
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से पूछे 4 सवाल
यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देश भर में विरोध हो रहा था हर जगह लोग नरेंद्र मोदी,अमित शाह का पुतला फूंक रहे थे,यहां तक की कई जगहों पर नरेंद्र मोदी की तस्वीर को चप्पल और जूते से मारा भी गया, यह केवल यूजीसी के नए नियम कानून के वजह से मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नियम पर रोक लगा दी अब अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है,आपको बता दे कि यूजीसी का जो नया नियम था उसमें जनरल कैटेगरी वाले छात्र और छात्राएं के खिलाफ भेदभाव का मामला था,उनका कहना था कि यूजीसी का नया नियम उनके लिए भेदभाव से परिपूर्ण है,इसलिए इसका जमकर विरोध हो रहा था मामला जब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी पर उठाया 4 सवाल:
1-दो परिभाषाएं क्यों:सुप्रीम कोर्ट ने दो परिभाषाओं पर सवाल उठाए है,सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से पूछा कि जब भेदभाव की परिभाषा में जातिगत शामिल है,तो अलग से जातिगत भेदभाव की परिभाषा क्यों दी गई,क्या यूजीसी का यह नया परिभाषा तर्कसंगत है जब कोई विशेष प्रक्रियात्मक तंत्र नहीं है,आपको बता दे जो जातिगत भेदभाव है वह केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति,अन्य पिछड़ा वर्ग के खिलाफ जाति के आधार पर है और जो केवल भेदभाव है वो धर्म,नस्ल, जाति,लिंग,जन्म स्थान,विकलांगता के आधार पर व्यापक भेदभाव है
2-दूसरा सवाल:कोर्ट ने चिंता जताई है कि जातिगत भेदभाव की परिभाषा में सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग का उल्लेख नहीं है,सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि क्या यह नियमावली इन समुदायों को भेदभाव और संरचनात्मक नुकसान से पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करती है
3-तीसरा सवाल:सुप्रीम कोर्ट ने जो तीसरा सवाल पूछा है वह पृथक्करण का मतलब,आपको बता दें कि नियम 7(d) मे हॉस्टल,कक्षा,मेंटरशिप समूह के लिए चयन, पृथक्करण या आवंटन पारदर्शी और निष्पक्ष होना चाहिए,कोर्ट ने यह प्रश्न पूछा है कि क्या यह जाती आधारित पृथक्करण का आदेश है,क्या यह अलग लेकिन समान का वर्गीकरण है जो अनुच्छेद 14,15 और बंधुत्व की भावना का उल्लंघन करता है
4-चौथा सवाल:चौथा सवाल सुप्रीम कोर्ट ने रैगिंग के ऊपर पूछा,आपको बता दे की 2012 में रैगिंग को भेदभाव के रूप में शामिल किया गया,2026 का नियम जिसमें रैगिंग का कोई उल्लेख नहीं है यह एक प्रतिगामी कदम है और जानबूझकर छोड़ा गया है,सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि क्या यह भेदभाव के पीड़ितों के साथ असमान व्यवहार है और न्याय तक पहुंचने में असमानता पैदा करता है
आईए जानते हैं कोर्ट का फैसला:
यूजीसी के नए नियम को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और अब अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है,इस मामले में सभी पक्ष को नोटिस भी जारी कर दिया गया है,आपको बता दे की चार महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों के साथ सुनवाई होनी है