Uraniumआखिर क्या होता है यूरेनियम जिसके लिए युद्ध हो रहा है ?

जैसा की हम सबको पता है की ईरान के अंदर न्यूक्लियर सेंटर जो की फोर्डो में स्तिथ है,अमेरिका के इस “बंकर बस्टर” हमले से ईरान के अंदर न्यूक्लियर सेंटर को बहुत नुकसान पहुंचा है उधर इजराइल का भी दावा है की उसने भी ईरान के अहम अड्डों पर हमला किया है,और इजराइल ने ये भी दावा किया है की उसने ईरान के 400kg यूरेनियम का पता लगाएगा
क्यों हो रहा है यूरेनियम के लिए इतना बवाल:http://news24hourslatest.in
इजराइल और अमेरिका दोनो देश ईरान के उसी जगह पर हमला कर रहें है जहां यूरेनियम की प्रोसेसिंग होती है,ऐसा कहा जा रहा है की अगर इजराइल ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को पूरी तरीके से बर्बाद कर देता है तो ईरान की नुल्सियर मिसाइल बनाने की छमता काम हुआ जायेगी,आपको बता दे की यूरेनियम का इस्तेमाल मिसाइल और अन्य हथियार बनाने के लिए किया जाता है,यूरेनियम समुद्र में,मिट्टी या पत्थर के रूप में भी पाया जाता है,
यूरेनियम की खोज 1789 में जर्मन रसायनज्ञ मार्टिन क्लैप्रोथ ने पिचब्लेंड नामक खनिज में की थी,यूरेनियम इतना घातक है की बड़े बड़े टैंक को भी पल भर में तबाह कर सकता है,यूरेनियम से जो रेडियो एक्टिव रेज निकलती है वो बहुत खतरनाक होती है,सभी तत्वों में इतना खतरनाक होता है की आप सोचिए इससे परमाणु हथियार भी बनाया जाता है जो पल भर में दुनिया को तबाह करने की छमता रखता है,यूरेनियम इतना डेंजरस होता है की इसका मात्र 1केजी कितने शहरों को मिटाने के लिए काफी होता है,यूरेनियम एक सफेद सिल्वर कलर का धातु होता है
हिरोशिमा और नागासाकी पर यूरेनियम का असर:
आप केवल इस बात से अंदाजा लगा सकते है की जब हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया गया था तो उसमे लगभग 68kg यूरेनियम का इस्तेमाल किया गया था जिसमे से केवल 0.002% ही एनर्जी में कन्वर्ट हुआ,अब आप सोचिए 68kg के यूरेनियम का मात्र 0.002% एनर्जी में कन्वर्ट हुआ अगर पूरा एनर्जी में कन्वर्ट हो जाता है सोचिए क्या होता और आप देख लो की यूरेनियम के रेडिएशन का असर आज भी है,ऐसा कहा जाता है की इस परमाणु बम का असर इतना खतरनाक है की आज भी वहां पर जो बच्चे पैदा होते है उनमें परमाणु के रेडिएशन का असर होता है जिसकी वजह से उनके शरीर का कोई न कोई अंग प्रभावित होता है,ऐसा कहा जाता है की यूरेनियम पृथ्वी की पूरी ऊपरी सतह पर पाया जाता है,इसका मात्र छोटा सा हिस्सा भी बहुत ज्यादा एनर्जी प्रोड्यूस करता है,आपको ये जानकर हैरानी होगी की मात्र 1kg यूरेनियम से 24000मेगा वॉट बिजली का उत्पादन हो सकता है और इससे लगभग 10 से 15 लाख आबादी वाले शहर को लगभग 2 से 3 साल बिजली आराम से से जा सकती है
रिसर्च के अनुसार:
रिसर्च के अनुसार ये बताया गया है की एक नाखून के बराबर यूरेनियम से लगभग 800 से 1000 kg कोयले तक के बराबर एनर्जी जेनरेट हो सकती है
भारत में यूरेनियम कहा निकलता है
यूरेनियम इतना खतरनाक है की यूएई मानव जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर सकता है उदाहरण के लिए आप नागासाकी और हिरोशिमा को देख लीजिए,आज भी वहां पर जन्म लेने वाले बच्चे गंभीर बीमारी से ग्रसित होते है,अब बात भारत की तो भारत ने भी यूरेनियम के लिए काफी सोध होते रहते है,भारत के झारखंड के जादूकोड़ा गांव से यूरेनियम निकाला जाता है उस गांव के लोग इसके रेडिएशन से प्रभावित है,आपको बता दे की सन 1967 में जब झारखंड में यूरेनियम की खुदाई की गई थी तब से यहां के लोग कैंसर और खतरनाक बीमारियों से जूझ रहें है
यूरेनियम का केमिकल स्ट्रक्चर :
यूरेनियम का एटॉमिक नंबर 92 होता है और इसका एटॉमिक मास 238.03 होता है,यूरेनियम में 92 इलेक्ट्रॉन और 92 प्रोटोन होता है और 123 न्यूट्रॉन होते है,यूरेनियम के पिघलने का तापमान 1135 डिग्री सेल्सियस होता है
यूरेनियम से फ्यूल कैसे बनता है :
यूरेनियम को फ्यूल बनने में बहुत सारे केमिकल प्रोसेस से गुजरना पड़ता है,यूरेनियम को सबसे पहले जमीन की खुदाई से निकाला जाता है जिसमें खाई मस्सकत करनी पड़ती है फिर खदानों में फ्यूल बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है,और खदानों को भी ठंडा रखने के लिए मशीनें लगाई जाती है क्योंकि यूरेनियम का टेंपरेचर बहुत ज्यादा होता है,कोई भी इंसान यूरेनियम के संपर्क से दूर रहता है
सबसे अधिक यूरेनियम कहा पाई जाती है :
आपको बता दे की 1केजी यूरेनियम की कीमत लगभग 3 से 4 करोड़ बताई जाती है और पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा यूरेनियम ऑस्ट्रेलिया में पाई जाती है उसके बाद कजाकिस्तान में यूरेनियम पाया जाता है,आपको बता दे की रूस भी इस मामले में पीछे नहीं है, रसिया में भी यूरेनियम की बहुत सारी खदाने है जहां से यूरेनियम की खुदाई होती है
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