PM Modi की तस्वीर लगाकर संस्था चलता था छांगूर बाबा

बलरामपुर का जमालुद्दीन उर्फ छांगूर बाबा को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं, और जो भी अधिकारी छानबिन में लगे हैं उनको धोखा देने के लिए एक खास प्लान तैयार किया था इस बाबा ने, इस बाबा ने खुद को आरएसएस से जुड़ी एक संस्था का महासचिव बताया और अफसरो को धोखा देता था, फर्जी लेटर पैड बनवाया था और उसे पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो भी लगा रखी थी,और संस्था नाम था “भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ” और इस संस्था को चलाता था ईदुल इस्लाम नाम का व्यक्ति वह भी नागपुर से, उसका कहना था कि संस्था का मुख्यालय भी नागपुर में है और यह संस्था राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबंध रखती है और यह सारा खुलासा यूपी एटीएस की जांच में पता चला हैhttp://news24hourslatest.in
धर्मांतरण के लिए क्या-क्या करता था:
इस अवैध धर्मांतरण के लिए, भोली भाली हिन्दू लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने के लिए किसी भी हद तक गिर सकता था यह बाबा, लोगों को केवल गुमराह करने के लिए अपने को आरएसएस से जोड़ रखा था इसने, जैसे-जैसे जांच एजेंसियां आगे बढ़ते जा रही हैं वैसे-वैसे इसका एक के बाद एक नया खुलासा हो रहा है, अपने लेटर पैड पर प्रधानमंत्री की फोटो एक तरफ अपनी फोटो ऊपर महात्मा गांधी की फोटो लगा रखी थी ताकि अवैध कामों में किसी को शक ना हो, आरएसएस से जुड़ा होने का झांसा देकर अधिकारी और नेताओं को गुमराह करता था, अपना नाम कई आरएसएस के बड़े नेताओं के साथ जोड़ा करता था ताकि उसे अवैध काम करने में कोई भी परेशानी ना हो मतलब लोगों को यह शक ना हो कि यह अवैध काम में लगा हुआ है
नागपुर में ही संस्था क्यों खोली:
यह छांगूर बाबा जो खुद को आरएसएस रस की संस्था का एक सदस्य बताता था, ताकि वह अफसर की निगाह से बच सके और आपको बता दें कि आरएसएस का मुख्यालय भी नागपुर में है इसीलिए उसने भी अपनी जो नई संस्था बनाई थी जिसका नाम था “भारत प्रतिकार्थ सेवा संस्था” उसका भी मुख्यालय इसने नागपुर में ही बनाया था ताकि अफसरों को कोई भी भनक न लगे इसके अवैध काम का, इस संस्था का उसने खुद को अवध प्रांत का महासचिव भी बनाया था, और इस संस्था को चलाता था ईदउल इस्लाम, यह वही ईद उल इस्लाम है जिसका यूपी एसटीएफ की जांच में ये खुलासा हुआ कि वह अलग-अलग जगह पर सरकारी जमीनों को कब्जा करने का काम किया करता था, इन दोनों का उद्देश्य यह था कि अधिकारियों को आरएसएस के करीबी बताकर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करना
ED की जांच में क्या पता चला:
ED की जांच में पता चला कि विदेशों से इस भारी से भारी फंडिंग मिला है, अमेरिका ,कनाडा ,पाकिस्तान से हो रही थी फंडिंग इसकी, जांच एजेंसियों ने यह भी पता किया है कि पाकिस्तान के ISI संगठन के रास्ते पर यह काम चलता था, इस अवैध धर्मांतरण में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 6 राज्यों में छापा मारा, आगरा में अवैध धर्मांतरण की जाल में फांसी दो लड़कियों को भी छुड़वाया गया, खबर यह भी आई है कि छांगूर बाबा का भतीजा सबरोज और उसका साथी शहाबुद्दीन उसको भी गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह भी इस शिकंजे में शामिल थे, जांच एजेंसियों ने जो 10 लोगों के गिरोह को गिरफ्तार किया है जो इस अवैध काम में शामिल थे उसमें एक महिला भी है जिसका नाम है आयशा जिसका ठिकाना गोवा में बताया जा रहा है, उसकी एक फोटो जो बरामद हुई है उसमें उसने एक-47 राइफल के साथ काले लिबास में दिखी है, पकड़े जाने के बाद उसने कबूला कि सोशल मीडिया और कुछ मोबाइल ऐप के जरिए युवाओं को मानसिक रूप से परिवर्तन करके कट्टर बनाकर,उन्हें बरगला कर,फुसला कर धर्मांतरण के लिए तैयार किया जाता था, जांच में यह भी बताया गया है कि इससे जो विदेशी फंडिंग आई थी उसमें 50% हिस्सा मजहबी प्रचार के लिए दिया जाता था,छांगूर बाबा इस रकम को नई संस्था का निर्माण गरीबों को धार्मिक यात्राएं करने में खर्च करता था,
10 गिरफ्तार किए गए अपराधियों के नाम:
1- मुस्तफा
2-अब्दुर रेहमान
3- रहमान कुरैशी(आगरा)
4- मोहम्मद अली( जयपुर)
5- जुनैद कुरैशी( जयपुर)
6- हसन अली(कोलकत्ता)
7- इब्राहिम
8- ओसामा( कोलकाता)
9- अबू तालिब( मुजफ्फरनगर)
10- आयशा(गोवा)
अब तो पुलिस जांच में जुट गई है कई एजेंसियां लगी है इस छांगूर बाबा के पीछे, अभी तक नए-नए कारनामे उसके देखने को मिल रहे हैं अब अगला कारनामा क्या होगा जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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