
देखिए यूपी में भगवा की लड़ाई
प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच जंग प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है,एक तरफ शंकराचार्य के समर्थक तो दूसरी तरफ योगी के समर्थक आपस में भिड़ गए हैं,आपको बता दे की यह विवाद कालनेमी से लेकर औरंगजेब तक पहुंच गया है,एक तरफ अविमुक्तेश्वरानंद तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों आमने-सामने हो गए हैं,अब कहा जा रहा है कि यह लड़ाई शंकराचार्य के भगवा और योगी के भगवा के बीच में है
कालनेमि Vs औरंगज़ेब:
शंकराचार्य की लड़ाई अब राजनीतिक रूप ले चुकी है, मै आपको बता दे कि जब से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को माघ मेले में स्नान से रोका गया तब से लेकर अभी तक यह लड़ाई व्यापक हो चुकी है,इसका अब राजनीतिक रूप देखने को मिल रहा है एक तरफ योगी का प्रशासन है तो दूसरी तरफ कांग्रेस समाजवादी पार्टी यूपी सरकार पर हमलावर है,आपको बता दे की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए यह कहा कि कालनेमियों से सावधान रहना चाहिए तब से यह मामला और व्यापक हो चुका है, योगी के इस बयान के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी औरंगजेब,हिंदू नहीं हुमायूं का बेटा कहके और बवाल खड़ा कर दिया है
अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कहा:
अविमुक्तेश्वरानंद योगी आदित्यनाथ के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि औरंगजेब वही है जिन्होंने मंदिर को तोड़ा है,बड़ा आश्चर्य होता है कि जब मुख्यमंत्री के लिए औरंगजेब शब्द का इस्तेमाल किया जाता है तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को पीड़ा होती है,लेकिन जब हमारे देवी देवताओं के मंदिर तोड़े जाते हैं तब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष का बयान नहीं आता,तब उन्हें कोई पीड़ा नहीं होती है,वही अविमुक्तेश्वरानंद ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए,शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य ने माना कि प्रशासन से गलती हुई है,आपको बता दे की केशव प्रसाद मौर्य ने प्रशासन से कहा था कि विवाद को समाप्त करें
विपक्ष लगातार हमलावर है उत्तर प्रदेश सरकार पर:
जैसे ही शंकराचार्य का मुद्दा व्यापक होता दिखा अखिलेश यादव ने तुरंत शंकराचार्य को फोन करके उनका हाल-चाल पूछ,वही संजय सिंह जो आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद है उन्होंने भी माघ मेले में जाकर उत्तर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया, उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार साधु संतों का अपमान कर रही है,वहीं समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सनातन में चार शंकराचार्य होते हैं और एक शंकराचार्य को गंगा स्नान करने से रोका गया,यह हिंदू धर्म के खिलाफ है,यह सनातन का अपमान है जो भारतीय जनता पार्टी कर रही है,आगे शिवपाल सिंह यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भले ही केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री है लेकिन वह एक चपरासी का ट्रांसफर तक नहीं करा सकते,बजट पेश तक नहीं कर सकते हैं, भारतीय जनता पार्टी के लोग सनातन का ढिढोरा पीट रहे हैं,हर जगह पदयात्रा कर रहे हैं और लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रहे हैं