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क्या CJI भी अब सुरक्षित नहीं है

क्या CJI भी अब सुरक्षित नहीं है

क्या CJI भी अब सुरक्षित नहीं है

दिन था सोमवार,तारीख थी 6 अक्टूबर समय था 11:35,जहां सुप्रीम कोर्ट के रूम नंबर 1 मे सुनवाई हो रही थी,आरोपी था राकेश किशोर,मामला यह था कि राकेश कुमार ने CJI भूषण रामकृष्ण गवई के तरफ जूता फेंका,हमले के आरोपी राकेश किशोर को बार काउंसिल आफ इंडिया ने निलंबित कर दिया है, एडवोकेट रवी झा ने कहा वकील राकेश किशोर ने अपना जूता फेंका और हाथ उठाकर भी बताया कि जूता उसने फेंका हैhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं पूरा मामला क्या है:
सुनवाई के दौरान वकील राकेश कुमार ने अपनी स्पोर्ट्स शूज उतारे और भारत के मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई की ओर फेंकी,आपको बता दे कि सुरक्षाकर्मियों और अदालत में उसे घेर लिया था जिसके कारण उसका जूता बेंच तक नहीं पहुंच पाया,आपको बता दे की बार काउंसिल आफ इंडिया ने राकेश किशोर को तत्काल निलंबित कर दिया है,राकेश किशोर को कोर्ट रूम में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया और अपने गिरफ्त में ले लिया,बार कॉउन्सिल का कहना है कि यह मामला गलतफहमी की वजह से हुआ है जिसमें CJi ने विष्णु की मूर्ति को लेकर जो टिप्पणी दी थी,बताया जा रहा है कि मुख्य न्यायाधीश की यह टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया है,बार एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे घटनाक्रमों से आपसी सौहार्द को बिगाड़ा नहीं जा सकता,एसोसिएशन ने कहा की न्यायपालिका और न्यायाधीशों को बदनाम करने या राजनीतिक रंग देने की कोई भी कोशिश को कामयाब नहीं करने दिया जाएगा
क्या बोला था मुख्य न्यायाधीश ने:
आपको बता दें कि जो यह मामला हुआ है वह खजुराहो श्रृंखला के जावरी मंदिर मे क्षतिग्रस्त 7 फीट की ऊंची विष्णु की प्रतिमा को पुनः निर्माण याचिका को CJI की पीठ ने खारिज कर दिया था,CJI बी आर गवई ने कहा कि जोओ भगवान से अब इस बारे में पूछो,विवाद को लेकर राकेश किशोर काफी नाराज नजर आ रहे थे,इस मामले के बाद मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया वह कि वह सभी धर्म का सम्मान करते हैं,और उनकी टिप्पणी केवल इस संदर्भ में थी,की मंदिर आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया के डिपार्टमेंट के अधीन थी और अदालत इस तरह की राहत नहीं दे सकती है
कौन है राकेश किशोर:
दरअसल राकेश किशोर पेशे से वकील है,इस घटना से पहले वकील राकेश किशोर ने मुखर आवाज में कहा था कि सनातन का अपमान नहीं होने दिया जाएगा,रिपोर्ट के अनुसार राकेश किशोर सुप्रीम के संगठन का रेजिस्टर्ड सदस्य है और दिल्ली के मयूर विहार इलाके में उनका आवास है,2009 में राकेश किशोर ने दिल्ली बार काउंसिल में अपना नामांकन कराया था,राकेश किशोर के पास सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन,शाहदराबाद एसोसिएशन और दिल्ली बर काउंसिल के सदस्य के रूप में जाने जाते हैं,राकेश कुमार ने आखिर चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की हिम्मत कहां से आई,जैसा कि हम सबको पता है कि यह घटना मध्य प्रदेश के खजुराहो परिसर के एक मंदिर की है,CJI की टिप्पणी क्षतिग्रस्त विष्णु प्रतिमा को लेकर आई थी,16 सितंबर को खजुराहो के जावरी मंदिर में विष्णु की प्रतिमा को पुनः स्थापित करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था, खारिज करने के बाद कोर्ट ने से प्रचार हित याचिका करार दिया था, बयान था चीफ जस्टिस का की जाइए और भगवान से ही कुछ कहिए, CJI ने कहा कि अगर आप विष्णु के प्रबल भक्त हैं तो प्रार्थना कीजिए और थोड़ा ध्यान भी करिए और इसी टिप्पणी कुछ हफ्ते बाद राकेश किशोर ने मुख्य न्यायाधीश के ऊपर जूता फेंका, आपको बता दे कि वकील राकेश किशोर को अभी तक इस घटना पर कोई मलाल नहीं है,मीडिया से बात करते हुए राकेश किशोर ने कहा कि मुझे इस बात का कोई पछतावा नहीं है कि मैने बी आर गवई के ऊपर जूता फेंका,राकेश किशोर का कहना है कि यह जो घटना हुई यह मैंने खुद नहीं कि मेरे अंदर एक देवी शक्ति आई थी जिसने मुझे यह करने के लिए प्रेरित किया,सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने वकील राकेश किशोर को घटना के तुरंत बाद प्रभाव से निलंबित कर दिया,71 साल के वकील राकेश किशोर का कहना है कि वह जो भी काम किए हैं उसके लिए उन्हें पछतावा नहीं है और कोई भी सजा स्वीकार करने के लिए राजी है,BCI के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा की ओर से जारी अंतरिम निलंबन आदेश में कहा गया है कि आरोपी का यह आचरण अदालत की गरिमा को भंग करता है, आपको बता दे कि इस कृत्य से मुख्य न्यायाधीश को कोई चोट नहीं पहुंची है,लेकिन इस घटना ने भारतीय न्यायपालिका के इतिहास पर प्रहार किया है
मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई कवि ने क्या कहा:
जैसा कि हम सबको पता है कि वकील राकेश किशोर ने एक मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका,उसके बाद तुरंत राकेश किशोर को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया लेकिन इस मामले के बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि इस घटना से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है,आप लोग अपनी डील ले जारी रखें
ऐसी घटना बेहद ही निंदनीय है और अनैतिक है किसी के ऊपर जुता फेंकना कोई बहादुरी का काम नहीं है जैसा कि राकेश किशोर ने किया,इस घटना से न्यायपालिका, बार एसोसिएशन,अधिवक्ता, वकील सबको कटघरे में खड़ा करता है,अगर आपको आपत्ति है तो आप आपत्ति दर्ज कराये,ऐसी घटना ना करें जिससे कि भारत की एकता अखंडता पर प्रहार हो,धन्यवाद

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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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