बिहार में बढ़ती कांग्रेस की ताकत,तेजस्वी के लिए मौका या खतरा:Bihar Vidhansabha Chunav

बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में सारी पार्टियां अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर चुकी है,हर पार्टी अपने -अपने तरीके से जनता को लुभाने में लगी है,ताबड़तोड़ रैलियां हो रही है,राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने 14 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक वोट अधिकार यात्रा के दौरान भाजपा और इलेक्शन कमीशन पर खूब भड़के,राहुल गांधी ने हर मंच से वोट चोरी का आरोप लगाया,वहीं भाजपा राहुल गांधी के इस यात्रा को घूसपैठियां बचाओ यात्रा बता रही हैhttp://news24hourslatest.in
राहुल गांधी क्या तेजस्वी के लिए खतरा पैदा करेंगे?:
इन दोनों नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सारी ताकत झोक दी है,राहुल गांधी ने कभी भारत जोड़ो यात्रा निकाली तो आज वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे है,सवाल यह है क्या कांग्रेस की बढ़ती ताकत तेजस्वी यादव के लिए खतरा बन सकती है क्योंकि राहुल गांधी ने जो यात्रा निकाली है उसमे दलित समाज,सवर्ण समाज और अन्य वर्ग के लोग काफी प्रभावित है,मतलब कांग्रेस के नजरिए से उन्हें दलित का भी वोट मिल सकता है,सवर्ण का भी वोट मिल सकता है,खासकर मुसलमान का भी वोट मिलेगा,इसने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भाजपा के राजनीतिक समीकरण को चुनौती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे “माइनस RJD-BJP” यानी तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को बल मिल रहा है।
अगर गठबंधन टूटा तो जितने भी वोट है वह किसकी तरफ खिसकेंगे यह सोचने वाली बात है,क्योंकि लालू यादव जिस तरह से राजनीति करते थे और आज जो तेजस्वी यादव कर रहे हैं दोनों में बड़ा फर्क है, तेजस्वी यादव को जो भी वोट मिला है वह लालु यादव का वोट बैंक है,बिहार में इस समय विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है आरजेडी और तेजस्वी यादव बिहार के विधानसभा नेता प्रतिपक्ष भी है,और आपको बता दे कि तेजस्वी यादव का मुख्य वोट बैंक जो है वह यादव मुस्लिम और पिछड़ा वर्ग है,और अगर कांग्रेस इन वर्गों में अपनी पैठ बना लेती है तो आने वाले समय में तेजस्वी यादव के लिए मुश्किल साबित हो सकता है
कांग्रेस मजबूत हुई तो क्या असर पड़ेगा आरजेडी पर:
कांग्रेस की ताकत इसी तरह अगर बढ़ती रही तो आने वाले समय में तेजस्वी के लिए एक मुश्किल पैदा हो सकती है,क्योंकि एक तो कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है और राजद केवल बिहार में है इसलिए दोनों का वोट बैंक भी फिक्स हो जाएगा लेकिन अगर कांग्रेस मजबूत पड़ी तो आरजेडी के वोट बैंक में सेंध मार सकती है,और अगर ऐसा हुआ तो सीटों के बंटवारे में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा तेजस्वी यादव को,क्योंकि तब कांग्रेस जाहिर सी बात है कम सिटे देगी आरजेडी को, और तेजस्वी यादव का नेतृत्व कमजोर होना शुरू हो जाएगा
राहुल गांधी का हाथ अखिलेश यादव के साथ:
एक समय था जब राहुल गांधी अखिलेश यादव के साथ उत्तर प्रदेश के चुनाव में गठबंधन किए थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा,जी हां दोस्तों अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने 2017 में जब विधानसभा चुनाव लड़ाई थे उत्तर प्रदेश में तो नारा था “यूपी को ये साथ पसंद है”, उस चुनाव में राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने संयुक्त रैलिया भी की थी,और सीटों का बंटवारा ऐसा हुआ कि कांग्रेस को 105 सिटे दी गई थी वहीं समाजवादी पार्टी को 298 सिटे मिली थी,यह दोनों नेता युवा नेता के तौर पर जनता के सामने उभरे थे और भाजपा को रोकने का प्रयास कर रहे थे,इन दोनों की जोड़ी को युवा जोड़ी कहकर प्रचार प्रसार किया जा रहा था,लेकिन जब नतीजे आए विधानसभा चुनाव के तो सारा का सारा खेल धरा रह गया,और भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की 403 विधानसभा सीटों में 302 विधानसभा सीट भाजपा के पाले में गए,वहीं समाजवादी पार्टी 47 सीट में सिमट गई और कांग्रेस सिर्फ 7,समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के हार के बहुत सारे कारण है जैसे समाजवादी पार्टी में पारिवारिक कलह,नरेंद्र मोदी और अमित शाह की आक्रामक रणनीति बहुत कामयाब रही,हालांकि उस चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने बहुत सारे वादे किए थे जैसे शिक्षा,रोजगार, भ्रष्टाचार मुक्त UP, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर, किसानों के हित की बात, महिलाओं के हित की बात,स्वास्थ्य,सामाजिक न्याय और विकास और न जाने क्या-क्या बातें किए थे लेकिन अंतत: हार का सामना करना पड़ा लेकिन आज राहुल गांधी ने तेजस्वी यादव के साथ गठबंधन करके सरकार बनाने की योजना बना रहे हैं,राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन का जो गठजोड़ बनाया है,उसमें कई पार्टिया है,मतलब कुल मिलाकर,INDIA गठबंधन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, RJD, JDU, TMC, DMK, AAP, शिवसेना (उद्धव गुट), NCP (शरद गुट), JMM, NC, PDP, वामदल और कुछ छोटे क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
राहुल गांधी पहले अखिलेश यादव के साथ आए तो हार गए अब वह इंडिया गठबंधन को लेकर चल रहे हैं जिसमें तमाम सारी पार्टियां हैं और राहुल गांधी को यह मालूम हो गया है कि किस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन एक होगा और इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी कार्य कर रहे हैं क्योंकि अन्य कोई मुद्दा अगर उठाएंगे राहुल गांधी तो इंडिया गठबंधन में फूट पड़ सकती है इसलिए वह बहुत सोच समझकर कदम रख रहे हैं, आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में कौन सी पार्टी बिहार पर राज करेगी यह तो जनता बताएगी, फिलहाल और भी खबरें जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
