चीन अगर भारत को धोखा नहीं देता है तो क्या होगा?

जैसा कि हम सबको पता है कि इन दिनों जो वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध चल रहा है,अमेरिका इंडिया पर 50% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है वहीं इंडिया का कहना है कि हम अमेरिका से तेल ना खरीद के रूस से तेल खरीदेंगे,और चीन का कहना है कि भारत के साथ मिलकर हम विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे,हालांकि चीन भारत के साथ व्यापार करता है लेकिन कब धोखा दे दे इसका कोई भरोसा नहीं है क्योंकि वैसे भी भारत और चीन के बीच गलवान वाटी में सीमा विवाद चलता हैhttp://news24hourslatest.in
अगर चीन भारत को धोखा नहीं देता है तो क्या होगा:
अगर चीन भारत के साथ मिलकर एक बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में काम करता है और भारत को धोखा नहीं देता है तो भारत विश्व गुरु भी बन सकता है,दोनों देशों के बीच जो सीमा विवाद हो रहा है वह सुलझ जाएगा,अगर चीन और भारत मिलकर काम करते हैं तो आने वाले समय में एक बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकते हैं और अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े देशों को चुनौती दे सकते हैं,व्यापार,रोजगार,तकनीक हर क्षेत्र में भारत तरक्की कर सकता है
आईए जानते हैं चीन के बारे में:
ऐसा नहीं है कि चीन बहुत अमीर देश था, 1990 के दशक में चीन भी बहुत गरीब देश हुआ करता था लेकिन उन्होंने अपनी अर्थव्यवस्था पर जमकर काम किया,चीन ने सस्ती चीज बनानी शुरू कर दी,और पूरी दुनिया में वह समान बेचना शुरू कर दिया और इससे क्या हुआ चीन की अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे और बढ़ती गई,चीज सस्ती चीजे बनाते थे और थोड़ी महंगी करके अन्य देशों में बेचते थे जिससे चीन की कमाई दोगुनी हो गई,और धीरे-धीरे चीन विश्व के पटल पर छा गया अपने 80 करोड़ से 90 करोड लोगों को गरीबी से बाहर किया और पूरी दुनिया को दिखा दिया कि चीन एक मैन्युफैक्चरिंग हब हो गया है और अपनी अर्थव्यवस्था बढ़ा रहा है,लेकिन चीन को विसंगतियां तब झेलनी पड़ी जब उनकी लेबर कॉस्ट बढ़ने लगी,और लेबर कॉस्ट बढ़ने से उनकी जो प्रॉफिट थी वह धीरे-धीरे कम हो गई,और इस चीज का निवारण करने के लिए चीन ने को वैल्यू प्रोडक्ट कम करके हाई वैल्यू प्रोडक्ट बनानी शुरू कर दी जैसे की इलेक्ट्रिक कारें,बैटरी वाली कारें बनानी शुरू कर दी, और धीरे-धीरे वह फिर अपनी अर्थव्यवस्था को कंट्रोल कर दिया
भारत के लिए एक सुनहरा मौका:
अगर भारत चाहे तो चीन के साथ मिलकर जो को वैल्यू प्रोडक्ट होती हैं उसे बनाना शुरू कर सकता है क्योंकि चीन अब ज्यादतर हाई वैल्यू प्रोडक्ट माल बेचता है,लो वैल्यू प्रोडक्ट पर चीन का ध्यान थोड़ा कम रहता है इसलिए यह मौका अगर भारत को मिल जाए तो भारत भी अपने को वैल्यू प्रोडक्ट्स बनाकर पूरी दुनिया को भेज सकता है,भारत लो वैल्यू प्रोडक्ट आसानी से बना सकता है क्योंकि भारत के पास चीपेस्ट लेबर रेट है, आपको बता दे की इंडिया और चीन को मिलाकर 300 करोड़ की जनसंख्या होती है अगर भारत लो वैल्यू प्रोडक्ट्स बनाना शुरू कर दे तो भारत से 100 करोड लोगों की गरीबी दूर की जा सकती है,जो कि पूरे भारत के इतिहास में सबसे अच्छा कदम साबित हो सकता है, अब भारत को चाहिए कि चीन के साथ मिलकर वह भारत में को मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सेटअप कर ले ताकि आने वाले दिनों में हम लोग वैल्यू प्रोडक्ट्स बना सके और पूरी दुनिया को बेच सके
चीन से भारत को सतर्क भी जाना चाहिए:
जैसा कि हमको पता है भारत और चीन अब एक साथ मिलकर काम करने की सोच रहे हैं परंतु चीन क्या चाहता है हमें अभी उसके बारे में कुछ नहीं पता लेकिन भारत को चीन से व्यापार के साथ-साथ खुद को सतर्क भी रखना चाहिए क्योंकि आपको पता है चीन ने भारत को हर समय धोखा दिया है,आपको पता होगा कि 1962 के युद्ध में एक नारा चला था हिंदी चीनी भाई-भाई,और उस समय चीन ने भारत पर हमला कर दिया और भारत के कुछ सीमा पर कब्जा भी कर लिया जैसे अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख,1993 और 1996 में लगातार चीन घुसपैठ करता रहा,2017 का मामला चीन ने भारत की सीमा पर सड़क बनाने की कोशिश की उसके बाद भारत ने रोकथाम किया फिर भी 73 दिन तक भारत चीन की सेनाएं आमने-सामने रही,2020 का गलवान घाटी विवाद जिसमें चीन ने LAC पर अचानक घुसपैठ किया और गलवान घाटी में हमला भी कर दिया,जिसमें 20 सैनिक भी हमारे शहीद हो गए
भारत चीन के साथ जो व्यापार करने जा रहा है उसमें भारत को सतर्क भी रहना चाहिए क्योंकि चीन कब धोखा दे दे इसका कोई भरोसा नहीं है वैसे भी भारत और चीन के बीच बहुत सारे विवाद होते रहे हैं परंतु अगर भारत और चीन मिलकर व्यापार करते हैं तो यह पूरी दुनिया के लिए एक संदेश होगा क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से सुधरेगी,फिलहाल देखते हैं क्या होता है आगे,अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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