खेसारी लाल और पवन सिंह अपने पार्टी के लिए बन रहे हैं मुसीबत

बिहार में पहले चरण का मतदान हो चुका है और दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार प्रसार तेज हो चुका है, राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार खेसारी लाल यादव इन दिनों खूब चर्चाओं में है अपने बयानों को लेकर,वहीं भाजपा के स्टार प्रचारक पवन सिंह उनकी हर बातों का खंडन करते नजर आ रहे हैं और यही नहीं मनोज तिवारी,रवि किशन,दिनेश लाल यादव,ये सारे लोग एक दूसरे पर बयान बाजी कर रहे है लेकिन सबसे तीखी बहस पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के बीच में हो रही है,राजनीति में आने से पहले यह अपनी कला में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे लेकिन राजनीति में आने के बाद एक दूसरे से दुश्मनी साध लिए हैंhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं इन दोनों के जुबानी जंग के बारे में:
पवन सिंह ने खेसारी पर आरोप लगाया कि वह एक पानी पर नहीं रहते हैं इसका खंडन करते हुए खेसारी ने कहा कि भले मैं एक पानी पर नहीं रहता हूं लेकिन मैं एक बीवी के साथ रहता हूं,क्योंकि मेरे लिए वह रिश्ता बहुत कीमती है,खेसारी के इस बयान पर पवन सिंह ने कहा “मंच से मुझे लेकर कहा कि मैं चार चार जिंदगी बर्बाद कर दी है हम एक पर हैं वह तो मुझे पता है कि कौन कितना सच्चा है अब मैं बोलूं कि तुमने 500 जिंदगियों को खराब कर दिया है तो क्या यह उचित रहेगा”,आगे पवन सिंह ने कहा कि खेसारी के हर बात का जवाब देना ठीक नहीं है क्योंकि इससे निचता का स्तर पता चलता है
खेसारी का बीवी और बहन वाला मुद्दा:
एक इंटरव्यू में बात करते हुए खेसारी लाल यादव ने यह कहा कि मैं जब घर में रहता हूं तो मैं अपनी बीवी का पति बन कर रहता हूं लेकिन जब मैं बाहर निकलता हूं तो मैं उसका भाई बनकर साथ देता हूं उनके कहने का मतलब यह है कि जितना भाई अपनी बहन के लिए प्रोटेक्टिव रहता है उतना पति नहीं रहता,इस बात का खंडन करते हुए पवन सिंह ने कहा कि कभी वह भाई बन जाते हैं कभी वह पति बन जाते हैं तो उनकी बात और घोड़े की पाद दोनों बराबर है,मधुबनी जिले में फूलपारस विधानसभा सीट पर मंत्री शीला मंडल का प्रचार प्रसार करते हुए पवन सिंह ने कहा कि मेरे ऊपर खेसारी को कटाक्ष करके क्या मिलता है
दिनेश लाल यादव ने क्या कहा:
राम मंदिर की जगह अस्पताल की बात करने वाले खेसारी लाल यादव पर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने यह कहा कि खेसारी लाल यादव यदमुल्ला है इसलिए वह ऐसी बहकी बहकी बातें कर रहे हैं जीस राम मंदिर के लिए 500 साल से लड़ाई चल रही है उस राम मंदिर पर अस्पताल बनाने की बात करना व्यर्थ है
तीन एक तरफ और एक अलग:
तीन एक तरफ और एक अलग का मतलब है पवन सिंह, मनोज तिवारी,दिनेश लाल यादव यह तीनों एक पार्टी में है भारतीय जनता पार्टी और खेसारी लाल यादव राष्ट्रीय जनता दल के साथ खड़े हैं और उम्मीदवार भी है, चुनाव भी लड़ रहे हैं यह तीनों लोग खेसारी यादव पर कटाक्ष कर रहे हैं तो खेसारी यादव भी इन तीनों के ऊपर जमकर बरस रहे हैं कभी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर,तो कभी जंगल राज को लेकर,कभी मोदी के शासन को लेकर,तो कभी व्यक्तिगत जीवन को लेकर पवन सिंह और खेसारी लाल एक दुसरे पर आक्रामक हो रहे हैं,अब हाल यह हो गया है कि इन चारों की चर्चाएं खूब जोरों शोरों पर हो रही है उसमें भी पवन सिंह और खेसारी लाल यादव की चर्चा तो हर जगह हो रही है इन दोनों की जुबानी जंग इतनी तेज हो गई है कि आगे क्या होगा यह पता नहीं
क्या ऐसे कलाकारों को पार्टी में लेना उचित है:
मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि दिनेश लाल यादव,मनोज तिवारी,पवन सिंह,खेसारी लाल यादव यह भोजपुरी के टॉप कलाकार हैं लेकिन इनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है ना तो उनके परिवार में कोई नेता रहा है या किसी ने राजनीति की है फिर भी पार्टी चुनाव जीतने के लिए इनको अपने पार्टी में शामिल कर लेती है क्योंकि इनकी फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादे हैं,पार्टी को मतलब है जितने से ना कि उनके बयानों से,लेकिन पार्टी कोई भी हो उन्हें यह सोचना चाहिए कि उनके जो बयान है वह देश हित में नहीं है क्योंकि यह हमेशा मूल मुद्दों से ध्यान भटका देते हैं अब देखिए आप खेसारी लाल यादव और पवन सिंह को, इनका झगड़ा पारिवारिक हो गया,अब यह व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणी करने लगे जो की बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है इसीलिए कहा जाता है कि जिन्हें राजनीतिक समझ नहीं होती है उन्हें टिकट नहीं देना चाहिए क्योंकि ऐसे बयानों से लोगों में एक आक्रोश पैदा होता है जिसकी वजह से आपसी सौहार्द बिगड़ता है इसीलिए कहा जाता है कलाकार के साथ-साथ आपको एक अच्छी शिक्षा लेनी चाहिए कि कब क्या बोलना है, जिससे कि किसी की भावनाएं आहत न हो,राजनीति में प्रवेश करने का मतलब संजीदगी रखना,आपकी हर बयान को जनता सुनती है इसलिए सोच समझ कर बोले और अगर आपको राजनीतिक करनी है तो पहले पार्टी में रहकर सीखे उसके बाद चुनाव लड़े,धन्यवाद
