कोलकाता हाई कोर्ट में ममता सरकार को क्यों लगाई फटकार

जनता सरकार को कोलकाता हाई कोर्ट ने फटकार लगाई है,एसआईआर के मामले को लेकर ममता बनर्जी खूब विरोध प्रदर्शन कर रही है उनका कहना है कि यह बीजेपी की चाल है वोट चोरी करने का हालांकि राहुल गांधी ने भी बिहार में SIR के मुद्दे को और वोट चोरी के मुद्दे को बिहार की जनता के बीच में उछाला था लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा,और यही ममता बनर्जी को बर्दाश्त नहीं हो रहा है क्योंकि बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी के कोेर वाेटर घुसपैठिए भी हैं जो हर साल वोट करके ममता बनर्जी की सरकार बनाते हैंhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं क्या कहा हाई कोर्ट ने:
कोलकाता हाई कोर्ट ममता बनर्जी को SIR को लेकर फटकार लगाई है,अक्सर हमने सुना है कि ममता बनर्जी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहती है कि घुसपैठियों उन्हीं की वजह से हो रहा है,उनकी लापरवाही की वजह से हो रहा है,बीजेपी का कहना है कि यह ममता बनर्जी की देखरेख में हो रहा है कितने साल से ममता बनर्जी की सरकार है आखिर वह कुछ घुसपैठियों को क्यों नहीं रोक रही है
कैसे हो रहा है घुसपैठ:
बंगाल में घुसपैठियों की संख्या बढ़ती जा रही है,ऐसे में एसआईआर का जो मुद्दा केंद्र सरकार के द्वारा चलाया गया है इससे पता चल जाएगा कि राज्य में कितने घुसपैठिये है और उनका पहचान कर उन्हें अपने वतन वापस भेज दिया जाएगा क्योंकि वह फर्जी तरीके से देश में रह रहे हैं और देश की सारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और अवैध तरीके से वोट कर रहे हैं,आपको बता दे जो बंगाल और बांग्लादेश का बॉर्डर है वह करीब 2216 किलोमीटर है और आपको बता दें इस 2216 किलोमीटर में 570 किलोमीटर का वो एरिया है जहां पर कोई घेराव नहीं हुआ है यानी की घुसपै आ सकते हैं आसानी से,यानी कि वह एरिया एक तरीके से कहा जाए तो ओपन बॉर्डर है जहां से बांग्लादेशी नागरिक आसानी से बंगाल के द्वारा भारत में प्रवेश कर सकते हैं,और अक्सर देखा गया है कि जो संदिग्ध गतिविधियां होती हैं यह इन्हीं लापरवाहियों के वजह से होती हैं
570 किलोमीटर को लेकर कोर्ट ने ममता बनर्जी को लगाया फटकार:
आपको बता दे कि बांग्लादेश और बंगाल का जो बॉर्डर है वह 2216 किलोमीटर है जिसमें से 570 किलोमीटर के एरिये पर कोई देखरेख नहीं है,कोई फेंसिंग नहीं है और इसी को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट ममता बनर्जी की सरकार को फटकार लगाइए क्योंकि वहीं से संदिग्ध गतिविधियां होती रही हैं,आपको बता दे की यह जो एरिया है जहां फेंसिंग नहीं हुई है वह लैंड एक्विजिशन के कारण रुका हुआ है,और आपको बता दे की लैंड एक्विजिशन के लिए स्टेट गवर्नमेंट को हेल्प करना पड़ता है सेंट्रल गवर्नमेंट कोे
फेंसिंग का काम कौन करता है:
आपको बता दे की कोलकाता हाई कोर्ट ने इसी फेसिंग को लेकर ममता बनर्जी सरकार को फटकार लगाइए है, आपको बता दे कि जो फेंसिंग का काम होता है वह बीएसएफ और यानी की बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और सेंट्रल गवर्नमेंट की जिम्मे होता है,लेकिन स्टेट गवर्नमेंट का काम होता है कि उस लैंड एक्विजिशन में बीएसएफ और सेंट्रल गवर्नमेंट की मदद करें,और अगर स्टेट गवर्नमेंट लैंड एजुकेशन के मामले में कोई मदद नहीं करती है तो सेंट्रल गवर्नमेंट और बीएसएफ भी कुछ नहीं कर पाता है,और इसी कारण वह एरिया अभी तक फंसा पड़ा है,और अभी तक उसकी फेंसिंग नहीं हो पाई है
बहुत अधिक होता है 500 किलोमीटर का एरिया:
सोचिए आप 500 से 600 किलोमीटर के एरिया की कोई फेंसिंग नहीं हुई है मतलब की इतनी लंबी दूरी पर कोई घेराव नहीं है तो जाहिर सी बात है कि बांग्लादेश के लोग घुसपैठ करेंगे और यही कारण है कि बंगाल में घुसपतियों की संख्या बहुत अधिक है,इतनी लंबी एरिया में कुछ पहाड़ी क्षेत्र भी है,और यह भी कहां जा रहा है कि कुछ ऐसी जगह है जहां पर फेंसिंग होना पॉसिबल भी नहीं है,वहां का इलाका पहाड़ी है कुछ इलाका ऐसा है जहां पर बीएसएफ के फोर्स भी नहीं है तो आसानी से बांग्लादेश के लोग बंगाल में प्रवेश कर सकते हैं
जो आरोप वेस्ट बंगाल पर लगाया जाता है कि पूरा बंगाल बांग्लादेश बन चुका है इसका मुख्य कारण तो यही घुसपैठ है जो ₹500 किलोमीटर का एरिया है जहां पर कोई देखरेख नहीं है बांग्लादेश के लोग आसानी से प्रवेश कर जाते हैं बंगाल में,केंद्र सरकार एसआईआर कर रही है जिसका विरोध ममता बनर्जी कर रही है क्योंकि वह नहीं चाहती है कि जो बांग्लादेश के लोग आए हैं बंगाल में उन्हें वापस भेजा जाए क्योंकि यही कोेर वोटर हैं ममता बनर्जी के लेकिन इससे देश को भी नुकसान हो रहा है,हर संदिग्ध गतिविधियों में उनका नाम आ रहा है और उन्हें देश से बाहर करना बहुत जरूरी है इसी में केंद्र सरकार SIR के जरिए छानबिन करने पर लगी है कि कौन भारत का है और कौन भारत के बाहर का है,धन्यवाद