आधार,पैन कार्ड नहीं बल्कि भारतीय नागरिकता की ये पहचान है:Bombay High Court

अगर आपके पास आधार कार्ड है, पैन कार्ड है या फिर वोटर आईडी है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप भारतीय नागरिक हैं ऐसा कहना है मुंबई हाई कोर्ट का,और वैसे भी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया है, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आधार कार्ड कोई पक्का सबूत नहीं हैhttp://news24hourslatest.in
बॉम्बे हाई कोर्ट:
बॉम्बे हाई कोर्ट का बयान ऐसे समय आया है जब विपक्ष SIR के मुद्दे को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहा है चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहा है,बॉम्बे हाई कोर्ट ने साफ कह दिया है कि आधार कार्ड हो या पैन कार्ड हो या फिर वोटर आईडी हो इन सबसे भारतीय नागरिक का कोई मतलब नहीं है,और यह टिप्पणी जस्टिस अमित बोरकर की बेंच ने मंगलवार को दिया जब उन्होंने एक ऐसे शख्स को बेल देने से इनकार कर दिया जिस पर नकली दस्तावेज के सहारे भारत में रहकर नागरिकता दावा करने का आरोप था
बताते हैं आपको मामला क्या है:
एक व्यक्ति जिसका नाम है बाबू अब्दुल रऊफ सरदार जिस पर यह कथित आरोप लगा है कि बिना यात्रा के दस्तावेज के अवैध रूप से बांग्लादेश से यह भारत आया था और भारत में रह रहा था,जांच में पता चला कि उसके पास नकली आधार, नकली पैन कार्ड,नकली वोटर आईडी के साथ-साथ पासपोर्ट सभी दस्तावेज के रूप मे मौजूद है और भारतीय नागरिक होने का दावा कर रहा था, उसने सारे अवैध गैस के कनेक्शन बिजली के कनेक्शन सब हासिल कर लिए थे,लेकिन वह पुलिस को कितनी देर तक चकमा देता, पुलिस ने उसके फोन में बरामद कर लिया बांग्लादेश का जारी किया हुआ जन्म प्रमाण पत्र, उसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया
अब हाई कोर्ट का क्या कहना है:
सवाल यह उठता है कि जब आधार कार्ड,पैन कार्ड,वोटर आईडी भारतीय नागरिकता की पहचान नहीं है तो फिर क्या है,इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह जो पैन कार्ड है आधार कार्ड है, वोटर आईडी है यह केवल पहचान या सेवा लेने के लिए होते हैं, ना कि भारतीय नागरिकता की पहचान के लिए,भारतीय नागरिकता की पहचान के लिए कानूनी मान्यता का आधार सिटीजनशिप एक्ट 1955 है,इस एक्ट में स्पष्ट बताया गया है की नागरिकता कब और किस आधार पर मिलती है,और जस्टिस अमित बोरकर ने यह भी स्पष्ट कह दिया है कि कोई भी दस्तावेजों की सत्यता की जांच हो रही हो तब तक बेल देना उचित नहीं होगा,क्योंकि हाई कोर्ट का कहना है की बेल मिलने के बाद आरोपी अवैध रूप से भाग भी सकते हैं,कोई भी सबूत मिटा सकते हैं, कोई नई पहचान बना सकते हैं,जब सारा दस्तावेज उनके पास फर्जी है तो कुछ भी कर सकते हैं इसलिए यह पैन कार्ड, आधार कार्ड वोटर कार्ड यह सब नागरिकता साबित करने का प्रमाण पत्र नहीं है इसके लिए संविधान में लिखित रूप से कानूनी मान्यता क्या होगी यह प्रावधान है
अब सवाल है भारतीय नागरिकता की पहचान क्या हो सकती है:
जस्टिस अमित बोरकर ने कहा है कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी यह सब भारतीय नागरिकता की पहचान नहीं है,आगे उन्होंने कहा कि मेरी राय में नागरिकता अधिनियम 1955 आज भारत में राष्ट्रीयता के बारे में फैसला लेने के लिए मुख्य और नियंत्रक कानून है, यह वही कानून है जो निर्धारित करता है कौन नागरिक हो सकता है और नागरिकता कैसे प्राप्त की जा सकती है और किन स्थितियों में इसे नागरिकता से वंचित किया जा सकता है,केवल आधार कार्ड,पैन कार्ड वोटर कार्ड जैसे होने पर भारतीय नागरिक कोई नहीं बन जाता,यह केवल लाभ उठाने के लिए है और कुछ नहीं
आप लोगों को बता दे कि विपक्ष ने बिहार की सरकार और चुनाव आयोग को SIR के मुद्दे पर घेर लिया है, विपक्ष का कहना है की चुनाव आयोग इसमें धांधली कर रहा है,आखिर दो-दो नाम,दो-दो EPIC नंबर कैसे प्राप्त हो जा रहे हैं,विपक्ष चुनाव आयोग से सारी डिजिटल दस्तावेज मांग रहा है,जैसा कि राहुल गांधी ने कर्नाटक और अन्य राज्यों में धांधली के आरोप लगाए हैं,इसी बीच जब मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा तो सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर एक बड़ा बयान दिया, सुप्रीम कोर्ट का कहना कि आधार कार्ड कोई पक्का सबूत नहीं है,उसके बाद मुंबई हाई कोर्ट का बयान आ गया कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी यह कोई नागरिकता के सबूत नहीं है,अब देखना है कि चुनाव आयोग विपक्ष के सवालों का क्या जवाब देता है,लेकिन कर्नाटक और अन्य राज्यों में जो चुनाव आयोग पर सवाल खड़े किए गए हैं राहुल गांधी द्वारा उस पर चुनाव आयोग ने जवाब दे दिया है,अब आगे क्या होगा कैसे होगा यह कुछ नहीं पता जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
