
अजीत पवार के मौत का असली कारण
हम सबको पता है की महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार अब इस दुनिया में नहीं रहे,बारामती के पास एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आकस्मिक निधन हो गया,पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है,कुछ लोग कह रहे हैं कि यह ऐसी छती है जिससे महाराष्ट्र की राजनीति को भर पाना आसान नहीं होगा,2025 में भी अहमदाबाद में विमान क्रैश हुआ जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री का निधन हो गया,अक्सर यह खबर सुनने को मिलती है कि हवाई हादसे में कुछ नेताओं की जान चली जा रही है,महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बहुत बड़ी छती ही नहीं बल्कि एक युग की राजनीति का अंत है
कुशल प्रशासक के रूप में जाना जाता था अजीत पवार को:
आपको बता दे की 66 वर्षीय अजीत पवार का जाना उस समय हुआ जब महारास्ट्र की राजनीति एक नया मोड़ ले रही थी,हमने देखा कि कैसे महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित जीत मिला और पहले मेयर भाजपा का नियुक्त होने जा रहा था तब तक ऐसा हृदय विदारक घटना हुआ जिससे सभी की आंखें नम कर दी,अजीत पवार को महाराष्ट्र की राजनीति का कुशल प्रशासक भी कहा जाता था उनकी शैली बेहद ही प्रचलित थी क्योंकि कई बार ऐसा देखा गया है की अजीत पवार सुबह 6:00 बजे मंत्रालय पहुंच कर अपना काम शुरू कर देते थे,उनके इस कड़क मिजाज और उनकी शैली के वजह से लोगों के मन में उनके प्रति बहुत आशा रहती थी जब कोई नेता नहीं सुनता था तो लोग इनके पास आते थे दिल में ख्वाहिश लेकर की कोई नहीं सुनेगा तो अजीत पवार सुनेंगे लेकिन अब सुनने वाला कोई नहीं है क्योंकि वह दीपक ही बुझ गया इसके आगे पीछे उजाला हुआ करता था
डिलीवरी मैन की छवि थी अजीत पवार की:
आपको बता दे की एक कुशल प्रशासक के रूप में अजीत पवार को जाना जाता था और ऐसा कहा जाता था कि जब वह सुबह-सुबह अपने कार्यालय पहुंचते थे वह भी सुबह 6:00 बजे तब से रात तक निरंतर काम करते थे इसलिए राज्य के नौकरशाह और जनता के बीच उनकी डिलीवरी मैन की छवि मजबूत बनाई थी,हम सबको पता है कि वह शरद पवार के भतीजे थे लेकिन उनका सियासी कद बहुत बड़ा था उनके अलग चाहने वाले थे,उनकी छवि जनता के बीच बहुत साफ सुथरी थी
वित्त मंत्रालय को बढ़िया से समझते थे अजीत पवार:
आपको बता दे की सिंचाई से लेकर वित्त मंत्रालय तक उनका अनुभव बहुत ही दृढ़ रहा है चाहे वह महाराष्ट्र का बुनियादी ढांचा हो चाहे वह राज्य का बजट हो,हर कार्य पर उनकी पैनी नजर रहती थी,महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी पहचान उस धुरी की थी जिससे इर्द-गिर्द पिछले ढाई दशकों में ऐसा कोई नेता पैदा नहीं हुआ और सत्ता समीकरण उनके आसपास घूमते रहे,महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु से महाराष्ट्र की राजनीति में एक खाली स्थान सा रह गया है जिसे भरपाना अब नामुमकिन है,विमान हादसा एक बहुत बड़ा मुद्दा है देश के लिए और एक बहुत बड़ा प्रश्न भी खड़ा करता है,सुरक्षा को लेकर कि आखिर इतने महनिये लोगों की सुरक्षा नहीं हो पा रही है तो आम जनता की क्या होगी
