क्या अमेरिका को टैरिफ़ के अलावा कोई काम नहीं है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दोनों केवल टैरिफ को लेकर काम कर रहे हैं जो भी देश उनके खिलाफ जा रहा है उस पर टैरिफ लगा दे रहे हैं,हमने रूस से तेल खरीदा सस्ते दामों पर अमेरिका को पसंद नहीं आया तो अमेरिका ने भारत पर हर सेक्टर पर लगभग टैरिफ़ लगा दिया जिससे कि भारत की मुश्किलें और बढ़ गई,ऐसा कहा जा रहा था कि अमेरिका दवा पर टैरिफ नहीं लग सकता है क्योंकि 40% दवाई भारत से ही जाती है अमेरिका को,लेकिन कुछ दिनों बाद अमेरिका ने भारत के दवा सेक्टर पर भी टैरिफ़ लगा दिया,उनका कहना है कि भारत रूस से तेल लेना बंद करें और यहां तक कि अमेरिका ने रूस पर भी टैरिफ लगा दिया,रूस की जो दो तेल कंपनियां है उन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की वजह से रूस भी अब तेल की क़ीमत को बढ़ा दिया हैhttp://news24hourslatest.in
चावल पर भी टैक्स:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय चावल पर भी भारी आयात लगाने का निर्णय ले चुके हैं सोचिए अमेरिकी राष्ट्रपति यह सब निर्णय ऐसे समय ले रहे हैं जब अमेरिका में भारतीय चावलों की खपत लगातार बढ़ रही है और वहां के लोग चावल को मुख्य भोजन के रूप में उपयोग कर रहे हैं ऐसे स्थिति में अमेरिका भारतीय चावल पर शुल्क लगाकर यही दर्शाना चाहता है कि हम जो चाहेंगे वही होगा लेकिन भारत कभी भी अमेरिका के सामने झुका नहीं है
यदि शुल्क लागू होगा तो क्या होगा:
यदि अमेरिका भारतीय चावल पर शुल्क लगाता है तो इसका असर न केवल भारत के चावल निर्यात पर पड़ेगा बल्कि अमेरिकी उपभोक्ताओं पर भी इसका अच्छा खासा असर पड़ेगा क्योंकि महंगाई बढ़ जाएगी चावल की कीमतों की और इस समय चावल मुख्य भोजन हो गया है अमेरिका के लोगों का,ऐसा कहा भी जा रहा है कि लगातार चावल की खपत अमेरिका में बढ़ने लगी है और यही कारण है कि डोनाल्ड ट्रंप चावल पर टैक्स लगा रहे हैं अगर यह शुल्क लग गया तो 20% से 40% तक बढ़ सकती है चावल की कीमतें
भारतीय चावल पर ही क्यों टैक्स लगाया अमेरिका ने:
आपको बता दें कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल का निर्यातक है ऐसा कहा जाता है कि भारत के लोग बिना चावल के खाना अधूरा समझते हैं जब तक हम भारत के लोगों को चावल ना मिले तब तक पेट नहीं भरता है यही कारण है कि चावल की खपत भारत में सबसे अधिक है और अमेरिकी बाजार में भारतीय बासमती और अन्य चावल की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है,अमेरिका के रेस्टोरेंट में और जो वहां के भारतीय लोग हैं वह अमेरिका के तुलना में चावल की खपत अधिक करते है,एक रिपोर्ट के अनुसार भारत अमेरिका में भारतीय चावल की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है और यहां तक की उत्पादक इस मांग को पूरा भी नहीं कर पा रहे हैं और ऐसे में अगर अमेरिका शुल्क लगाता है तो सोचिए महंगाई कितनी तेजी से बढ़ेगी
भारत के निर्यातकों पर भी इसका असर पड़ेगा:
अगर डोनाल्ड ट्रंप शुल्क लगा देते हैं तो निर्यातक कंपनियों पर भी इसका असर पड़ेगा और इसके अलावा जो भारतीय बासमती ब्रांड का चावल है वह अमेरिका में भी महंगा हो जाएगा,उसके बाद निर्यातक क्या करेंगे नए विकल्प तलाशने के लिए बाजारों में अपने हिस्सेदारी बढ़ाएंगे और इससे अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंध और भी खराब हो सकता है
किसानों पर भी इसका असर पड़ेगा:
आपको बता दे कि अमेरिका के जो किसान है वह पहले से ही परेशान है कई सालों से अमेरिका के बदलते हुए बाजार पुरानी नीतियों से परेशान है,लागत बढ़ रही है सस्ते आयात की वजह से उन्हें अपनी फसल की कीमतें का गिरने का डर है अगर भारत के चावल पर टैरिफ़ लगता है तो यह तनाव और बढ़ेगा और भी कीमत बढ़ेगी तो इसका असर सीधा किसानों पर भी पड़ेगा,उनकी वित्तीय हालत खराब हो सकती है और किसानों का कहना है कि सरकार आयात और लागत के बीच संतुलन बनाएं ताकि उनकी वित्तीय असर को कम किया जा सके
डोनाल्ड ट्रंप के प्रति लोगों की नाराजगी बड़ी है:
एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई और उपभोक्ता मूल्य से तेजी से जनता डोनाल्ड ट्रंप के प्रति नाराजगी जाहिर कर रही है और यह मुद्दा जो है शुल्क का यह रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक जोखिम भरा बन सकता है,जनता भी सड़कों पर उतर रही है और लगातार ट्रम्प के खिलाफ विरोध कर रही है, जनता का कहना है कि ट्रंप व्यापारिक संबंध नहीं निभा पा रहे हैं खासकर भारत से,अब देखना है कि आगे अगर चावल पर शुल्क लगाता है अमेरिका तो इसका असर भारत पर कितना पड़ेगा धन्यवाद
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