6 दिसंबर बाबरी मस्जिद बन कर रहेगी

6 दिसंबर 1992 का दिन था जिस दिन बाबरी मस्जिद को गिराया गया,तब से लेकर आज तक बाबरी मस्जिद पर सियासत होती रही है,राम मंदिर और बाबरी मस्जिद ये एक ऐसा मुद्दा है जो आज तक हल नहीं हो पाया लेकिन 500 साल से लड़ाई का केंद्र रहा,हर सरकार राम मंदिर के मुद्दे को लेकर राजनीति करती आ रही लेकिन अंततः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राम मंदिर बनकर तैयार हो गया लेकिन वहीं बाबरी मस्जिद अभी भी विवाद का जड़ बना हुआ है,ऐसे में कुछ लोग है जो कहते हैं बाबरी मस्जिद बनकर रहेगी कितने मुसलमान नेता है जो बाबरी मस्जिद को लेकर आज तक सियासत कर रहे हैं,हालांकि कोर्ट में बाबरी मस्जिद के लिए अलग से जमीन दे दि है,लेकिन अभी तक बाबरी मस्जिद की एक ईंट भी अयोध्या में नहीं रखी गई
कौन बनाएगा 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद:
बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर विवाद और बढ़ गया है,तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने यह दावा किया है कि 6 दिसंबर को बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी,ये जगह मुर्शिदाबाद में नेशनल हाइवे नंबर 12 के बिल्कुल बगल में प्राइम लोकेशन पर है,बाबरी मस्जिद की तैयारी का कार्यक्रम जोरो शोरो पर है,स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती की गई है
हाई कोर्ट ने क्या कहा:
आपको बता दे की तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर तो कोलकाता हाई कोर्ट से ग्रीन सिग्नल मिल गया है,कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इस मामले में बिल्कुल भी दखल नहीं देगा,आपको पता दे की बाबरी मस्जिद के निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट में एक पिटीशन भी दाखिल किया गया था जिसमें यह लिखा था कि बाबरी मस्जिद के निर्माण को रोक दिया जाए,पिटीशन में लिखा गया था कि अगर बाबरी मस्जिद के निर्माण को नहीं रोका गया तो शहर में दंगा फ़साद भी हो सकता है,इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्य सरकार के अधीन लिया जाए इस मामले में राज्य सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि यह मामला धर्म से जुड़ा है इसलिए कोर्ट इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता है,हुमायूं कबीर का कहना है कि वह कोई असंवैधानिक काम नहीं कर रहे हैं इसलिए कोर्ट उनके पक्ष में फैसला किया है
बीजेपी का क्या कहना है:
बिहार के भाजपा नेता ने हुमायूं कबीर चेतावनी दे दी है, बीजेपी के नेता अर्जुन सिंह ने कहा है की अगर हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के नाम से अगर बंगाल में मस्जिद बनाएंगे तो उन्हें हम बाबर के पास भेज देंगे, यहां पर कोई आधारशिला समारोह नहीं होगा,अर्जुन सिंह नें आगे कहा कि अगर मस्जिद बनानी है तो बेफिक्र होकर बनायइये लेकिन उसका बाबरी मस्जिद से कोई कनेक्शन नहीं होना चाहिए
किस-किस ने विरोध शुरू कर दिया:
बंगाल के मुर्शिदाबाद हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखने का फैसला कर लिया है,6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी लेकिन इस बार संत समाज ने भी ऐतराज जगाया है,ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने साफ-साफ कहां है कि यह सब राजनीति के लिए हो रहा है,इसका इस्लाम धर्म से कोई लेना-देना नहीं है,साध्वी ऋतंभरा ने कहा है कि यह बाबरी मस्जिद सिर्फ वोट के लिए बनवाया गया और जो भी इस बाबरी मस्जिद की वकालत करता है उन्हें लोगों की भावनाओं का थोड़ा सा भी कद्र नहीं है,आगे उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को देश में रहने का कोई हक नहीं है जो हमेशा बाबर का नाम लेते रहते हैं,और बाबर के नाम पर बाबरी मस्जिद बनवाने की रट लगाए हुए हैं
बाबरी मस्जिद को तोड़ा गया 6 दिसंबर 1992 काफी संघर्षों के बाद राम मंदिर बनकर तैयार हो गया लेकिन बाबरी मस्जिद के लिए जो जमीन आवंटन की गई थी उसपर एक ईंट भी रखी नहीं गई है,लेकिन तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर का कहना है कि वह बंगाल के मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी, ऐसे मे लोगों की भावना है आहत हो सकती है,कुछ हिंदू संगठन इसका जमकर विरोध कर रहे है, उनका कहना है कि आपको मस्जिद बनाना है बेफिक्र होकर बनायइये लेकिन उसका नाम आक्रांत बाबर के नाम पर मत रखीये,बीजेपी ने भी इसका खुलकर विरोध किया उनका कहना है कि अगर बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी बंगाल में तो वह हुमायूं कबीर को बाबर के पास भेज देंगे, लेकिन कोर्ट में भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की,कोर्ट कहना है कि यह राज्य सरकार का मामला है राज्य सरकार को कोई आदेश पारित नहीं करेगा,अब देखना है की बाबरी मस्जिद की पहली ईट बंगाल के मुर्शिदाबाद में रखी जाएगी,उसे पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं होगी?