समस्त शक्तियां समाहित है,
हिंदू नव वर्ष की शुरुआत
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विशेष उत्सव है, जिसे हिंदू नववर्ष आरंभ के रूप में मनाया जाता है।ऐसे मान्यता है की इस समय आदि पिता ब्रह्मा ने सृष्टि रचने का कार्य प्रारंभ किया। जिस प्रकार सूर्योदय से पूर्व काल को अमृत वेला कहते हैं, वैसे पूरे साल के लिए हमारी वृति, वातावरण, आचरण, प्रवृत्ति व पर्यावरण को नए सिरे से स्वस्थ, स्वच्छ, संतुलित, सुखद, समृद्ध व शक्तिशाली बनाने का शुभ वेला भी यह तिथि है।
आईये जानते है किसे कहते हैं संवत?
इस समय,जब कुछ दिन पहले होलिका जलाई गयी थी जिसमे हम पुरानी चीजों को जलाते है और मन में जलती हुई अग्नि को प्रणाम कर संकल्प लेते है की मन शुद्ध रहे,सफलता की तरफ अग्रसर हो वही वसंत ऋतु की हरयाली का अनुभव करता है जो हमारे अंदर नयी ऊर्जा प्रवेश करती है ,पुराने नकारात्मक विचार को हम दहन करते है । इसे ही संवत जलाना कहते हैं।
अष्टमी और नवमी एक ही दिन
इस साल चैत्र नवरात्र के दौरान अष्टमी और नवमी एक ही दिन छह अप्रैल को है। ऐसे में इस साल का नवरात्र आठ दिनों का होगा।
