पीएम मोदी नही चाहते संसद का विशेष सत्र बुलाना

पहलगाम हमले के बाद,पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर मारने के बाद,भारत का डेलीगेशन विदेश में जाकर पाकिस्तान को हर तरीके से बेनकाब किया,अब कुछ डेलीगेशन भारत वापस आ चुके है,ऐसे में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी में पीएम मोदी से सवाल कियाhttp://news24hourslatest.in
राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन केंद्र सरकार से ये सवाल पूछ रहा है की आखिर केंद्र सरकार कौन सी बात छिपा रही है,आखिर पीएम मोदी संसद का विशेष सत्र क्यों नही बुला रहे हैं,किस बात का डर है केंद्र सरकार को?विपक्ष का कहना है की पीएम मोदी,विदेश मंत्री एस जयशंकर का कोई बयान नहीं आया अब तक,ये लोग अब तक खामोश है
इंडिया गठबंधन के करीब 16 पार्टियों ने केंद्र सरकार को,पीएम मोदी को संसद का विशेष सत्र बुलाने को कहा है,16 पार्टियों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बीच अमेरिकी मध्यस्थता के दावे और पाकिस्तान की गोलीबारी में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में हुई जान-माल की क्षति,अचानक सीजफायर करना इन सब बातों के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को कहा है
आपको बता दे की लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित इंडिया गठनबंधन में शामिल अन्य पार्टियों ने पीएम मोदी को खत लिख कर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है,
विपक्ष का कहना है की इस सत्र से दुनिया को मैसेज जायेगा की भारत आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है,भारत की सभी पार्टियों आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार रहती है, संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए विपक्ष की पार्टियों ने बैठक की जिसमे विशेष रूप से कांग्रेस नेता जयराम रमेश, दीपेंद्र हुडडा, सपा के रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, राजद सांसद मनोज झा के साथ शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत मौजूद रहे
वही कांग्रेस के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ये सवाल किया है की हम दुनिया के अलग अलग देशों में जाकर पाकिस्तान का आतंकवाद के प्रति प्रेम को उजागर किया,पाकिस्तान को किसी प्रकार की सहायता ना करने की मांग की,इस काम में हम कहां तक सफल हुए,क्या अब पाकिस्तान को आईएमएफ द्वारा कर्ज मिलेगा या नहीं और अगर पाकिस्तान दुबारा भारत पर हमला करने की कोशिश करता है तो हमारी क्या रणनीति होगी,आतंकी हमले, पुंछ, ऊरी और राजौरी में नागरिकों की हत्या, युद्धविराम की घोषणाओं और हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में देश के सामने गंभीर सवाल हैं।इन्ही सब सवालों के जवाब के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की आवश्यकता है
पीएम को भेजे साझा पत्र पर दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, डीएमके के टीआर बालू, शिवसेना (यूबीटी) के अरविंद सावंत आदि के हस्ताक्षर हैं,खबर ये भी आ रही है की आम आदमी पार्टी इस सत्र के लिए अलग से पीएम मोदी को पत्र लिखेगी
दोस्तों संसद का विशेष सत्र का बुलाना महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि अमेरिका ये बात बार बार कह रह है की दोनो देशों के बीच सीजफायर अमेरिका के वजह से संभव हुआ,अगर अमेरिका बीच में ना पड़ता तो सीजफायर नही होता,डोनल्ड ट्रंप का कहना है अमेरिका ने भारत को व्यापार का लालच दिया इसलिए भी सीजफायर हुआ, परंतु देश ये जानना चाहता है की आखिर इसमें कितनी सच्चाई है,सरकार को अपनी राय इस मुद्दे पर देनी चाहिए,आखिर देश को बताया गया की युद्ध विराम की घोषणा पहले पाकिस्तान ने की,उसके बाद भारत ने की,इन दोनो देशों के बीच में अमेरिका क्यों आया,क्या अमेरिका पाकिस्तान की मदद करना चाहता था,या अमेरिका खुद को महाराजा साबित करना चाहता था
आपको ये पता होगी की डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अच्छे नेता है और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छा दोस्त बताया
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