पहले रूस यूक्रेन युद्ध उसके बाद नेपाल विद्रोह और अब फ्रांस का विद्रोह

जी हां दोस्तों क्या यह साल कुछ देशों के लिए बहुत ही निराशाजनक है क्योंकि लगातार यह खबर सुनने में और देखने को आ रही है कि कुछ देशों में युद्ध हो रहा है कभी व्यापारिक युद्ध हो रहा है, तो कभी आंतरिक युद्ध हो रहा है,तो कभी हथियार मिसाइल से युद्ध हो रहा है, अभी यूक्रेन और रूस का युद्ध रुका ही नहीं था कि नेपाल का विद्रोह सामने आ गया उसके बाद अब फ्रांस का विद्रोह सामने आ गयाhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं फ्रांस में विद्रोह का कारण क्या है:
फ्रांस के लोगों का कहना है कि वहां के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपने बेहद करीबी सहयोगी सेबास्टियन लेकॉर्नू को नया प्रधानमंत्री बना दिया इसके खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को भी जाम कर दिया और कई जगह आग लगा दी,और विद्रोह इतना बढ़ गया कि पुलिस ने 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है,आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए और 80,000 से 1,00,000 पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए,इस आंदोलन में शिक्षक, छात्र,सरकारी कर्मचारी, युवा वर्ग के साथ-साथ मजदूरों ने भी इस आंदोलन में भाग लिया,विपक्ष का आरोप है कि मैक्रों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की परवाह नहीं की,बल्कि अपनी सत्ता बचाने और नियंत्रण बनाए रखने के लिए अपने करीबी को प्रधानमंत्री बना दिया,और वहां के लोगों का कहना है सत्ता जनता को फायदा पहुंचाने के बाद जाए अपने सगे संबंधियों को फायदा पहुंचा रही है
क्या है यह Block Everything:
इस विरोध प्रदर्शन का नाम वहां के वामपंथियों ग्रुप ने बॉयकॉट एवरीथिंग नाम से दिया है,मतलब कि यह सरकार द्वारा बजट में कटौती के लिए हुआ है,मैक्रों की नीतियों का विरोध करने के लिए सोशल मीडिया के जरिए Block Everything का नारा दिया गया, आपको बता दे कि इस आंदोलन में लगभग दो से तीन लाख लोग शामिल हुए थे जिसमें सबसे ज्यादा युवाओं ने बढ़-चढ़कर विरोध प्रदर्शन किया,युवाओं का कहना है कि सरकार बजट कटौती करके हमारे मूल अधिकार हमसे छीनना चाहती है
बजट में कटौती का कारण भी था विरोध प्रदर्शन:
आपको बता दे कि फ्रांस की सरकार ने अपने बजट में भारी कटौती की है जिससे कि फ्रांस की जनता ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया,जानते हैं क्या-क्या बजट में कटौती की गई:
1-अस्पतालों और क्लिनिक के लिए बजट घटा दिया गया,जिससे कि वहां नियुक्तियों की संख्या घट गई,और इलाज करवाना और भी महंगा हो गया,मुश्किल हो गया
2- जीसकि नीव पर यह विश्व खड़ा है एक तरीके से उसे कहा जाता है शिक्षा,फ्रांस की सरकार ने स्कूलों और विश्व विद्यालयों के फंड में कमी कि,जिसके कारण छात्रवृत्ति भी कम हो जाएगी,और शिक्षक और प्रोफेसर का वेतन भी प्रभावित होगा,और सबसे खास बात बच्चों की पढ़ाई भी मुश्किल होगी
3- ऐसा कहा जा रहा है कि गरीबों, बुजुर्गों और बेरोजगारों को मिलने वाली जो सरकारी सुविधा थी वह भी घटाई जा रही है
4-पेंशन योजना मे काफी कटौती की गई और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सहायता भी मिलना मुश्किल हो गया
5-बिजली,पानी, परिवहन और अन्य सार्वजनिक सेवाओं में कमी की गई
अब इस बजट कटौती के कारण पूरी देश की जनता पर प्रभाव पड़ेगा बुजुर्गों पर,युवाओं पर, शिक्षकों पर,क्योंकि फ्रांस की सरकार ने हर क्षेत्र में बजट की कटौती की है, और युवा वर्ग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये फ्रांस सरकार के बजट में कटौती को उजागर किया और विरोध प्रदर्शन किये तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, ताजा ताजा खबर आपने देखा कि कैसे नेपाल में के पी शर्मा ओली की सरकार चली गई सिर्फ युवाओं के विरोध प्रदर्शन से,नेपाल के युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सही तरीके से इस्तेमाल करते हुए नेपाल सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर किया जिसकी वजह से वहां की सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को प्रतिबंधित कर दिया और युवा वर्ग उससे नाराज होकर नेपाल की संसद तक को आग लगा दिया और आज हालात यह है नेपाल के प्रधानमंत्री,वित्त मंत्री,अन्य मंत्री सब इधर-उधर भागे फिर रहे हैं,फ्रांस को भी यह सोचना चाहिए कि अगर देश के युवा उनकी सरकार से अगर नाराज हो गए तो सरकार को गिराने की क्षमता रखते हैं,क्योंकि ज्यादातर प्रतिशत में युवा ही देश को संभाले हुए हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि युवाओं की बात सुने और युवाओं के पढ़ाई के लिए,रोजगार के लिए और अन्य सुविधाओं के लिए तत्पर रहे नहीं तो जैसे नेपाल में, फ्रांस में,हो रहा है वह दिन दूर नहीं जब अन्य देशों में भी इसकी लौ जलेगी,हर देश का युवा अब यह धीरे-धीरे जान गया है कि सोशल मीडिया को किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए,अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो सबसे बड़ा हथियार युवाओं के पास है वह है सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और उसके जरिए हर एक लोगों को विरोध प्रदर्शन में जोड़ना और लोग जुड़ भी रहे हैं,आप ताजा उदाहरण नेपाल और फ्रांस का देख लीजिए,इसलिए सरकार को अपने देश के युवाओं पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा करना चाहिए,आगे की खबर के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
