3 साल बाद मिले CM योगी और बृजभूषण:

देश में राजनीति का हाल यह है कि दिन प्रतिदिन सियासी घटनाओं पर कोई न कोई खबर आती है, उत्तर प्रदेश में भी एक ऐसी खबर आई है जो कि इन दिनों काफी चर्चा में है, वह है सीएम योगी और बीजेपी के पूर्व सांसद, भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण की 55 मिनट की मुलाकातhttp://news24hourslatest.in
उत्तर प्रदेश न्यूज़: जी हां दोस्तों पिछले 31 महीनो से सीएम योगी और बीजेपी के नेता, पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह की ना तो कोई मुलाकात ना तो कोई बात हुई है लेकिन अचानक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बृजभूषण सिंह की यह 55 मिनट की मुलाकात सुर्खियां बटोर रही हैं, क्या बीजेपी सब गीले शिकवे भूलकर फिर से बृजभूषण सिंह को आगामी चुनाव के लिए कोई रणनीति तैयार करना चाहती है?आखिर इस मुलाकात के पीछे का कारण क्या है? क्या उनके या उनके बेटे को मंत्री बनाने की भी बात हुई है?
दोनों की मुलाकात में क्या हुआ:
इन दिनों उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ी हलचल हुई है,करीब 31 महीने बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद, भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह की मुलाकात हुई, बृजभूषण सिंह का कहना था कि जो भी गिले शिकवे थे हम दोनों के बीच उसे समाप्त करने के लिए बात हुई,उस पर चर्चा हुई, कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, जो एक दूसरे के प्रति द्वेष की भावना थी उसे हमने समाप्त किया, बृजभूषण सिंह का कहना है कि उनका सीएम योगी से अच्छा संबंध रहा है,जब बृजभूषण सिंह से यह सवाल पूछा गया कि क्या मंत्रिमंडल में शामिल करने पर सीएम योगी से कोई चर्चा हुई तब बृजभूषण सिंह ने कहा कि मंत्री पद मेरे लिए बहुत छोटी बात है,मैं 6 बार जनता का सांसद बना हूं, एक बेटा सांसद और एक विधायक है, मैंने कितने नेताओं को मंत्री बनवाया है,और हमसे यह पूछा जा रहा है कि मैं मंत्री बनूँगा यह तो मुझे गाली देने के बराबर है,हालांकि उनका पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं CM से मिलने नहीं जाता मेरे परिवार के लोग जाते हैं
बेटे को मंत्री बने की खबर पर क्या बोले बृजभूषण:
जब बृजभूषण सिंह से पूछा गया कि क्या आप अपने बेटे प्रतीक को मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि प्रतीक मेरा बेटा है,अभी वह मेहनत करें अभी वह राजनीति के लिए इतनी गंभीर नहीं है, मेहनत करें आगे मंत्री तो बन ही जाएंगे,आपको बता दे कि प्रतीक भूषण सिंह गोंडा सदर से बीजेपी के विधायक हैं, और प्रतिक भूषण शरण सिंह का उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात उनके आवास पर हो चुका है, बृजभूषण सिंह के दूसरे बेटे कैसरगंज से बीजेपी के सांसद है जिनका नाम है करण भूषण सिंह और यह दोनों सीएम योगी से भी मिलते रहते हैं
क्या मंत्रिमंडल के बिस्तर पर चर्चा हुई:
मंत्रिमंडल के बिस्तर पर बृजभूषण सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री और पार्टी का फैसला है, इसमें सरकार को सोचना चाहिए कि मंत्रिमंडल में किसको रखना है किसको नहीं क्योंकि जनता कई मंत्रियों से नाराज भी है, उनका कहना है कि अगर वही मंत्री जो बीजेपी के टिकट पर मंत्री बन जा रहे हैं उन्हें अगर निर्दलीय लड़ा दिया जाए तो 5000 वोट भी नहीं मिल पाएंगे,उनका भाग्य साथ दे रहा है तो मंत्री बने हैं लेकिन इस मंत्रिमंडल में बदलाव होना जरूरी है
अखिलेश यादव की भी तारीफ करते हैं बृजभूषण:
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बारे में पूछा गया तो बृजभूषण सिंह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री रहते हुए अच्छा काम अपने क्षेत्र में किए हैं इसलिए उनकी वह तारीफ करते हैं और कोई बात नहीं
क्या आरोप लगे थे बृजभूषण सिंह पर:
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगा था, आपको बता दे की नाबालिक पहलवान के पिता ने कहा था की बेटी ने एशियाई चैंपियनशिप में 62 किलोग्राम फ्रीस्टाइल में गोल्ड जीता था, यहीं पर फोटो लेने के बहाने बृजभूषण ने जबरन बेटी को अपनी तरफ खींचा और बोला कि तुम मुझे सपोर्ट करो और मैं तुम्हें सपोर्ट करुंगा, इस पर पहलवान बेटी ने कहा कि मैं अपने दम पर यहां तक आई हूं और आगे भी मेहनत करके जाऊंगी, बेटी का कहना था कि बृजभूषण सिंह ने उन्हें अपने कमरे में बुलाया, और जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन किसी तरह वह खुद को छुड़वायी और कमरे से बाहर निकल गई, उसके बाद मामला बढ़ता गया, आपको बता दें कि बृजभूषण सिंह पर 6 महिला पहलवानों ने आरोप लगाया था, कुछ का कहना था कि इलाज खर्च के बदले सेक्सुअल फेवर मांगा, कुछ ने कहा कि मेरी शर्ट को खींची, कुछ ने कहा कि मेरे कंधे पर हाथ रखता था, बेड पर जबरन गले लगाया, लेकिन लंबा केस चलने के बाद बीजेपी के नेता बृजभूषण सिंह को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से नाबालिक पहलवान से यौन शोषण के मामले में बरी कर दिया गया और केस को क्लोज कर दिया गया क्योंकि पहलवान अपने बयानों से पलट गई उनका कहना था कि किसी राजनीतिक एवं भावनात्मक दबाव में आकर वह आरोप लगायी थे,ऐसी कोई घटना नहीं घटी थी
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