अमेरिका ने धमकाया ईरान कोई,बोला हम तो टूट पड़ेंगे अगर ईरान ने हमला किया

ईरान इजराइल का युद्ध खतम होने का नाम नहीं ले रहा है,दोनो देश एक दूसरे के ऊपर मिसाइल,ड्रोन से हमला कर रहें है,ईरान ने इल्जाम लगाया है की अमेरिका की वजह से इजराइल ने हमला किया है,ये बात अमेरिका तो अच्छी नहीं लगी और अमेरिका ने कड़े शब्दों में कहा है की अगर ईरान हम पर हमला किया तो हम उस पर टूट पड़ेंगे,डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर अगर किसी भी रूप में, किसी भी तरीके से ईरान ने हमारे खिलाफ हमला किया तो, अमेरिका की सशस्त्र सेनाओं की पूरी ताकत और शक्ति तुम पर ऐसी गिरेगी जैसी पहले कभी देखी नही होगी,वही अमेरिका ने ईरान के बयान से साफ साफ इंकार किया है,इसके आलावा डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा किया है की वो दोनो देशों के बीच आसानी से समझौता करवा सकते हैं और युद्ध को समाप्त कर सकते हैhttp://news24hourslatest.in
इजराइल ने औपचारिक रूप से अमेरिका से अनुरोध किया है की वो ईरान के Fordo न्यूक्लियर प्लांट पर हमला करने के लिए वह साथ दे,यहां तक कि इजराइल के अधिकारियों ने अमेरिका से कही है की ईरान के यूरेनियम संवर्धन संयंत्र (Uranium Enrichment Facility) को निशाना बनाने में उनकी मदद करे क्योंकि इजराइल इसे नष्ट नही कर पाया था,आपको बता दे की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी खुलकर इजराइल का साथ नही दे रहे है,लेकिन ये स्पष्ट है की अमेरिका इजराइल के साथ खड़ा है,अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है की इजराइल अपने दम पर ईरान से लड़ाई करें,वही अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है की दोनो देशों की लड़ाई में अमेरिका को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए,और अगर कोई नुकसान हुआ तो फिर हम भी चुप नही बैठेंगे उधर ईरान का कहना है की इस जंग में जो भी देश इजराइल का साथ देगा उस पर हम हमला करेंगे
आपको बता दे की ईरान ने इजराइल के ऊपर 100 से अधिक मिसाइल दागे और ड्रोन से भी हमला किया,ईरान ने ये हमला ऑपरेशन ट्राई प्रोमिस 111 के जरिए किया वही इजराइल ने ऑपरेशन राइजिंग लाइन के जरिए हमला किया,इस हमले में ईरान के परमाणु विज्ञानिक भी मारे गए,इज़राइल ने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम्स जैसे SA‑6 और मोबाइल लॉन्चर्स को भी निशाना बनाया
आपको बता दे की यूके, फ्रांस और जर्मनी ने ईरान से फिर से परमाणु वार्ता शुरू करने की बात कही वही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान का समर्थन किया है,दोनो देशों के हमले का प्रभाव ये पड़ा की तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बाजार व समुद्री मार्ग भी प्रभावित हो रहें हैं
वर्तमान की स्थिति बहुत ही भयानक होती जा रही है,दोनो देशों निरंतर एक दूसरे पर हमला कर रहें है, वैश्विक दबाव तेज़ी से बढ़ रहा है,दोनो देशों के बीच की लड़ाई का दुनिया पर बहुआयामी प्रभाव पड़ सकता है यानी की आर्थिक,राजनीतिक,सैन्य सभी दृष्टि से प्रभाव पड़ सकता है,कच्चे तेल की कीमत में इजाफा हो सकता है,पेट्रोल, डीजल, गैस के दाम दुनिया भर में बढ़ सकते हैं,भारत, चीन, जापान जैसे आयात-निर्भर देश सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे,तेल महंगा होने से मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ेगी,अमेरिकी डॉलर मजबूत,स्टॉक मार्केट में भी गिरावट आ सकती है
अगर दोनो देशों के बीच लंबा चला और दुनिया के अन्य देशों की भागीदारी रही तो तोसरे विश्व युद्ध होने की संभावना हो सकती है वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट, आर्थिक मंदी, मानवीय संकट और राजनीतिक ध्रुवीकरण इसके गहरे परिणाम होंगे।
दोनो के बीच चल रहे युद्ध में काफी नुकसान देखने को मिल रहा है,खबर आ रही है की ईरान ने ये संकेत दिया है की अगर इजराइल ईरान पर हमला करना बंद कर देता है तो ईरान भी इजराइल पर हमला नहीं करेगा,खबर ये भी आई है की ईरान ईरान ने ओमान और कतर से मध्यस्थता करने का अनुरोध किया है ताकि वॉशिंगटन के साथ परमाणु वार्ताएं फिर से शुरू कराई जा सकें और इजरायली हमले रोके जा सकें,फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है
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