
हिंदू मुस्लिम वाले बयान पर खुद ही फस गए पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर
पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर इस्लामाबाद में ओवरसीज़ पाकिस्तानी कन्वेंशन को संबोधित करते हुए “टू नेशन थ्योरी” की बात कही,मुनीर ने भारत की ओर इशारा करते हुए कहा की कश्मीर को पाकिस्तान के गले की नस कहा जाता है,दुनिया की कोई भी शक्ति कश्मीर को पाकिस्तान से अलग नहीं कर सकती है,उन्होंने सीधे सीधे लफ्जों में हिंदू और मुस्लिम के बीच अंतर बताया,जनरल मुनीर ने कहा, ”हम एक नहीं दो राष्ट्र हैं. हमारे पूर्वजों का मानना था कि हम हर आयाम में हिन्दुओं से अलग हैं. हमारा मज़हब, रिवाज, परंपरा, सोच और मक़सद सब अलग हैं.”आर्मी प्रमुख आसिम मुनीर ने कहा की बलूचिस्तान के विद्रोह को लेकर कहा की आतंकवादियों की 10 पुश्तें भी बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग नहीं कर सकती हैं.जनरल मुनीर ने कहा, ”क्या आपको लगता है कि ये आतंकवादी हमारे मुल्क के भविष्य को बाधित कर सकते हैं? अगर भारतीय सेना के 13 लाख सैनिक हमें डरा नहीं सके तो ये आतंकवादी हमारा क्या बिगाड़ लेंगे? क्या पाकिस्तान के दुश्मन वाक़ई ऐसा सोचते हैं कि 1500 आतंकवादी हमारे मुल्क के भविष्य को तय करेंगे? हम इन आतंकवादियों को जल्द ही ख़त्म कर देंगे.”पाकिस्तान के आर्मी प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर का ये बयान तब सामने आया जब संयुक्त राष्ट्र में भारत के दूत पर्वतानेनी हरीश ने पाकिस्तान के बयान को ख़ारिज करते हुए कहा था कि कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. हरीश ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान को चाहिए कि वह अपने कब्ज़े वाले कश्मीर को भी ख़ाली करे
जनरल मुनीर के इस बयान से सियासत गरमा गई है
पाकिस्तान के लोगों का कहना है की जनरल मुनीर के इस बयान से पाकिस्तानी हिंदुओं के प्रति नफरत बढ़ेगी,हिंदू पाकिस्तान का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है जैसे भारत में मुस्लिम हैhttp://news24hourslatest.in
पाकिस्तानी लेखक और रिसर्चर अमार राशिद का कहना है की 50 लाख से ज़्यादा पाकिस्तानी नागरिक हिन्दू हैं. सैकड़ों सेना में हैं और हज़ारों सरकार में हैं. ऐसे में यह कितना सही है कि एक पेशेवर सेना का प्रमुख सार्वजनिक रूप से हिन्दू और मुसलमानों के बीच फ़र्क़ बताए?”
पाकिस्तान की एक पत्रकार सबाहत ज़कारिया का कहना है की ‘पहला सवाल तो यही है कि हमारा कौन?अगर हिन्दुओं और मुसलमानों की बात हो रही है तो भारत में 20 करोड़ मुसलमान रहते हैं. अगर आपकी सोच के हिसाब से चला जाए तो ये 20 करोड़ मुसलमान भी बाक़ी भारतीयों से अलग हैं. तो क्या पाकिस्तान अपने 24 करोड़ मुसलमानों में 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों को शामिल करने के लिए तैयार है? क्या भारत के मुसलमान भी पाकिस्तान में शामिल होना चाहते हैं
पाकिस्तानी इतिहासकार इश्तियाक़ अहमद का कहना है की जनरल मुनीर हिंदुस्तान से दोस्ती नहीं चाहते है ,जनरल मुनीर की टू नेशन वाली बात केवल और केवल नफरत फैलाना है और कुछ नही,इसी टू नेशन थ्योरी की वजह से बंगलादे,पाकिस्तान सब अलग हो गए
पाकिस्तानी लेखक और रिसर्चर अमार राशिद ने जनरल मुनीर के हिन्दू और मुसलमान में फ़र्क़ वाले बयान पर लिखा है, ”50 लाख से ज़्यादा पाकिस्तानी नागरिक हिन्दू हैं. सैकड़ों सेना में हैं और हज़ारों सरकार में हैं. ऐसे में यह कितना सही है कि एक पेशेवर सेना का प्रमुख सार्वजनिक रूप से हिन्दू और मुसलमानों के बीच फ़र्क़ बताए?”
पाकिस्तान के जाने माने पत्रकार नजम सेठी का कहना है की मुनीर ने बलूचिस्तान की बात करके अच्छा किया,उनका कहना है की बलूचिस्तान के साथ साथ कश्मीर की बात करके जनरल मुनीर ने भारत को संदेश दिया है ,यह बहुत ही मजबूत संदेश है
जनरल मुनीर के बयान पर भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के जनरल प्रमुख आसिम मुनीर के हिन्दू मुस्लिम वाले बयान पर भारत में भी चर्चा का विषय बन गया हैं,शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा है की जनरल मुनीर बिलकुल सही कह रहे है ,पाकिस्तान और भारत दोनो अलग देश है और हमारी महत्वकांक्षाएं भी अलग हैं,प्रियंका चायुत्वेदी ने मुनीर के बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा है की भारत का लक्ष्य विश्व गुरु बनना और हम विश्व गुरु की तरफ अग्रसर हो रहे है और पाकिस्तान का काम है आतंकवादियों को वैश्विक नेता बनाना और पूल पर बमबारी करना
भारतीय सेना से रिटायर्ड अधिकारी प्रवीण साहनी ने कहा कि वे पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख के बयान से निराश हैं,भारत और पाकिस्तान दो अलग राष्ट्र हैं. लेकिन हम एक सभ्यता साझा करते हैं- एक पहचान, जो धर्म से बड़ी होनी चाहिए.”हमें अपने बच्चों को दूसरों के धर्म के प्रति नफ़रत करके दोस्ती के पुल को ख़त्म करना नहीं सिखाना चाहिए. बल्कि उन्हें आगे बढ़ाना सिखाएं. माफ़ करें जनरल, मुझे आपसे यह उम्मीद नहीं थी क्योंकि आप पाकिस्तान का भाग्य तय कर रहे हैं.”
पत्रकार ताहा सिद्धकी का कहना है की “पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर हिंदुओं के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाते हैं और दो राष्ट्र सिद्धांत का प्रचार करते हैं, जो कि 1971 में विफल हो गया था जब बांग्लादेश को पाकिस्तान से आज़ादी मिली.”