मकर संक्रांति पर क्या करें क्या ना करें

मकर संक्रांति सूर्य से जुड़ी अनेक परंपराओं का एक महत्व है,सूर्य सबकी जीवन के लिए महत्वपूर्ण है यह भारतीय एकता का महोत्सव है,भारत की पहचान उसकी विविध परंपराओं में नहीं बल्कि उन्हें जोड़ने वाली भावनाओं से है,यहां अलग-अलग जाति धर्म के लोग हैं, अलग-अलग उत्सव है,अलग-अलग भाषाएं हैं,अलग-अलग खान-पान है लेकिन सूर्य एक है और उसका प्रकाश सभी के लिए सामान्य है और यही कारण है कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं बल्कि भारत की सामूहिक सौहार्द का प्रतीक है या एक ऐसा पर्व है जो पूरे देश में एक ही समय पर मनाया जाता है,यह पर्व केवल परंपरा नहीं बल्कि प्रकृति,कृतज्ञता,परिश्रम,एकाग् रता एकता का प्रतीक हैhttp://news24hourslatest.in
पर्व एक लेकिन नाम अनेक:
आपको बता दे की पर्व एक ही है लेकिन इसके नाम अलग-अलग जगह अलग-अलग है
1-कर्नाटक:मिठास और सौहार्द का पर्व है यह संबंधों को मजबूत करने का पर्व है तिल,गुड़,मूंगफली,नारियल से बने पकवान विशेष रूप से तैयार किए जाते हैं,घरों में अलग-अलग प्रकार की अल्पनाएं बनाई जाती हैं.
2-तमिलनाडु:तमिलनाडु मे ये भोजन और समृद्धि का उत्सव है,यहां चार दिन चलने वाला महापर्व है मिट्टी के पत्रों में नए चावल,दूध और गुड़ से विशेष व्यंजन तैयार किया जाता है,यहां पशुओं की ही नहीं उनके खेतों की भी पूजा होती है जो कृषि को संभव बनाते हैं.
3-केरल:केरल में यह परिवार और फसल का पर्व है,इस समय चावल की नई फसल की कटाई के बाद भगवान सूर्य और प्रकृति को धन्यवाद देने की परंपरा है,घरों में नारियल,गुड से बनी पारंपरिक मिठाइयां बनाई जाती है, लड्डू और हलवा बनता है सभी मिलकर भोेजन और प्रसाद ग्रहण करते हैं और आपस में प्रेम बांटते हैं.
4-आंध्र प्रदेश और तेलंगाना:आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रंगों से सजे आंगन,पतंग से भरा हुआ आकाश इसकी पहचान है,सुबह-सुबह घरों में के सामने रंगीन अल्पनाएं बनाई जाती हैं,तील,चावल और गुड़ से बने व्यंजन बनते हैं.
5-महाराष्ट्र:महाराष्ट्र में या पर्व तिल और गुड़ की मिठास के माध्यम से सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है, महिलाएं पारंपरिक रीति से पर्व मनाती हैं,घरों में विशेष प्रकार के भोेजन बनते हैं और पतंगबाजी का लुफ्त उठाया जाता है.
6-गुजरात:गुजरात में यह पतंग के महासमागम का महोत्सव है,रंग बिरंगी पतंग से भरा आकाश आनंद से भर जाता है,परिवार छतो पर जाकर पतंग उड़ाते हैं और आनंद लेते हैं.
7-पंजाब और हरियाणा:पंजाब और हरियाणा में या अलाव के ताप और लोक उत्साह का पर्व है,यहां मकर संक्रांति के पहले लोहड़ी के रूप में अलाव जलाया जाता है,लोग उसके चारों ओर इकट्ठा होकर तिल,मूंगफली और गजक खाते हैं,लोकगीत नृत्य से भरा हुआ या पर्व है.
8-उत्तर प्रदेश:उत्तर प्रदेश में इस दिन आस्था और सामाजिक सहभागिता का उत्कर्ष दिखता है,यहां नदियों में स्नान ध्यान और खिचड़ी के भोग की प्रधानता है.
9-बिहार और झारखंड:बिहार और झारखंड में ये सादगी स्वाद और परिवार का पर्व है,बहुत सादगी से यह पर्व मनाया जाता है,दही,चुरा,तिल से बने पकवान बनते हैं और परिवार साथ में बैठकर भोजन का आनंद लेता है.
10-पश्चिम बंगाल,असम और उड़ीसा:पश्चिम बंगाल,असम और उड़ीसा में लोक परंपराओं का संगम दिखाई देता है,पश्चिम बंगाल में चावल और गुड़ से बनी हुई मिठाइयां होती हैं,असम और उड़ीसा में सामूहिक भोज अलाव और लोक परंपराओं का मजा लिया जाता है.
11-राजस्थान और मध्य भारत:राजस्थान और मध्य भारत में इस दिन दान,पुण्य और पतंग बाजी का विशेष महत्व है,लोग इस दिन आकाश को पतंग से भर देते हैं जो की एक आनंद का माध्यम बनता है
मकर संक्रांति में सबरीमाला की परंपरा जुड़ी हुई है:
आपको बता दे की मकर संक्रांति से सबरीमाला की आध्यात्मिक परंपरा जुड़ी हुई है,केरल में स्थित सबरीमाला अय्यप्पा स्वामी का पवित्र तीर्थ क्षेत्र मंडल कल की समाप्ति के बाद मकर संक्रांति के दिन विशेष भक्ति के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है, आपको बता दे की भक्तों की आस्था के अनुसार यहां दिव्या ज्योति के रूप में पूजा की जाती है,स्वामी शरणम् अय्यप्पा के जय घोष के साथ लाखों श्रद्धालु भगवान अय्यप्पा के दर्शन करते हैं और 41 दिन के व्रत सात्विक जीवन और आत्म संयम के माध्यम से भक्त मकर संक्रांति को केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि एक आत्म शुद्धि और साधना का पर्व मानते हैं
स्नान,ध्यान,दान का विशेष महत्व:
मकर संक्रांति के दिन स्नान,ध्यान,दान का विशेष महत्व है,स्वच्छता पवित्रता का संदेश देता है,निरोग रहने के लिए जीवन में स्नान का महत्व है इसलिए लोग इस दिन बहुत हर्ष उल्लास के साथ स्नान करते हैं,वहीं प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना सूर्य,खेत,कृषि,नई फसल अनाज की पूजा होती है और सबसे मुख्य बात है इस दिन दान करने से बेहद ही पुण्य मिलता है,समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए दान करना बहुत ही आवश्यक है और दान करने से आपकी जीवन में एक नई भावना उत्पन्न होती है,आप अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों में दान करके देखिए,आपको अंदर से बहुत ही खुशी होगी,मकर संक्रांति की आप सभी को बहुत-बहुत बधाई
