आईए जानते हैं राघोपुर विधानसभा सीट का इतिहास

राघोपुर विधानसभा सीट वैशाली जिले के अंतर्गत आता है,जहां से बिहार नेता प्रतिपक्ष राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने अपना नामांकन भरा है,राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव इसी सीट से जीते थे यहां तक की लालु यादव की पत्नी राबड़ी देवी भी इसी सीट से जीत कर मुख्यमंत्री बनी थी और आज उनका बेटा तेजस्वी यादव भी राघोपुर सीट से अपना नामांकन भरा है इसी उम्मीद से की पापा भी, जीते मम्मी भी जीती तो मैं भी जीतूंगा और बिहार का मुख्यमंत्री बनेगा,लेकिन यह सीट राष्ट्रीय जनता दल के लिए लगातार जीत की कहानी नहीं लिखती है यहां से राष्ट्रीय जनता दल की राबड़ी देवी हारी भी हैhttp://news24hourslatest.in
2010 में राबड़ी देवी हार गई थी:
2010 में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी इस सीट से हार भी गई थी और उन्हें हराने आने वाले थे सुशील कुमार,उसके बाद 2015 और 2020 में तेजस्वी यादव ने यहां से जीत हासिल की,राघोपुर में यादव वोटर की संख्या बहुत अधिक है,राघोपुर का यह सीट बहुत ही महत्वपूर्ण सीट माना जाता है क्योंकि यहां से लालु यादव का परिवार जितता रहा है,और अब की बात करें तो तेजस्वी यादव की पकड़ भी काफी अच्छी है 2025 के विधानसभा चुनाव में,आपको बता दे की 2025 के पहले एनडीए गठबंधन सहित अन्य पार्टियों ने इसी सीट में सेंधमारी करने की कोशिश की थी लेकिन कर नहीं पाए
सामाजिक चुनौतियां:राघोपुर विधानसभा सीट में यादव एवं राजपूत मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, आपको बता दे की 2010 में जब राबड़ी देवी यहां से चुनाव हारी थी और उनके खिलाफ जो प्रत्याशी खड़ा था वह खुद यादव था जिसका नाम था सुशील कुमार यादव जिन्होंने राबड़ी देवी को हराया था,2020 में तेजस्वी ने यहां से जीत हासिल की थी,2010 में जनता दल यूनाइटेड के सतीश कुमार ने जीत हासिल की थी,इससे यह साबित होता है कि इस सीट पर अधिकतम लालु यादव के परिवार का कब्ज़ा रहा है,एक चीज और साबित होती है कि इस सीट पर पूरी तरीके से लालु यादव का पकड़ नहीं है क्योंकि अन्य कोई उम्मीदवार अगर इस सीट से खड़ा होता है तो वह भी जीत सकता है
2025 में क्या होगा:2025 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राघोपुर विधानसभा सीट को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और यहीं से तेजस्वी यादव ने जीत हासिल की थी और फिर इसी सीट से नामांकन भी किए हैं लालु यादव ने भी इसी सीट से जीत के मुख्यमंत्री बने थे और उनकी पत्नी राबड़ी देवी भी इसी सीट से जीतकर मुख्यमंत्री बनी थी,आरजेडी भी इसे अपना गढ़ मानती है,राष्ट्रीय जनता दल का वर्चस्व लंबे समय से रहा है वहीं अन्य पार्टियों इस सीट में सेंधमारी करने की कोशिश बहुत की कुछ हद तक सफल हुई लेकिन अधिकतम कब्जा राष्ट्रीय जनता दल का इस सीट पर रहा है,जातीय-सामाजिक समीकरण,स्थानीय विकास-मुद्दे, और ब्लॉग-सामग्री (bridges, flood mitigation) सब यहाँ अहम भूमिका निभा रहे हैं,इस बार का चुनाव बेहद ही महत्वपूर्ण चुनाव होने वाला है क्योंकि टक्कर दोनों पार्टियों में बराबर है
तेजस्वी यादव का आधार:
लालु यादव के लड़के तेजस्वी यादव को यहां पर फायदा 2020 में मिला था और 2025 में भी मिलने की उम्मीद है,लालू प्रसाद यादव,राबड़ी देवी यहां तक की तेजस्वी यादव तीनों को यहां की जनता ने जबर्दस्त समर्थन दिया है,आपको बता दे की राघोपुर में यादवों की आबादी 25 से 30% है,मुस्लिम मतदाता है 10 से 15% और हम सबको मालूम है कि यादव और मुस्लिम यह दोनों परंपरागत वोट बैंक है राष्ट्रीय जनता दल के,तेजस्वी यादव का चेहरा बिहार के युवा चेहरों में देखा जा रहा है इसका फायदा तेजस्वी यादव को मिल सकता है,अन्य पार्टियों इस सीट पर उतनी अच्छी खासी पकड़ नहीं बन पाई,इस सीट पर जन सुराज पार्टी भी अपना दावा ठोक रही है उनका कहना है कि इस सीट से तेजस्वी यादव नहीं बल्कि जन सुराज पार्टी का उम्मीदवार चंचल सिंह जीतेगा,उनका लक्ष्य है भावना के बजाय विकास पर वोट पड़े,तेजस्वी की जीत यहां 60 से 65% मानी जा रही है परंतु आपको बता दें कि एनडीए गठबंधन की पार्टी बीजेपी ने यहां से सतीश कुमार यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है,और आपको बता दे कि यह वही सतीश कुमार यादव है जिन्होंने 2010 में राबड़ी देवी को यहां से हराया था,सतीश कुमार यादव ने राबड़ी देवी को लगभग 13000 वोट से हराया था,सतीश कुमार यादव की भी पकड़ इसी पर काफी मजबूत है अब देखना है कि इस बार इस सीट पर कौन जीतता है, तेजस्वी यादव या सतीश कुमार यादव,इस बार का चुनाव बेहद ही दिलचस्प हो गया है क्योंकि यह वही सतीश कुमार यादव हैं जो लालु के गढ़ में सेंधमारी कर चुके हैं,अब देखना है कि इस बार जनता किसको यहां से अपना नेता चुनती है,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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