अभी तक कौन-कौन महाभियोग का शिकार हुआ:

जब किसी संवैधानिक पद पर बैठे इंसान के खिलाफ कोई अपराध का दोषारोपण होता है तो उसे पद से हटाने के लिए महाभियोग लाया जाता है,जैसा कि आजकल सुनने को मिल रहा है की मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेता महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैंhttp://news24hourslatest.in
भारत में महाभियोग:
आपको बता दे कि हमारे संविधान में महाभियोग का अनुच्छेद है, जिसके कारण राष्ट्रपति ,न्यायाधीश, मुख्य चुनाव आयुक्त जैसे संवैधानिक पद है उनको हटाने के लिए लाया जाता है,जब कभी कोई दोषारोपण किसी संवैधानिक पद पर बैठे इंसान के खिलाफ लाया जाता है उस स्थिति में महाभियोग लाकर उसे पद से हटाया जाता है
आईए जानते हैं किस-किस पर महाभियोग लाया गया:
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, जज जिन पर महाभियोग लाया गया था लेकिन सफल नहीं हुआ:
1-जस्टिस वी. रामास्वामी:यह पहले सुप्रीम कोर्ट के ऐसे जस्टिस हैं जिन पर लोकसभा में महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया,रामास्वामी के उपर वित्तीय गड़बड़ी व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे,परंतु जब कांग्रेस ने मतदान से दूरी बना ली तो यह प्रस्ताव खारिज हो गया, और महाभियोग असफल रहा
2-जस्टिस सौमित्र सेन:जस्टिस सौमित्र सेन पर महाभियोग लाने का कारण था कि इन पर ट्रस्ट की रकम की हेर फेर का आरोप लगाया गया था,राज्यसभा में 2011 में इनपर महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन जब तक मामला लोकसभा में पहुंचता जस्टिस सौमित्र सेन ने इस्तीफा दे दिया,महाभियोग से बचने के कारण इस्तीफा देने वाले पहले न्यायाधीश बने
3-जस्टिस पी.डी. दीनाकरन:जस्टिस पी.डी. दीनाकरन के खिलाफ भूमि घोटाले का आरोप लगाया गया था, इनके खिलाफ भी महाभियोग का प्रस्ताव पारित होने वाला था तब तक इन्होंने भी इस्तीफा दे दिया
चुनाव आयुक्त,उपराष्ट्रपति पर कैसे लगता है महाभियोग:
मुख्य आयुक्त, उपराष्ट्रपति,सीएजी पर महाभियोग लाने का प्रस्ताव संविधान में है, किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग द्वारा हटाया नहीं गया अबतक,अभी तक केवल जजों के खिलाफ ही महाभियोग की प्रक्रिया चली,यानी अब तक किसी भी संवैधानिक पदाधिकारी को संसद ने महाभियोग की प्रक्रिया पूरी करके पद से नहीं हटाया है।
आपको बता दे की महाभियोग लाने की प्रक्रिया इतनी कठिन रखी गई है कि आज तक ना तो किसी जज को और ना ही किसी राष्ट्रपति को उनके पद से हटाया गया, हां महाभियोग जजों के खिलाफ लाया गया पर वह महाभियोग से हटे नहीं,संविधान के अलग-अलग अनुच्छेद में राष्ट्रपति,जज जितने भी संवैधानिक पद हैं उनको हटाने का प्रावधान है
विपक्ष जो महाभियोग ज्ञानेश कुमार पर लाने की बात रहा है क्या वह सफल होगा:चीफ इलेक्शन कमीशन को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के जजों के हटाने की प्रक्रिया के अनुरूप है,CEC को हटाने के लिए लोकसभा में कम से कम 100 सांसद और राज्यसभा में काम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए,फिर प्रस्ताव स्वीकार होने पर जांच समिति बनेगी,उसके बाद दोनों सदनों के विशेष बहुमत द्वारा यह प्रस्ताव पारित होगा फिलहाल विपक्ष और उसके गठबंधन साथियों के पास इतनी बहुमत नहीं है कि वह महाभियोग का प्रस्ताव पारित कर सके,जिसके कारण मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग लेना थोड़ा कठिन लग रहा है,क्या विपक्ष क्रॉस वोटिंग के जरिए बहुमत लेगा क्योंकि उसके पास दोनों सदनों में पूर्ण बहुमत नहीं है मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की,लेकिन विपक्ष इस बात पर अड़ा है कि वह महाभियोग लाकर रहेगा, अब विपक्ष महाभियोग किस तरीके से लाता है कैसे लाता है वह जाने,आप आगे की खबर जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
