वो सूत्रधार जिनके वजह से प्रदर्शन हुआ और ओली ने इस्तीफा भी दिया

हाल फिलहाल नेपाल की खबर ने पूरे विश्व पटल पर छाई हुई है,जैसा कि आपने देखा कि Gen- Z का आंदोलन पूरे नेपाल को तबाह कर दिया, नेपाली संसद को जला दिया और वहां के प्रधानमंत्री केपी ओली को भी इस्तीफा देना पड़ा और न जाने कितने मंत्री भी घायल हो चुके हैं, खबर यह भी है कि पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी इस विद्रोह में शहीद हो गए,आखिर नेपाल के विद्रोह के पीछे का सूत्रधार कौन है,कौन है जो नेपाल की सरकार को ही बदल दिएhttp://news24hourslatest.in
नेपाल के विद्रोह में जो सबसे पहला नाम आ रहा है वह है:
1-सुदन गुरुंग:ऐसा कहां जा रहा है कि यह सुदन गुरंग पहले डीजे और नाइट प्रोग्राम के इवेंट मैनेजर थे,उसके बाद इवेंट प्रोग्राम बंद करके सामाजिक कार्यकर्ता बन जाए और NGO भी चलाने लगे,और नेपाल के भूकंप में लोगों की जमकर सहायता की,और ऐसा कहा जा रहा है कि जो नेपाल का विद्रोह हुआ है उसमें सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर बैन और सरकार के नीतियों के खिलाफ, सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ, युवाओं को संगठित करने में अहम रोल रहा है,और यह भी माना जा रहा है कि जो युवाओं को प्रदर्शन करने के लिए स्कूल ड्रेस में होना वह भी किताबें और बैग के साथ ये सूदन की ही देन है,वह यह दिखाना चाहते थे कि यह जो विरोध है वह शांतिपूर्ण ढंग से किया जा रहा है,सुदन ने अपने पोस्ट के जरिए युवाओं को अपनी ओर आकर्षित किया और आंदोलन करवाया और जब पुलिस जबरन हावी होने लगी युवाओं पर तो सुदान अपने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से इस्तीफा भी मागा,और उसके बाद उन्होंने मंत्रियों से भी इस्तीफे की मांग की
2- बालेंद्र शाह:इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री काठमांडू से तो, मास्टर डिग्री भारत के कर्नाटक से ली,उसके बाद चले गए रैपिंग के फील्ड में और अपना करियर बनाने लगे,और 2022 में बिना किसी पार्टी के अपने बल पर काठमांडू के मेयर बने,उसके बाद बालेंद्र शाह ने इलीगल कामों का जमकर विरोध करना शुरू कर दिया,और टाइम मैगजीन जैसे पत्रिका में भी उनको जगह मिली, सुर्खियों में यह तब आए जब इन्होंने अपने कार्यालय में ग्रेटर नेपाल का मैप लगाया जिसमे उत्तराखंड,सिक्किम जैसे कुछ हिस्सों को नेपाल का दर्शाया गया जिसका जमकर विरोध हुआ भारत में,और जब आदि पुरुष फिल्म रिलीज हुई भारत में तो उसे फिल्म को भी लेकर बालेंद्र शाह काफी सुर्खियों में रहे उनका कहना था इस फिल्म का मैन डायलॉग है जिसमें सीता जी को भारत की बेटी कहा गया है और इसी डायलॉग से उन्हें आपत्ति थी,और उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल की संप्रभुता के लिए वह किसी कोर्ट का आदेश नहीं मानते हैं,और नेपाल के इस विद्रोह में बालेंद्र शाह ने यूथ को सपोर्ट किया और लिखा कि अब देश तुम्हारे हाथों में है, Gen-Z प्रोटेस्ट में बालेंद्र शाह का नाम सुर्खियों में है,ऐसा माना जाता है कि बालेंद्र शाह के पी शर्मा ओली के विरोधी हैं, काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी में नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी,इस कार्रवाई की जद में कई नेता भी आ गए, ऐसे में काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी का विरोध शुरू हो गया और बालेन्द्र शाह ने इसके लिए पीएम केपी शर्मा ओली पर निशाना साधा,इसके बाद मेट्रोपॉलिटन सिटी के हजारों कर्मचारियों को कई महीनो तक सैलरी नहीं मिली थी और सरकार को चेतावनी दे डाली थी,इस मामले को लेकर खूब विवाद हुआ और शाह लोगों की नजरों में आ गए,नेपाल के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर इनका भी नाम सुर्खियों में है
3-रबि लमिछाने:रबि लामिछाने टेलीविजन पत्रकार और होस्ट भी रह चुके हैं,अपने एक सीरियल में वह नेताओं और अफसरों से सीधा सवाल पूछते थे,और इस सीरियल से उन्हें काफी लोकप्रियता भी मिली क्योंकि यह सीरियल सामाजिक मुद्दों पर काम करने से जुडा था, 2022 में रबि ने एक पार्टी की स्थापना की थी जिसका नाम था आरएसपी(RSP) यानी कि राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, और फिर जवाब चुनाव हुए तो रबि लामिछाने को 20 सीटों की प्राप्ति हुई,उसके बाद वो डिप्टी पीएम और गृहमंत्री के पद पर भी आसीन रहे,हालांकि पिछले चुनाव में उन पर कई आरोप लगे जैसे संगठित अपराध, सरकारी फंड में, हेर-फेर करना जिसकी वजह से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में युवाओं का जमकर समर्थन किया,उनकी पार्टी आरएसपी खुलकर सरकार के खिलाफ युवाओं के साथ प्रदर्शन में जुटी थी,और युवाओं के समर्थन के वजह से रबि लामिछाने जेल से छूट गए
4- सुशीला कार्की:नेपाल में युवाओं के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में एक और आवाज जो सुर्खियां बटोर रही है वो है सुशील कार्की का,भारत के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इन्होंने पढ़ाई की और ये नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस भी रह चुकी है,नेपाल के इस विद्रोह में युवाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर आंदोलन का हिस्सा बनी,और ऐसा कहा जा रहा था कि युवाओं के प्रदर्शन रोकने के लिए सुशिला कार्की को अंतरिम तौर पर सत्ता सौपने के लिए हस्ताक्षर भी कराए गए,क्योंकि सुशीला कार्की ने यह कहा था कि अगर 1000 युवा हस्ताक्षर करेंगे,उनकी तरफ से यह बागडोर संभालेंगी, और उनके तरफ से ढाई से 3000 वोट पड़े,और ऐसा सुर्खियों में कहा जा रहा है कि इनका भी नाम प्रधानमंत्री के लिए प्रस्तावित है
मैंने आपको चार नाम बताएं जो आजकल नेपाल के विद्रोह में सुर्खियों में है, अब इनमें से प्रधानमंत्री कौन बनेगा या कोई नया बनेगा यह तो नेपाल की जनता, जाने फिलहाल ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल