क्या राहुल गांधी के नेतृत्व में कमी है

राहुल गांधी इस समय विपक्ष के नेता है,हमेशा सुर्खियों में रहते हैं,कुछ सालों से काफी चर्चा में है राहुल गांधी क्योंकि कांग्रेस की कमान उन्हीं के हाथों में है,राहुल गाँधी कभी भारत जोड़ो यात्रा,वोट चोरी की रैली, संविधान बचाओ रैली,भारत के अलग-अलग राज्यों में घूमते है,लोगों से मिलते हैं,उनकी समस्याएं सुनते हैं उनके लिए क्या सही है क्या गलत है यह भी सोचते हैं, और कांग्रेस को मजबूत करने की कोशिश में लगे रहते हैं, राहुल गांधी की परफॉर्मेंस इस समय दिन प्रतिदिन गिरती जा रही है,उनके पार्टी के ही कुछ नेताओं का कहना है की जो जमीनी मुद्दे हैं उन्हें राहुल गांधी पकड़ नहीं पाते,केवल वोट चोरी का मुद्दा ही नहीं है,राहुल गांधी के नेतृत्व में भी कमी आ रही है,रिपोर्ट के अनुसार लगभग 95 चुनाव लगातार राहुल गांधी हार चुके हैंhttp://news24hourslatest.in
राहुल गांधी के नेतृत्व में कमी:
लगभग 2003-2004 से राहुल गांधी कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं,और आपको बता दे कि जब राहुल गांधी कांग्रेस ज्वाइन किए थे तब लगभग 14 राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी,लेकिन आज 2025 में कांग्रेस मात्र चार राज्यों में सिमट गई है,राहुल गांधी का ग्राफ दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है,रिपोर्ट के अनुसार 70% की गिरावट आई है कांग्रेस में जब से राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमान संभाली है,राहुल गांधी के नेतृत्व में इतनी कमी आई है कि उनके बहुत सारे नेता बीजेपी ज्वाइन कर लिए,उनका कहना है कि राहुल गांधी को जनता समझ नहीं पा रही है और यह बात एक हद तक सही है क्योंकि राहुल गांधी जनता से कनेक्ट नहीं हो पा रहे हैं,राहुल गाँधी भाषण अच्छी तरीके से दे ले रहे हैं लेकिन मूल मुद्दे जनता के कानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं
राहुल गांधी के संगठन में कमी:
आपको बता दे कि बीजेपी ऐसे ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई, BJP का हर कार्यकर्ता चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो सबको साथ लेकर चलना यह बीजेपी का ब्रह्मवाक्य है,बीजेपी के जितने बड़े नेता हुए चाहे वह भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई हो,राम मंदिर का मुद्दा जोरों शोरोे से उठाने वाले लाल बहादुर शास्त्री,चाहे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,योगी आदित्यनाथ यह जो एक तरह से हिंदूवादी चेहरे हैं यह जनता के बीच होकर गुजरे हैं इनको पता है की कब कौन से मुद्दे उठाएंगे जिन्हें जनता आसानी से समझ ले, जब तक अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री रहे तब लाल कृष्ण आडवाणी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर पूरे देश में आंदोलन छेड़ दिए थे और वहीं से बीजेपी का ग्राफ बढ़ता गया और ऐसा कहा जाता है कि धर्म एक कफीम है जिसका नशा कभी छूट नहीं सकता फिर क्या था तब से लेकर आज तक बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर जनता के बीच कनेक्ट हो गई और उसके बाद जनता के तमाम वादों को पूरा किया अपनी संगठन को इतना मजबूत किया कि कहीं भी चुनाव होता है तो बीजेपी के हजारों कार्यकर्ता अलग-अलग राज्यों में जाकर अपने प्रत्याशी का प्रचार करते हैं जो कांग्रेस में नहीं हो पता जबकि कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है बीजेपी को पता है कि अगर उनका संगठन मजबूत रहेगा तो वह कोई भी चुनाव जीत लेंगे राहुल गांधी अपने जमीनी कार्यकर्ताओं को मजबूत नहीं कर पा रहे हैं
बीजेपी का संगठन है बहुत मजबूत:
कांग्रेस को,राहुल गांधी को,प्रियंका गांधी को भारतीय जनता पार्टी से सीखना चाहिए कि कैसे कार्यकर्ताओं को जोड़े रखना है,एक भी कार्यकर्ता पार्टी से नाराज ना हो इसका पूरा खयाल रखना है और अपने संगठन को मजबूत रखना है इसलिए जहां भी चुनाव होता है बीजेपी के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी के लिए खड़े रहते हैं गली-गली,गांव-गांव,शहर-शहर प्रचार करना बीजेपी का प्रमुख एजेंडा है जिसे लोगों ने बखूबी समझ लिया है, प्रधानमंत्री मोदी राजनीति के चाणक्य हैं उन्हें पता है कि कौन सी नस पकड़ी जाएगी तो वोट मिलेगा इसीलिए बिहार में उन्होंने भोजपुरी में शुरुआत की अपने भाषणों की,गमछा लहराया,फिर बात करने के स्टाइल उनके जेस्चर लोगों को आकर्षित करते हैं और यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और कांग्रेस के दिन प्रतिदिन घाटी जा रही है
मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेस फेल हो गई:
2014 में प्रचंड बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार बनी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हुए थे तब से लेकर 2025 तक मोदी की लोकप्रियता बढ़ती गई हालांकि कुछ राज्यों में कांग्रेस की सरकार है लेकिन मोदी की लोकप्रियता कम नहीं हुई है और यही कारण है कि कांग्रेस की लोकप्रियता कम हो गई क्योंकि राहुल गांधी में नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है जब चुनाव नजदीक आता है तो राहुल गांधी जाते हैं प्रचार करने और फिर बीच चुनाव में चले जाते हैं घूमने,यह सारी चीज लोग देखते हैं,ऑब्जर्व करते हैं कि कौन जनता से कनेक्ट हो पा रहा है इसलिए राहुल गांधी को अभी जनता गंभीरता से नहीं ले रही है,फिलहाल देखते हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस को कितना मजबूत कर पाते हैं,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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