पुतिन आने वाले हैं भारत आपको हो सकती है यह कठिनाइयां

4 दिसंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं,ऐसे में सुरक्षा इंतजाम बहुत ज्यादा तंदुरुस्त किया गया है,चप्पे चप्पे पर सैनिकों की नजर है कोई भी अगर संदिग्ध दिखा तो उसे तुरंत पकड़ने की भी इजाजत है क्योंकि हाल ही में दिल्ली मे हुए बम ब्लास्ट कांड से सुरक्षा और ज्यादा मजबूत कर दिया गया है एक मजबूत देश का राष्ट्रपति और एक मजबूत देश का प्रधानमंत्री दोनों आमने-सामने होने वाले हैं,ऐसे में पूरे विश्व की नजर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर रहेगी खासकर अमेरिका कीhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं सुरक्षा के बारे में:
4 दिसंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं ऐसे में सुरक्षा के इंतजाम पर कड़ी नजर है केंद्र सरकार की,आपको बता दें कि यह सुरक्षा इंतजाम पिछले एक हफ्तों से चल रहा है,सुरक्षा इंतजाम इतना तगड़ा है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता
खाने की होगी टेस्टिंग:
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा इंतजाम में कोई चुक ना हो इसके लिए केंद्र सरकार पूर्ण रूप से समर्पित है,कहां रुकेंगे,क्या खाएंगे,किधर से कहां जाएंगे एक-एक चीज पर चप्पे चप्पे नजर रहेगी सैनिकों की, राष्ट्रपति पुतिन का जो खाना बनेगा वह भी पहले लाइव टेस्ट होगा,वैसे भी हमारे यहां जो भी मेहमान आते हैं उनकी सुरक्षा के खाने का इंतजाम,उनकी सुरक्षा का इंतजाम,भारत सरकार पूरी लगन से करती है,उन्हें कोई दिक्कत ना हो,विदेशी मेहमानों के लिए भारत में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है
क्या वार्ता हो सकती है रूस और भारत में:
आपको बता दे कि भारत और रूस के बीच हर साल से वार्ता होती है,अब तक भारत और रूस के बीच कुल 22 वार्ताएं हो चुकी है,एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार का पुतिन का दौरा इसलिए खास है क्योंकि मोदी और पुतिन के बीच सैन्य और तकनीक वार्ताओं पर ज्यादा जोर चल रहा हैं,4 और 5 दिसंबर यानी 2 दिन तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत में रहेंगे,इस वार्ता को इसलिए भी खास बताया जा रहा है क्योंकि भारत रूस से कम दामों पर तेल खरीद रहा है और अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है लेकिन भारत अमेरिका के दबाव को नजर अंदाज करके रूस के साथ अपना व्यापार कर रहा है, एक रिपोर्ट के अनुसार यह भी कहा जा रहा है कि भारत रूस से अतिरिक्त एस-400 वायु रक्षा प्रणाली भी खरीद सकता है,आपको बता दे कि रूस की S400 वायु रक्षा प्राणली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की कई हवाई हमलोे तबाह करने में अहम भूमिका निभाई थी वैसे भी भारत की दोस्ती अमेरिका से ज्यादा मजबूत रूस से मानी जाती है
अमेरिका की वजह से दोनों देशों की नजदीकियां बड़ी:
आपको बता दे कि अमेरिका भारत पर लगातार टैरिफ बढ़ाता जा रहा है,जिसकी वजह से चीजे महंगी होती जा रही है और इसका नुकसान भारत और अमेरिका को हो रहा है हाल ही में आपने देखा है कि अमेरिका कभी 25% टैरिफ़ लगाया भारत पर तो,कभी 50% टैरिफ़ लगाया और तो और दवाइयां पर भी टैरिफ़ लगाया,इससे परेशान होकर भारत ने रूस से कच्चे तेल कम दामों पर खरीदना शुरू कर दिया,जिससे कि अमेरिका और परेशान हो गया अमेरिका ने सोचा कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगा देंगे तो भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भी भारत रूस से तेल खरीद रहा है अमेरिका की इसी हरकत की वजह से भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो गई है और यही कारण है कि अमेरिका दोनों देशों से अब दुश्मनी कर रहा है,अभी आपने देखा कैसे अमेरिका रूस पर टैरिफ लगाने की बात हमेशा कर रहा है,अमेरिका ने कहा की अगर रूस युद्ध समाप्त नहीं करता है तो फिर और अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है,सीधे तौर पर कहे तो अमेरिका भारत को और रूस को दोनों को धमकी दे रहा है लेकिन दोनों देश अमेरिका की कोई बात मानने को तैयार नहीं है प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कह दिया कि हम किसी भी शर्त पर अमेरिका के साथ समझौता नहीं करेंगे और आपने सुना होगा कि ऑपरेशन सिंदूर का अमेरिका लेना चाहता है,डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह बात कहते आ रहे हैं कि अमेरिका की वजह से भारत और पाकिस्तान का युद्ध होगा जबकि ऐसा नहीं है प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी देश में कोई दबाव नहीं डाला,यह पाकिस्तान की तरफ से संदेश आया कि युद्ध को रोक दिया जाए तब जाकर भारत ने युद्ध होगा इसमें किसी दूसरे देश का कोई हाथ नहीं है
रूस के राष्ट्रपति कर और 5 दिसंबर को भारत आने वाले हैं ऐसे में यह मुलाकात बहुत खास होने वाली है दोनों देशों के लिए लेकिन अमेरिका की नजर रहेगी इस मुलाकात पर क्योंकि अमेरिका को यह डर है कि कहीं यह दोनों देश और मजबूत ना हो जाए नहीं तो अमेरिका का व्यापार चौपट कर देंगे हैं अब देखते हैं कि पुतिन के आने से भारत को क्या-क्या लाभ मिलता है धन्यवाद