सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यूपी पुलिस पर पलटवार

सपा मुखिया उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस विभाग में नियुक्तियों को लेकर प्रश्न किया है,उनका कहना था की प्रयागराज की पुलिस को सिर्फ २५% प्रतिनिधित्व का अधिकार,इसे अखिलेश यादव ने “अनुपातिक अन्याय” बताया,सपा प्रमुख अखिलेश यादव का यूपी पुलिस पर पलटवार ,बता दे की अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगरा,मैनपुरी,प्रयागराज जैसे जिलों में पुलिस की भर्ती सवाल उठाया था उनका कहना था की पुलिस की भर्ती में दलित,पिछड़े,अल्पसंख्यक वर्ग को उतनी विशेष प्राथमिकता नहीं दी गई है जितनी देनी चाहिए,
अखिलेश यादव के नियुक्ति वाले बयान को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है,जिले में नियुक्तियों को लेकर अखिलेश यादव ने ये बयान दिया था ,सपा प्रमुख का दावा है की प्रयागराज में टोटल 44 पुलिस की पोस्टिंग हुई है जिसमे 14 पदों पर सिंह उपनाम वाले और 19 पदों पर अन्य पिछड़ा वर्ग वालों की पोस्टिंग हुई है जबकि केवल 11 पदों पर PDA(पिछड़ा,दलित,अल्पसंख्यक ) की पोस्टिंग हुई है,अखिलेश यादव ने पूछा है की 90 % पीडीए को केवल 25 % प्रधिनिधीत्व दिया गया,उनका कहना है पीडीए वर्ग के साथ जो नाइंसाफी हजोप रही है उसे राज्य सरकार ध्यान से,राज्य सरकार भर्तियों में जातीय संतुलन बनाए
अखिलेश के इस बयान का पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश की डीजीपी प्रशांत कुमार न अखिलेश के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है संवैधानिक पद पर रहते हुए व्यक्ति ऐसा कैसे बोल सकता है,अखिलेश के बयानों को खारिज करते ही बोला की थाना प्रभारी की नियुक्ति में 40 % ओबीसी ,एससी/एसटी वर्ग से है,उन्होंने विशेष जाति को टारगेट करते हुए कहा है कि इस जाति के लोगों की नियुक्ति ज्यादा है http://news24hourslatest.com
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर अखिलेश यादव का पलटवार
अभी बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का सुप्रीम कोर्ट के ऊपर दिया गया बयान ठंडा भी नही हुए था की एक फिर सुर्खियों में रहने के लिए निशिकांत दुबे ने फिर भारत पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी पर ही बयान दे डाला, दुबे का कहना है की एसवाई कुरैशी चुनाव आयुक्त नही बल्कि एक मुस्लिम आयुक्त थे ये मामला सुर्खियों में तब आया जब एस वाई कुरैशी ने भारत सरकार द्वारा वक्फ कानून लागू किया गया,उन्होंने वक्फ कानून की आलोचना की थी और कहा था की ये वक्फ कानून मुस्लिमों के खिलाफ है।,सरकार मुसलमानो की जमीन को अपने अधीन करना चाहती है,सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते कुरैशी ने कहा है की सर्वोच्च न्यायलय इस पर जरूर कोई न कोई कदम उठाएगा,इन्हीं सब बयानों को लेकर बीजेपी नेता दुबे ने कुरैशी को मुस्लिम आयुक्त कहा था,दुबे ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुरैशी के कार्यकाल में झारखंड में जो बांग्लादेशी घुसपैठ थे उन्हें मददाता बनाया गया,निशिकांत दुबे ने कुरैशी कि मामला सीधे उनके धर्म से जोड़ दिया,दुबे का कहना है की जब भारत में इस्लाम नही था तब से ये भूमि हिंदू की थी, बुद्धों की थी,यहां आदिवासी भी रहते थे,ये जमीन पर उनका कब्जा था उस समय,इसलिए बेहतर होगा की सरकार ने जो वक्फ कानून बनाया है उसका पालन मुस्लिम वर्ग को इसका पालन करना चाहिए,ये फैसला उनके हित में है
नेताओं को या फिर कोई पदाधिकारियों को ये मालूम है की मामला सुप्रीम कोर्ट में है,इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट करेगा,तो फालतू बयानबाजी से इस देश का नुकसान ही होगा,हमारे जो मूल मुद्दे है जैसे बेरोजगारी,महंगाई,भ्रष्टाचार सब भूल कर हम इन्हीं सब बातों में उलझे रहते है,सरकारें आपका मनोरंजन करती है,हम हम मनोरंजन के पात्र बनत जाते है,आप अपने हक के लिए लड़ो ना की इन नेताओं को बयानबाजी के लिए,इस देश में हर विभाग में कोई न कोई पद खाली है,किसी का सिलेक्शन हो गया है तो नियुक्ति नही हो रही है,आरोप प्रत्यारोप का दौर चलता रहेगा,लेकिन ये आपको सोचना है कि किस बात पर सरकार से लड़ना है किस पर नही,अब देखना है ये बयानबाजी का ड्रामा कब तक चलता रहेगा
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