श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान,नेपाल अब बारी है लंदन की

जी हां दोस्तों यह दौर आंदोलन और विरोध का चल रहा है,जिस जगह देखो उस जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं,सरकार के खिलाफ युवा सड़क पर उतर रहे हैं, सरकारी इमारत को ध्वस्त कर रहे हैं, लोगों की जाने जा रही हैं,घायल हो रहे हैं,सरकार गिर रही है और देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ रहा है,श्रीलंका,बांग्लादेश,नेपाल पाकिस्तान इन सब के बाद अब लंदन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया हैhttp://news24hourslatest.in
यूनाइटेड द किंगडम की विशाल रैली:
लंदन में 1 लाख से ज्यादा लोग यूनाइटेड द किंगडम नाम की एक विशाल रैली निकाली,जिसका नेतृत्व एंटी इमिग्रेशन नेता टॉमी रॉबिन्सन कर रहे थे,यूनाइटेड द किंगडम मार्च के दौरान लंदन के व्हाइट हॉल में स्टैंड अप टू रेसिज्म नाम का प्रदर्शन चल रहा था,जिसमें 5,000 लोग शामिल थे,पुलिस इस भीड़ को अलग करने की कोशिश कर रही थी तभी झड़प शुरू हो गई,जिसमें कई लोग गिरफ्तार हो गए और कुछ पुलिस वाले भी घायल हुए
क्या है पूरा मामला आईये जानते हैं:
ब्रिटेन के लोग अवैध अप्रवासन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं,उनकी मांग है जो भी अवैध प्रवासी हैं उन्हें सरकार देश से बाहर करें,प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2025 में 28000 से अधिक प्रवासी ब्रिटेन में घुस चुके हैं और सरकार इनको अभी तक निकाल के बाहर नहीं की,आखिर सरकार उनको शरण क्यों दे रही है,आपको बता दें कि वहां के कुछ प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि किसी प्रवासी द्वारा 14 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न किया गया जिससे हिंसा और भड़क गई,लोगों में आक्रोश और जागृत हो गया,वहां के लोग सरकार और पुलिस पर यह इल्जाम लगा रहे हैं कि अवैध प्रवासियों को देश से बाहर करने में सरकार असफल है
क्या सरकार कठोर फैसला करेगी:
प्रदर्शनकारियों के अत्यंत विरोध के कारण सरकार पर यह दबाव पड़ रहा है कि वह जल्दी से जल्दी अप्रवासियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए,विपक्षी पार्टियां भी सरकार के विरोध में खड़ी हो गई है जनता का समर्थन कर रही है,यह मांग कर रही हैं कि जल्दी से जल्दी सरकार इस पर कोई ना कोई कदम उठाए,धमकी भी दिया जा रहा है कि अगर सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो प्रदर्शन और भी तेज होगा
पुलिस ने क्या बताया है इस मामले में:
इस हिंसा को पूरी तरीके से पुलिस ने अस्वीकार किया और यह भी कहा कि अलग-अलग अपराधों के वजह से 25 लोगों को गिरफ्तार करना पड़ा है,मेट्रोपोलिटन पुलिस की तरफ़ से यहां एक हज़ार पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे,साथ ही लीसेस्टरशायर,नॉटिंघमशायर, डेवोन और कॉर्नवाल से 500 अतिरिक्त पुलिसबलों को भी लगाया गया था,वहां के असिस्टेंट कमिश्नर का कहना है “इस बात में कोई संदेह नहीं है कि कई लोग यहां पर विरोध करने के अपने हक़ का इस्तेमाल करने पहुंचे थे. लेकिन कई ऐसे भी थे जिनका इरादा हिंसा फैलाना था.” आगे उन्होंने यह भी कहा कि जांच जारी है जिन्होंने हिंसा फैलाई उनको गिरफ्तार किया जाएगा,पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का मकसद सिर्फ आंदोलन करना नहीं था बल्कि हिंसा फैलाना भी था
एलन मस्क ने क्या कहा:
एलन मस्क ने एक वीडियो शेयर करते हुए यह कहा “बड़े पैमाने पर अनियंत्रित प्रवासन” पर चिंता जताई और ब्रिटेन में “सरकार बदलने” की मांग की,आगे उन्होंने कहा कि कुछ नया करना चाहिए, संसद को भंग करना चाहिए और फिर से नए तरीके से चुनाव करना चाहिए
अब ब्रिटेन की जनता प्रवासियों के खिलाफ जमकर आंदोलन कर रही है और यह मांग कर रही है सरकार से की अब प्रवासियों को जल्द से जल्द देश से निकल जाए,वहीं कुछ लोगों का कहना है कि संसद भंग कर और सरकार को गिरा दिया जाए और नए तरीके से चुनाव करके नई सरकार लाई जाए,अब यह सोचने वाली बात है कि यह जो आंदोलन हो रहे हैं अलग-अलग देश में, अलग-अलग शहर,यह तथाकथित करवाया जा रहा है या फिर लोगों के प्रति इतना आक्रोश है कि वह अपनी सरकार को बदलना चाहते हैं,श्रीलंका में तख्तापलट,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का इस्तीफा, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री का भागना,नेपाल के प्रधानमंत्री का इस्तीफा आखिर यह क्या दर्शाता है और खास बात यह है यह जो आंदोलन हो रहे हैं यह केवल युवाओं के द्वारा हो रहे हैं? क्या युवाओं को बरगलाया जा रहा है या फिर वह एक दूसरे के आंदोलन को देखकर प्रेरित हो रहे हैं और अपने देश की सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं,या फिर इसके पीछे कोई बहुत बड़ा कारण है, जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल