ममता बनर्जी और बीजेपी की अलग-अलग चाल

आपको बता दे की 2026 में बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जिसकी तैयारियां जोरों शोरों पर हैं बीजेपी SIR के माध्यम से बंगाल में घुसपैठियों को हटाना चाहती है,वहीं ममता बनर्जी इसका विरोध करने में लगी हुई है उनका कहना है कि भाजपा SIR के माध्यम से अपने वोटर को जोड़ना चाहती है जिससे कि वह चुनाव जीत सके लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे,ममता बनर्जी अपना किला बचाने के लिए हर कोशिश कर रही है वहीं बंगाल को जीतने के लिए भाजपा भी आप पूरे प्लान के साथ मैदान में उतर चुकी है,ममता बनर्जी और भाजपा दोनों अलग-अलग चाल चलने में लगे हुए हैंhttp://news24hourslatest.in
SIR है सबसे बड़ा मुद्दा:
बंगाल में SIR की प्रक्रिया तेजी से संपन्न हुई जिसमें चुनाव आयोग ने करीब 59 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए हैं और इसी पर ममता बनर्जी काफी आक्रामक दिख रही है की चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की विशेष गहन पुननिरिक्षण यानी कि SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है,ड्राफ्ट के अनुसार मतदाता की संख्या 7.67 करोड़ से घटकर 7.5 करोड़ रह गई है,चुनाव आयोग के अनुसार SIR प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के पीछे मुख्य कारण मतदाता की मृत्यु,स्थाई पलायन,गणना फॉर्म जमा न करना शामिल है,चुनाव आयोग के अनुसार बंगाल में 5820898 वोटरों के नाम हटाए गए लेकिन इस सूची को अभी अंतिम नहीं माना जा सकता बताया जा रहा है कि अगले साल 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी जिसमें और बदलाव हो सकते हैं,रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल की SIR,चुनाव आयोग में पश्चिम बंगाल की SIR की ग्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को जारी की पहले चरण में कुल 76737529 वोटर शामिल थे मतदाताओं के नाम हटाने के बाद संख्या 781616 रह गई है कुल मिलाकर 92.4% फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है,इसे SIR प्रकिया की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है,इस प्रक्रिया में 3138374 ऐसे वाटर सामने आए हैं जिनका डेटा 2002 की वोटर लिस्ट से मैच नहीं हो सका,इन मतदाताओं को सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा
सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी:
SIR की प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 तक चलेगी,चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि पश्चिम बंगाल की नई मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 तक जारी कर दी जाएगी,SIR के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए उनमें ज्यादातर हिंदी बोलने वाले लोग हैं और वही मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कम नाम काटे गए हैं,पूरी प्रक्रिया होने के बाद यह साफ हो जाएगा कि बंगाल में कितने घुसपैठिए बाहर हुए हैं और कितने नए वोटर जोड़े गए हैं ताकि वोटिंग प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी न हो लेकिन ममता बनर्जी SIR के मुद्दे को लेकर बहुत आक्रामक रुख अपनायी हुई है
टीएमसी के सांसद अभिषेक बनर्जी ने क्या कहा:
SIR के मुद्दे को लेकर टीएमसी के महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि SIR के जरिए अब बीजेपी का द्वारा चरित्र सामने आ रहा है जो ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई है उसने भाजपा के दूसरे चरित्र को बेनकाब कर दिया है,बंगाल में एक करोड़ रोहिंग्या बांग्लादेशी रह रहे हैं,चुनाव आयोग के आंकड़े के हवाले बताते हुए बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग का रहा है कि राज्य में करीब 1.83 लाख फर्जी वोटर पाए,उन्होंने आगे कहा की बीजेपी बंगाल को घुसपड़ियों का अड्डा कहकर बदनाम करने की कोशिश कर रही है,और इस कथन पर भारतीय जनता पार्टी को बंगाल की जनता से माफी मांगनी चाहिए,अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि बीजेपी जिस तरह बंगालियों को बांग्लादेशी कह रही है इस पर उन्हें शर्म आनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए
अरुण चक्रवर्ती ने क्या कहा:
टीएमसी प्रवक्ता अरुण चक्रवर्ती ने कहा बीजेपी का नेरेटिव झूठ पर आधारित है,आगे उन्होंने कहा कि जनगणना से पहले बीजेपी ने SIR कराया और इसी के जरिए भाजपा की सच्चाई भी सामने आ जाती है ड्राफ्ट लिस्ट से पता चलता है की उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग बंगाल में है और कोई भी घुसपैठियों नहीं है,जो उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग बंगाल में रह रहे हैं भारतीय जनता पार्टी ने उनका भी अपमान किया है घुसपैठिया बढ़कर
SIR का मुद्दा बंगाल में खूब सुर्खिया बिटोेर रहा है,एक तरफ ममता बनर्जी बीजेपी पर हमला कर रही है तो वहीं बीजेपी बंगाल को घुसपैठियों का अड्डा बता रही है, बीजेपी का कहना कि SIR के जरिए सारे घुस बैठिए बंगाल से बाहर हो जाएंगे,अब देखना है की जो अंतिम लिस्ट आया है उसमें कितने नए वोटर जोड़े जाएंगे धन्यवाद
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