भारत की राष्ट्रपति पर इतना खर्चा क्यों?

भारत एक ऐसा देश है जहां छोटे से छोटा मंत्री भी खुद को प्रधानमंत्री समझता है और न जाने कितने सुविधाओं के साथ चलता है,उसके आगे पीछे सिक्योरिटी गार्ड,गनर चौबीसों घंटे रहते है,आको जानकर हैरानी होगी की राष्ट्रपति नही,राष्ट्रपति भवन पर भी साल ने करोड़ों अरबों रुपए खर्च होते है,आखिर इतना खर्चा क्यों होता है राष्ट्रपति पर?http://news24hourslatest.in
आइए जानते है कुछ रोचक तथ्य:
राष्ट्रपति भवन:
आपको बता दे की भारत का राष्ट्रपति भवन दुनिया के किसी भी राष्ट्रपति भवन से बड़ा है और किसी भी राष्ट्रध्यक्ष का सबसे बड़ा निवास है,आपको जानकर हैरानी होंगी की राष्ट्रपति भवन का पूरे साल का खर्चा अरबों ने जाता है,आपको बता दे की अमेरिका के राष्ट्रपति जहां निवास करते है उसे व्हाइट हाउस कहते है वो भी भारतीय राष्ट्रपति भवन के सामने फीका पड़ जाता है,रायसीना हिल्स पर 200000 वर्ग फिट में फैला ये भवन किसी राजा महराजा भवन से कम नहीं है,व्हाइट हाउस तो सिर्फ 18 एकड़ में फैला है जबकि हमारा राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ पर बना है,इसमें 340 कमरे है, बताइए जिस देश में किसी के पास एक कमरा भी ढंग का नही है रहने को उसी देश में राष्ट्रपति 340 वालों कमरे में रहते है,ये राष्ट्रपति भवन फ्रांस के वर्सेल्स पैलेस(फ्रांस के वर्साय शहर में स्थित एक पूर्व शाही महल है. यह पेरिस के पश्चिम-दक्षिण पश्चिम में लगभग 16 किलोमीटर (10 मील) दूर है. यह महल 1682 से 1789 तक फ्रांस के शाही निवास और सरकार का केंद्र था. वर्तमान में यह एक राष्ट्रीय स्थलचिह्न और एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है) से भी बड़ा है
कैसा है हमारा राष्ट्रपति भवन:
आपको बता दे की भारत के राष्ट्रपति भवन चार विंग है,उत्तर और दक्षिण में दो दो विंग है,40 वाटर फाउंटेन है,227 स्तम्भ है जो की काफी ऊंचे है,18 होल वाला टेनिस और अन्य कोर्ट भी है,स्विमिंग पूल भी है,एक निजी अस्पताल भी है और पेट्रोल पंप भी है
एक रिपोर्ट के अनुसार 754 लोग इसमें निरंतर कार्यरत रहते है,जिसमे 9 निजी सचिव,आठ टेलीफोन ऑपरेटर,28 वाहन चालक और 64 मल्टी टास्किंग कर्मचारी शामिल है,टेलीफोन के बिल आर्थिक भुगतान लगभग 5 लाख रुपए किया जाता है,अब आप सोच लीजिए देश का अधिकतम पैसा तो इन्हीं नेताओं और राष्ट्रपति के सुरक्षा पर खर्च होता है तो देश के गरीबों की क्या सुरक्षा करेगी भारत की सरकार
राष्ट्रपति को मिलने वाली सुविधाएं:
राष्ट्रपति को भारत का प्रथम नागरिक कहा जाता है,राष्ट्रपति राज्यों का प्रमुख भी होता है,वह देश के सभी सशस्त्र बलों का भी प्रमुख है,राष्ट्र की अखंडता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है।
1-भारत के राष्ट्रपति का वेतन 1.5 से बढ़ाकर 5 लाख प्रति महीना कर दिया गया है
2- राष्ट्रपतियों के जीवनसाथियों को भी सचिवीय सहायता के रूप में 30,000 प्रति माह मिलते हैं।
3-निशुल्क चिकित्सा की सुविधाएं
4-मुफ्त व्यास
5-सम्पूर्ण जीवन मुफ्त इलाज
6-मुक्त बंगला
7-दो निःशुल्क लैंडलाइन और एक मोबाइल फोन।
8-पांच स्टाफ सहित निजी सचिव
9-किसी साथी के साथ ट्रेन या हवाई यात्रा निःशुल्क
10-सेवानिवृत होने के बाद जीवन भर सुख सुविधा अलग
इतना खर्चा आखिर क्यों:
हम सब जानते है की राष्ट्रपति को भारत का प्रथम नागरिक कहा जाता है,राष्ट्रपति राज्यों का प्रमुख भी होता है,वह देश के सभी सशस्त्र बलों का भी प्रमुख है,राष्ट्र की अखंडता और एकजुटता के प्रतीक के रूप में कार्य करता है।
देश के राष्ट्रपति कही भी जाते हो,उनके लश्कर में कम से कम 60 से 70 गाडियां रहती है,और जिस राज्य में राष्ट्रपति का आगमन होता है वो की सुख सुविधा अलग है,विश्व बैंक के रिपोर्ट के अनुसार भारत में गरीबी लगभग ६% है,हालाकि भारत में गरीबी घटी है लेकिन चिंता का विषय आज भी है,जिस देश के कितने लोगों को एक वक्त का भोजन नहीं मिल पाता है,कितने लोग बेघर है,पहनने के लिए कपड़ा नहीं है,सोने के लिए घर नहीं है,उस देश में हमारे नेता केवल अपनी सुरक्षा पर अरबों रुपया खर्च करते है,प्रधानमंत्री,राष्ट्रपति, सांसद,विधायक,और तमाम मंत्री इन सब की सुविधाएं देखी जाए तो देश का आधा पैसा इन्ही नेता के संरक्षण में लगा है,हमारे टैक्स का पैसा और हमे ही सुरक्षा नहीं
आइए बताते है कुछ लाला बहादुर शास्त्री के बारे में:
एक प्रधानमंत्री थे छोटे कद के जिनका नाम है लाल बहादुर शास्त्री,इनके जैसा प्रधानमंत्री मिलना मुश्किल है जिनेक लिए हम कह सकते है “न भूतो न भविस्यति”,ऐसा इसलिए में कह रहा हूं क्योंकि इन्होंने एक बार कहा था इस देश की रक्षा करनी है तो किसानों और जवानों की रक्षा पहले होनी चाहिए,लाल बहादुर शास्त्री का ही नारा था “जय जवान जय किसान”,एक वाक्या आपसे साझा करता हूं की जब लाल बहादुर शास्त्री जब इस देश के प्रधानमंत्री थे तब अमेरिका से भारत में थर्ड क्लास का गेहूं आता था,इस गेहूं को अमेरिका के जानवर खाते थे,लाल बहादुर शास्त्री को जब पता चला तो उन्होंने अमेरिका से ये अनाज लेने से मना कर दिया और अपने भारत वासियों से वादा किया था भारत के सभी लोग सोमवार को व्रत रखेंगे और लोगों ने ऐसा ही किया,और भारत प्रगति की राह चलता रहा
मेरा कहना है कि आप अपनी सुख सुविधा पर खूब खर्चा करते है,कोई बात नही लेकिन आपको भारत की भोली भाली जनता पर भी पैसा खर्चा चाहिए
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