मिलने जा रहा है भारत को मुख्य न्यायाधीश

देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट के नए जज नियुक्त हो चुके हैं,सुप्रीम कोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश जल्द ही देश को मिल जाएंगे और उनका नाम है जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के 53 में न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत होंगे जो की सर्वोच्च न्यायालय की पूरी बागडोर संभालेंगे जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने वाले हैं आपको बता दें कि इस दौरान कई मेहमान शामिल होंगे ऐसे में सवाल उठता है कि कौन है कौन-कौन से बड़े फैसले लिए जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण में कौन-कौन लोग शामिल होंगे और इन सवालों के जवाब जानने से पहले यह जान लीजिए कि कहां होगा सूर्यकांत का शपथ ग्रहण दरअसल राष्ट्रपति भवन में सुप्रीम कोर्ट के 53 में मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सूर्यकांत शपथ लेने वाले हैंhttp://news24hourslatest.in
कौन शामिल होगा शपथ ग्रहण:
राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में ब्राजील समेत दुनिया के सात देश के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे,एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में पहला मौका होगा जब किसी सीबीआई के शपथ ग्रहण में इतनी बड़ी संख्या में दूसरे देशों के न्यायिक प्रतिनिधि मंडल भी मौजूद होंगे,इस समारोह मे भूटान,मलेशिया,मॉरीशस,नेपाल और श्रीलंका के चीफ जस्टिस उनके साथ आए परिवार के सदस्य शामिल होंगे,मजूदा CJI गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को खत्म हो गया और अगले CJI जस्टिस सूर्यकांत शपथ ले लेंगे जो 9 फरवरी 2017 को रिटायर होंगे यानी कि उनका कार्यकाल लगभग 14 से 15 महीने का होगा, CJI पद के शपथग्रहण के लिए राष्ट्रपति भवन में इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण पत्र बनाकर तैयार हो गए हैं
जस्टिस सूर्यकांत का परिवार होगा शामिल:
जस्टिस सूर्यकांत का पूरा परिवार हिसार के पेटवाड़ गांव में रहता है,उनके बड़े भाई ऋषिकांत गांव में परिवार के साथ ही रहते हैं वही एक भाई हिसार शहर में और तीसरा भाई दिल्ली में रहता है,सूर्यकान्त के अलावा उनके तीनो भाइयों यानी की ऋषिकांत,शिवाकांत और देवकांत को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्योता दिया गया है,बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया बताया कि पूरा परिवार एक दिन पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो गया और हरियाणा भवन में रुका हुआ है,सूर्यकांत के बढ़े भाई देवकांत ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत है और वह कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई है वोे इंग्लिश के प्रोफेसर रही है उनकी दो बेटियां हैं मुगधा और कनुप्रिया दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही है मुख्य न्यायाधीश को कितनी सैलरी मिलती है और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती है यह भी जान लीजिए भारत में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों का वेतन ग्रेच्युटी पेंशन और अन्य सुविधाएं दो प्रमुख कानून के तहत निर्धारित होती है सुप्रीम कोर्ट जजेज वेतन सेवा सर्त अधिनियम 1958 और हाई कोर्ट जज वेतन व सेवा शर्त अधिनियम 1954 इन प्रावधानों में किसी भी संशोधन के लिए कानून में बदलाव जरूरी होता है
जस्टिस सूर्यकांत के अहम फैसले:
जस्टिस सूर्यकांत के जो अहम फैसले हैं उसके बारे में आपको बताते हैं,सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत कई कांस्टीट्यूशनल बेंच का हिस्सा रहे हैं और अपने कार्यकाल के दौरान वह संवैधानिक मानवाधिकार और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों को कवर करने वाले 1000 से ज्यादा फसलों में शामिल रहे उनके बड़े फैसलों में आर्टिकल 370 को निरस्त करने के 2023 के फैसले को बरकरार रखना भी शामिल है, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की फुल बेंच का हिस्सा थे सूर्यकांत, 2017 के बलात्कार के मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को लेकर जेल हुई हिंसा के बाद डेरा सच्चा सौदा को निरस्त करने का आदेश सूर्यकांत ने दिया था जस्टिस सूर्यकांत उसे बेंच का भी हिस्सा थे जिसने कॉलोनियल इराक के राजद्रोह कानून को स्थगित रखा था साथ ही निर्देश दिया था कि सरकार की समीक्षा तक इसके तहत कोई भी एफआईआर दर्ज न की जाए सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन समेत समस्त बार एसोसिएशंस पर एक तिहाई सिट महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने का निर्देश देने का श्रेय भी जस्टिस सूर्यकांत को दिया जाता है, जस्टिस सूर्यकांत सात जजो की बेंच में शामिल थे जिसने 1967 के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के फैसले को खारिज कर दिया था, यूनिवर्सिटी के संस्थान के अल्पसंख्यक दर्जे का पुनर्विचार का रास्ता खुल गया था इतना ही नहीं वो पेगासस स्पाई मामले की सुनाई करने वाली बेंच का भी हिस्सा थे जिसने गैर कानूनी निगरानी के आरोपी की जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट का एक पैनल बनाया था और उन्होंने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ में खुली छूट नहीं मिल सकती, बिहार SIR मामले में भी सुनवाई के दौरानमजूद थे, जस्टिस सूर्यकांत ने बिहार में SIR से जुड़े मामले की सुनवाई की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिकता को उन्होंने रेखांकित करने वाले आदेश दिए जस्टिस सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर किए गए 65 लाख नाम की डिटेल सार्वजनिक की जाए, अब देखते हैं इस नए चीफ जस्टिस का कार्यकाल कैसा रहता है,धन्यवाद
