पाकिस्तान का कड़ कड़ बिक चुका है

जी हां दोस्तों भारत और रूस को नुकसान पहुंचाने के लिए पाकिस्तान अपनी जमीन कभी,चीन को तो कभी अमेरिका को बेच रहा है,पाकिस्तान अपने देश की इज्जत,अपने देश की संप्रभुता दूसरे देशों के हाथों मे दे दिया केवल भारत और रूस को नुकसान पहुंचाने के लिए,पूरी दुनिया को पता है कि पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है,पाकिस्तान पूरे तरीके से कंगाली के कगार पर है ऐसे में अपनी झोली भरने के लिए पाकिस्तान अपने ही जमीनों को दूसरे देशों को बेच रहा हैhttp://news24hourslatest.in
पाकिस्तान ने बेची अपनी जमीन अमेरिका को:
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी जर्जर है, ऐसे में पाकिस्तान और पाकिस्तानी सेना पैसे की लालच के लिए अपने जमीनों को बेच रहे हैं,पाकिस्तान अपना एक पोर्ट जिसका नाम है पसनी जो कि बलूचिस्तान में है अमेरिका को बेचने की तैयारी कर चुका है,हम सबको पता है कि बलूचिस्तान से पाकिस्तान का जो नियंत्रण है वह लगभग समाप्ति के कगार पर है इसीलिए पाकिस्तान चाहता है कि धीरे-धीरे बलूचिस्तान के सारे जमीन या पोर्ट अन्य देशों को बेचकर पैसा कमाया जाए, पाकिस्तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि भारत और रूस से बदला लिया जा सके,बलूचिस्तान का यह दूसरा पार्ट पसनी अमेरिका को बेचा जाएगा,पाकिस्तान यह पसनी पोर्ट अमेरिका को इसलिए बेच रहा है ताकि दोनों देशों के बीच संबंध अच्छा हो सके क्योंकि अगर भविष्य में युद्ध हुआ तो अमेरिका पाकिस्तान का साथ भी दे सकता है
बलूचिस्तान का ग्वादर पोर्ट चीन को बेचा:
पाकिस्तान ने बलूचिस्तान का ग्वादर पोर्ट पहले से ही चीन को दे दिया है परंतु चीन पाकिस्तान को पूरी तरीके से सुरक्षा नहीं दे पा रहा है, पाकिस्तान केवल भारत पर दबाव बनाने के लिए बलूचिस्तान की सारी जमीन कभी चीन को, तो कभी अमेरिका को बेच रहा है पाकिस्तान चाहता है कि अमेरिकी निवेशक बलूचिस्तान के पसनी पोर्ट पर आए और अरब सागर के किनारे बसे हुए स्पॉट को डेवलप करें,आपको बता दे कि बलूचिस्तान का यह ग्वादर पोर्ट मात्र 112 किलोमीटर दूर है पसनी कोर्ट से जो अब अमेरिका के हाथों जाने वाला है और पाकिस्तान यह सब सिर्फ इसलिए कर रहा है ताकि वह भारत पर दबाव बना सके
पसनी पोर्ट के जरिये अमेरिका क्या करेगा:
पसनी पोर्ट जब अमेरिका के नियंत्रण में आ जाएगा तो अमेरिका बलूचिस्तान से लूटा हुआ खजाना यानी कि मेटल को ले जाने का प्रयास करेगा, हम सबको पता है कि बलूचिस्तान में अभी जंग चल रही है इसका फायदा अमेरिका उठा सकता है,पाकिस्तान जरूर चाहेगा कि अमेरिका भारत पर अत्यधिक दबाव डालें क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को बहुत नुकसान पहुंचा है
पसनी पोर्ट भारत को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है:
आपको बता दे की पसनी पोर्ट अरब सागर के बीचो-बीच स्थित है यहां से भारत की दूरी ज्यादा नहीं है, आपको बता दे कि इस इलाके पर भारत का दबदबा है और इसी दबदबा को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका को ये पोर्ट बेचने की मंशा बना ली है,ग्वादर और पसनी पोर्ट के बीच की दूरी है 112 किलोमीटर और पसनी पोर्ट से 160 किलोमीटर दूर है ईरान का चाबहार पोर्ट जहां पर रूस और भारत एक बहुत बड़ा व्यापार करने करने वाले है,यहीं से भारत और रूस का इंटरनेशनल मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क बनेगा और कहा जा रहा है कि अरबोे खरबो का कारोबार इसी पोर्ट से भारत और रूस का होगा और अमेरिका अगर पसनी पोर्ट पर आ गया तो भारत और रूस के बीच में जो कॉरिडोर बनने वाला है यह बनने नहीं देगा और पाकिस्तान भी इसी राह पर चलने की कोशिश कर रहा है
पाकिस्तान और अमेरिका दोनों मिलकर भारत और रूस के व्यापार को खत्म करना चाहते हैं और यही कारण है कि पाकिस्तान ने अपना दूसरा पार्ट जो बलूचिस्तान में है जिसका नाम है पसनी,अमेरिका को बेचने के लिए राजी हो गया है,हम सबको पता है की पसनी पोर्ट से 160 किलोमीटर दूर ईरान का चाबहार पोर्ट है जहां से भारत और रूस का व्यापार शुरू होने वाला है और अमेरिका इसमें सेंध लगाने की कोशिश अवश्य करेगा अगर अमेरिका पसनी पोर्ट खरीद लेता है तो ईरान पर हमला करने की भी कोशिश कर सकता है,पाकिस्तान की मंशा यह भी है कि अगर भारत और पाकिस्तान में युद्ध हुआ तो अमेरिका पाकिस्तान का भरपूर साथ देगा, पाकिस्तान के लिए भविष्य में खतरा इस बात का है कि अगर अमेरिका पोर्ट पर आकर बैठ गया तो पाकिस्तान को भारत,रूस,ईरान,बलूचिस्तान सबका सामना करना पड़ सकता है पहले तो चीन ही नहीं चाहेगा कि अमेरिका पसनी एयरपोर्ट पर आकर बैठे क्योंकि वैसे ही चीन और अमेरिका एक दूसरे के दुश्मन है,अब देखते हैं कि पाकिस्तान के लिए कितना खतरे का कारण बन सकता है अमेरिका, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
