इंडिगो की फ्लाइट पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट

पिछले एक हफ्तों में लगभग इंडिगो की 7000 उड़ाने रद्द कर दी गई है जिससे लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है कुछ लोगों का कहना है की फ्लाइट बुक किया जा रहे हैं और बिना किसी पूर्व सूचना के रद्द कर दिए जा रहे हैं,लाखों लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं किसी की शादी छूट गई तो,किसी का पेपर छूट गया तो, किसी की नौकरी छूट गई लेकिन फिर भी बुकिंग चालू है और फ्लाइट कैंसिल हुई जा रही है,एयरपोर्ट पर लगातार भीड़ होती जा रही है जिससे लोग बेहोश भी हो रहे हैं एयरपोर्ट के स्टाफ और आम लोगों के बीच रोजाना बहस हो रहा है,लोगों का कहना है कि आखिर जब फ्लाइट कैंसिल करनी है तो बुकिंग चालू क्यों है और किसी भी पैसेंजर को पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई की फ्लाइट कैंसिल होगी और फ्लाइट कैंसिल होने के बाद किसी का पैसा भी वापस नहीं भेजा जा रहा है इसी को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई हैhttp://news24hourslatest.in
PIL में क्या कहा गया है:
इंडिगो की लगातार कैंसिल हो रही फ्लाइट का मामला अब दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंच गया है,PIL में यह कहा गया है कि इंडिगो के फ्लाइट्स मनमानी ढंग से पैसा वसूल कर रहे हैं,फ्लाइट कैंसिल कर रहे हैं और पैसा रिफंड भी नहीं कर रहे हैं और ओवर बुकिंग के साथ-साथ डीजीसीए के नियमों का उल्लंघन भी कर रहे हैं, पिछले कुछ दिनों से जैसे इंडिगो के फ्लाइट कैंसिल हो रही है लाखों लोगों को प्रभावित कर चुकी है,न जाने कितने लोग रात भर एयरपोर्ट पर सो रहे हैं,किसी भी यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है,ना खाने की ना पीने की
PIL में केंद्र सरकार से क्या कहा गया:
PIL में केंद्र सरकार से कहा गया है कि एयरपोर्ट पर अस्थाई मदद केंद्र बनाया जाए जिससे कि जो यात्री जो रात भर एयरपोर्ट पर रुक रहे हैं उन्हें खाना पीना जैसी सुविधाओं दी जाए,PIL में यह भी मांग की गई है कि इंडिगो एयरलाइन कोर्ट को यह बताएं कि आखिर फ्लाइट रद्द होने का कारण क्या है क्योंकि लोगों को तो कुछ बताया जा नहीं रहा है और यात्रियों को कितना मुआवजा दिया जाएगा और भविष्य में यात्रियों को कोई दिक्कत ना हो इस पर भी कोई फैसला लिया जाए
याचिका में डीजीसीए से क्या पूछा गया:
PIL में यह भी पूछा गया कि आखिर डीजीसीए के पास ऐसी समस्याओं का निवारण क्यों नहीं है,क्योे पहले कभी ऐसी समस्याओं के निवारण के लिए कोई जोड़ नहीं निकाला गया था या फिर कभी ऐसी समस्या हो तो उसके लिए कोई गाइडलाइंस जारी की जाए,हालांकि इंडिगो ने यह बात पहले ही कही थी कि जो नए नियम लागू हुए हैं उसी के वजह से पायलटो की कमी हुई है जिसके कारण फ्लाइट रद्द हुई है जबकि डीजीसीए ने कहा है की इंडिगो एयरलाइन ने अपने शेड्यूल को ठीक से लागू नहीं किया था जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही है
लाखों लोगों का जिम्मेदार कौन:
यह सवाल हमेशा पूछा जा रहा है कि जो लाखों लोग प्रभावित हुए हैं उनका जिम्मेदार कौन है आखिर लोगों को क्यों नहीं बताया गया पहले की फ्लाइट रद्द होंगी और यात्री अपनी सुविधा अपने अनुसार इंतज़ाम कर ले, इतना कुछ होने के बाद भी इंडिगो की प्री बुकिंग चालू है और लोगों से जबरन पैसा लिया जा रहा है और फ्लाइट भी कैंसिल कर दी जा रही है जिसके कारण स्टेशन पर अनियंत्रित भीड़ एकत्रित होती जा रही है,एयरपोर्ट के स्टाफ और लोगों के बीच काफी बहस होती देखी जा रही है,लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट पर बहुत ज्यादा असुविधा हो गई है जो लोग यहां घंटे घंटे खड़े हैं उनके लिए ना तो खाने का कोई इंतजाम है ना तो कोई पीने का इंतजाम है,लोग भूखे रात भर इस आशा में सो रहे हैं कि अगले दिन फ्लाइट चालू होगी और लोग अपने-अपने काम पर निकल लेंगे लेकिन ऐसा कुछ नहीं है लोगों को बहुत ज्यादा असुविधा हो रही है,वही डीजीसीए के अधिकारियों ने कहा है की स्थिति को जल्दी सामान्य किया जाएगा लेकिन कैसे किया जाएगा,कब तक किया जाएगा इसकी कोई जानकारी नहीं है लोगों का पैसा भी वापस नहीं किया जा रहा है,केंद्र सरकार ने भी गहरी चिंता जाता है यह लोगों के प्रति उनके निर्देश है इंडिगो को की जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी इस समस्या का हल होना चाहिए,पिछले 6-7 दिनों में लगभग 6000 से 7000 फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है और अभी तक लोगों को मुआवजा भी नहीं मिला है,लोगों का पैसा भी डूबा,समय भी गया,देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस समय अपने यात्रियों को कोई सुविधा नहीं दे पा रही है और ना ही इंडिगो के कर्मचारी यह बता रहे हैं की स्थिति कब तक सामान्य हो जाएगी ताकि लोग पहले की भांति यात्रा कर सकेंगे,मामला तो अब कोर्ट में गया बुधवार को इसका निर्णय आना है अब देखना है कि कोर्ट इंडिगो एयरलाइंस पर क्या निर्णय सुनाती है,तब तक के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
