क्या न्याय यात्रा भारी पड़ेगी वोट अधिकारी यात्रा पर

हम सब ने देखा कि कैसे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन के तमाम नेता मिलकर बिहार में वोट अधिकार यात्रा निकाले जिस दौरान लाखों लोगों से जुड़ने का प्रयास किया और इलेक्शन कमीशन और भाजपा पर जमकर बरसे,उसके बाद अब एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी न्याय यात्रा निकाल रहे हैं बिहार के सीमांचल क्षेत्र में,सीमांचल ओवैसी का गढ़ भी माना जाता हैhttp://news24hourslatest.in
कहीं आरजेडी को ओवैसी नुकसान न पहुंचा दे:
एआइएमआइएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी इंडिया महागठबंधन का हिस्सा बनने की कोशिश में थे लेकिन राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने उन्हें अपने गठबंधन में शामिल नहीं किया जिसकी नाराजगी ओवैसी ने जाहिर भी की है, ये नाराजगी कहीं आरजेडी को नुकसान न पहुंचा दे,क्योंकि 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने सीमांचल के विधानसभा क्षेत्र में पांच सिट जीती थी लेकिन उनमें से चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए,उसके बाद ओवैसी ने इस विधानसभा चुनाव मे महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव रखा लेकिन तेजस्वी यादव ने उसे ठुकरा दिया,इसी से नाराज होकर ओवैसी अपने अन्य गठबंधन के साथियों के साथ बिहार में न्याय यात्रा की शुरुआत कर चुके हैं
क्या लाभ होगा न्याय यात्रा से:
24 सितंबर से ओवैसी ने सीमांचल में न्याय यात्रा की शुरुआत की है,इस यात्रा के दौरान ओवैसी विकास, न्याय,भ्रष्टाचार, बेरोजगार जैसे मुद्दे पर फोकस करेंगे, ओवैसी का कहना है कि महागठबंधन मे वह शामिल होने को तैयार है बसरते उनकी मांग है 6 सीटों की, लेकिन इस बार राहुल गांधी,तेजस्वी यादव का कोई बयान अभी तक नहीं आया,आपको बता दे की सीमांचल क्षेत्र में चार जिलों को मिलाकर 24 विधानसभा सिट आती है,2020 के विधानसभा चुनाव में एआइएमआइएम ने 19 सीटों पर चुनाव लड़े थे जिनमें से पांच में उन्होंने जीत हासिल कि थी,अब ओवैसी अकेले दम पर इन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे या फिर अन्य छोटे दलों के साथ मिलकर लड़ सकते हैं अब इस यात्रा के दौरान वह जितने भी मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है उन सब पर उनकी पैनी नजर रहेगी क्योंकि आरजेडी भी अपनी उम्मीदवार उतारेगी और दोनों पार्टियों में अच्छा खासा संघर्ष रहेगा, इस बार ओवैसी उन सीटों पर कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं जो मुस्लिम बाहुल्य है
महागठबंधन पर क्या कहा ओवैसी ने:
महागठबंधन पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए ओवैसी ने यह कहा कि महागठबंधन को मुस्लिम वोट चाहिए लेकिन प्रतिनिधित्व करना कोई नहीं चाहता,और यही कारण है कि ओवैसी ने सीमांचल क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय यात्रा निकाली है,उन्होंने कहा है कि राजद में जो विधायक शामिल हुए हैं उन्होंने वहां के लोगों के साथ धोखा किया है,बीजेपी हमेशा मुसलमान का हक छीनने में लगी रहती है
क्या चाहते हैं ओवैसी:
न्याय यात्रा के दौरान ओवैसी वहां के लोगों को पूरी तरीके से अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा वह सीट जीत सके,वह चाहते हैं कि सीमांचल क्षेत्र में अधिक संख्या में विधायक उनकी पार्टी से निकले क्योंकि अगर कोई भी गठबंधन बनने का नौबत आयी तो उनकी पार्टी भी ज्यादा अहमियत में रहेगी,क्योंकि अब ओवैसी इंडिया महागठबंधन का तो हिस्सा नहीं है हालांकि वह शामिल होना चाहते थे लेकिन तेजस्वी यादव ने उन्हें शामिल नहीं किया इस कारण वोे और अधिक आक्रोश में है और वो ये चाहते हैं कि सीमांचल क्षेत्र में उनकी पकड़ इतनी अच्छी हो जाए की महागठबंधन को उनसे हाथ मिलाना पड़ जाए
सीमांचल क्षेत्र के चार जिलों में 24 विधानसभा सिट आती हैं,अब वहां एआईएमआईएम के प्रमुख ओवैसी भी अपने उम्मीदवार उतारेंगे और इंडिया गठबंधन भी अपनी उम्मीदवार उतारेगी लेकिन वहां के लोगों में अब दो तरीके का कन्फ्यूजन पैदा होगा, एक तो मुसलमान के अत्यंत चहेते ओवैसी है सामने और दूसरे तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल है,अगर वहां के लोग सरकार बनाने के लिए वोट करते हैं तो तेजस्वी को देना पड़ेगा और मुस्लिम हितैषी बनने के लिए वोट करते हैं तो ओवैसी को देना पड़ेगा,अब यह भ्रम वहां के लोगों में फैला है कि वह किसके प्रति सहज रहें,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल