संजय कुमार ने माफी मांगी या कोई और दबाव था:vote chori

7 अगस्त को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया था,जिसको लेकर पूरे देश वाले बवाल मच रहा है,राहुल गांधी प्रेस कांफ्रेंस करके चुनाव आयोग पर लगातार सवाल दाग रहे हैं और 17 अगस्त से बिहार में SIR के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी को घेरे हुए हैं, जनता के बीच जा रहे हैं और बता रहे हैं कि कैसे बीजेपी वोट चोरी करके सरकार बना रही है,लेकिन चुनाव आयोग में अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ कह दिया है कि कोई आरोप में सत्यता नहीं है, सब निराधार है और अगर राहुल गांधी को जांच करनी है तो हलफनामा लिखकर दें क्योंकि आरोप गंभीर है बिना हलफनामे के कोई बात नहीं होगी लेकिन राहुल गांधी कोई हलफनामा अभी तक नहीं दिए हैं,और ना ही उनकी कोई पार्टी आपत्ति दर्ज कराई है,वह केवल एक राजनीतिक मुद्दा बनाकर चुनाव में जनता के बीच में जा रहे हैंhttp://news24hourslatest.in
क्यों वोट चोरी का मामला गंभीर होता जा रहा है:
अब यह जो वोट चोरी का मुद्दा पूरे देश में एक कैंसर के रूप में फैल रहा है,जो देश के लोकतंत्र को खतरे में भी डाल सकता है,अगर यह वोट चोरी का मुद्दा सत्य सिद्ध होता है यानी कि एक लाख वोटो की चोरी हुई है तो यह लोकतंत्र पर सबसे बड़ा प्रहार होगा राहुल गांधी का और मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करना होगा,परंतु राहुल गांधी के आरोपो को खारिज करते हुए चुनाव आयोग ने कहा यह जो डाटा आपने पेश किया है,पीपीटी प्रेजेंटेशन दिया है,यह चुनाव आयोग के डाटा नहीं है,मतलब की जो डाटा पेश किया गया था वह सीएसडीएस नाम का एक रिसर्च इंस्टिट्यूट है उसका है,सीएसडीएस का मतलब है पॉलीटिकल एनालिसिस करने वाली संस्था सेंटर फॉर स्टडी ऑफ़ डेवलपिंग सोसाइटीज यह उसका डेटा है ना कि चुनाव आयोग का,यह सीएसडीएस जो है यही इलेक्शन के डेटा रिलीज करता है
सीएसडीएस के डायरेक्टर संजय कुमार ने क्या कहा:
सीएसडीएस के डायरेक्टर संजय कुमार ने ट्वीट करके महाराष्ट्र चुनाव का डाटा रिलीज किया और आरोप लगाया कि 1 लाख से ऊपर वोटो की चोरी हुई है,और यह मामला जब तूल पकड़ लिया तो उनका एक और ट्वीट आता है जिसमें उन्होंने माफी मांगा और अपने पुराने पोस्ट को वोट डिलीट कर देते हैं,और वह बोले कि मुझेसे बहुत बड़ी गलती हो गई, मैं उसके लिए माफी मांगता हूं, मैं गलत आंकड़े पेश कर दिए थे और राहुल गांधी इस आंकड़े को लेकर जनता के बीच में गए थे
राहुल गांधी को जवाब देना होगा:
किसी की भी डाटा को लेकर आप चुनाव आयोग के सवाल नहीं उठा सकते हैं,आपको यह एनालिसिस करना चाहिए कि वह डाटा चुनाव आयोग ने दिया है या सीएसडीएस ने दिया है,सीएसडीएस का डाटा जो राहुल गांधी लेकर पूरे भारत में तहलका मचा है वह गलत निकला और इस पर सीएसडीएस के डायरेक्टर संजय कुमार ने भी माफी मांगी और कहा कि मुझसे गलती हो गई है और वह पोस्ट डिलीट कर दिए अब राहुल गांधी को यह बताना चाहिए की असलियत क्या है,क्या उनका चुनाव आयोग से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने चुनाव आयोग का डाटा नहीं यूज़ किया है,सीएसडीएस के डेटा के बारे में बताया है
बिहार में राहुल गांधी ने क्या कहा:
पहले तो राहुल गांधी ने वोट चोरी का आरोप लगाया और जब उसकी सत्यता सामने आई,जब पता चला कि जो डाटा राहुल गांधी ने पेश किया है वह फर्जी है तो अब वह जनता को दूसरे मुद्दे में भटका रहे हैं, अपने भाषण में कह रहे हैं कि आपका राशन कार्ड चला जाएगा, आपकी जमीन अदानी को दे दी जाएगी, तमाम इधर-उधर की बातें,अब आप बताइए वोट से राशन कार्ड का क्या संपर्क है,कोई किसी का राशन कार्ड कैसे छीन सकता है और जहां तक बात हुई अंबानी अडानी की तो कर्नाटक में भी कांगेस की सरकार है आप देख लीजिए बिना किसी उद्योगपति के क्या कोई इंडस्ट्री डेवलप हो सकती है
क्या खास हुआ बिहार में राहुल गांधी की रैली में:
बिहार मे SIR का मुद्दा लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उनकी महागठबंधन की टीम जनता के बीच बीजेपी और चुनाव आयोग का पोल खोल रही है,इसी बीच एक वाक्या ऐसा हुआ जिसमें एक महिला जाकर राहुल गांधी से यह कहीं की मेरा वोट काट दिया गया है और मेरे नाम पर फर्जी वोट डाला गया है,मामला जब और गंभीर हुआ और यह चर्चा का विषय बना तो मीडिया वाले उस महिला के पास गए और सत्य जानने की कोशिश कि, उस महिला का यह कहना था कि उसे जबरदस्ती यह कहलवाया गया कि राहुल गांधी के सामने जाकर यह बोलो कि मेरा वोट काटा गया है,मेरा नाम नहीं है वोटर लिस्ट में और जब मीडिया उनसे पूछी की क्या आपका आपके परिवार का नाम वोटर लिस्ट में है तो उस समय उस महिला ने कहा कि मेरे पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट में है, अब आप बताइए यह राजनीति कहां जा रही है,क्या विपक्ष एक संवैधानिक संस्था को बर्बाद करना चाहता है,अगर राहुल गांधी को इतना ही भरोसा है कि वोट फर्जी पड़े हैं तो उन्हें चुनाव आयोग के पास दिल्ली में जाना चाहिए और जाकर एफिडेविट देना चाहिए और जांच की आदेश देनी चाहिए तब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा,आगे की खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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