news24hourslatest

श्री कृष्ण की अनोखी कहानी:Krishna Janmasthami 

श्री कृष्ण की अनोखी कहानी:Krishna Janmasthami 

श्री कृष्ण जन्मोत्सव क्यों मनाई जाती है:Krishna Janmasthami 
श्री कृष्ण जन्मोत्सव क्यों मनाई जाती है:Krishna Janmasthami
                                                                                                                                                                                                                                                             बात है द्वापर युग की जब पृथ्वी पर आताताईयों के अत्याचार बढ़ने लगे थे सारे जनमानुष त्राहि त्राहि मचा रहे थे तो उस समय गाय का रूप धारण कर हमारी धरा ने ब्रह्मा जी के पास जाकर अपनी पीड़ा सुनाई,गौ माता ने कहा कि हे भगवन पृथ्वी पर अत्याचार राक्षसों द्वारा बढ़ते जा रहे हैं,इसका कोई समाधान कीजिए प्रभु, तब ब्रह्मा जी ने विष्णु भगवान से कहा कि प्रभु अब आपके आठवें अवतार लेने का समय आ चुका है यानी श्री कृष्ण भगवान के रूप में इस धरती परhttp://news24hourslatest.in
ये भी पढ़े:15 अगस्त 1947 देश जश्न मना रहा था, बापू कहां थे:
भोजवंशी राजा अग्रसेन की कहानी:
मथुरा के भोजवंशी राजा अग्रसेन का पुत्र कंस बहुत ही अत्याचारी और निर्दयी स्वभाव का था और कंस ने अपने पिताजी को ही कारागार में कैद कर रखा था,और मथुरा की गद्दी पर राज करने लगा,उधर कंस की छोटी बहन देवकी के विवाह की तैयारी चल रही थी,आपको बता दे की देवकी महाराजा अग्रसेन के छोटे भाई की पुत्री थी, देवकी का विवाह वासुदेव से संपन्न हो गया,और जब कंस अपनी बहन देवकी और उनके पति वासुदेव को रथ से ले जा रहा था तो अचानक एक आकाशवाणी हुई की जीस देवकी को तू ले जा रहा है उसी के गर्भ से उत्पन्न आठवां पुत्र तेरे मृत्यु का कारण बनेगा,इतना सुनते ही कंस ने वासुदेव और देवकी को मथुरा की काल कोठरी में बंद कर दिया,अब दोनों उस करागृह में अपार दुख झेल रहे थे,कंस ने बड़ी निर्दयता से देवकी और वासुदेव के सात पुत्रों को तो मार दिया, अब होने वाला था आठवां पुत्र,दोनों के कारागृह मे बंद होने की खबर नंद गांव में वासुदेव के मित्र राजा नंद के पास भी पहुंचे,और जैसे ही देवकी और वासुदेव को आठवां पुत्र प्राप्त हुआ ठीक उसी समय यशोदा और नंद को भी एक कन्या की प्राप्ति हुई,और कहां जाता है कि वह एक माया थी,और भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में श्री कृष्ण का जन्म हुआ,और तभी भगवान विष्णु वासुदेव को दर्शन दिए और बोले कि यह आठवां पुत्र कंस की मृत्यु का कारण होगा, यह मेरा अवतार है और इसे जल्द ही नंद के पास पहुंचा दो और उनकी जन्मी पुत्री को अपने साथ लेकर आओ,उसके बाद क्या था सारे कारागृह के द्वार खुल गए, सारे पहरेदार बेहोश हो गए और वासुदेव भगवान श्री कृष्ण को टोकरी मे रखकर गोकुल की ओर प्रस्थान किया,बारिश बहुत तेज हो रही थी यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा था,वासुदेव को अंदर ही अंदर भय लग रहा था कि मैं अपने पुत्र को कैसे लेकर जाऊं इस भीषण बाढ़ में,और ऐसा कहा जाता है कि यमुना का जलस्तर इसलिए बढ़ रहा था क्योंकि वह भगवान श्री कृष्ण के पैरों को स्पर्श करना चाहती थी, जैसे ही भगवान कृष्ण के पैर से यमुना का स्पर्श हुआ यमुना का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे हो गया
वासुदेव और उनके मित्र नंद का मिलन:
यमुना का जलस्तर जब नीचे हो गया और वासुदेव अपने कृष्ण को लेकर अपने मित्र के पास पहुंचे और बोले कि मैं अपना आठवां पुत्र तुम्हें सौंप रहा हूं जो की आने वाले समय में मथुरा की जनता को कंस के अत्याचारों से मुक्त कराएगा,उसके बाद वासुदेव माया रुपी कन्या को लेकर कारागृह में चले जाते हैं उसे समय तक देवकी बेहोश पड़ी हुई थी उसके बाद सारे कारागारी के दरवाजे बंद हो जाते हैं,और जैसे ही कंस को यह सूचना मिली कि आठवें पुत्र की जगह एक पुत्री हुई है कंश ने उसको भी मारना चाहा लेकिन वह कन्या कंस के हाथों मे से आकाश में उड़ गई,और फिर आकाशवाणी कि मुझे मार कर तुझे कोई लाभ नहीं मिलेगा, तुझे मारने वाला तो इस धरती पर जन्म ले लिया है,उसके बाद क्या था कंस ने अनेक दैत्य भेजें गोकुल में भगवान श्री कृष्ण को मारने करने के लिए लेकिन प्रभु की लीला अपरमपार थी, सारे दैत्यओं को एक के बाद एक करके श्री कृष्ण ने मार डाला, उसके बाद कंस का वध किया और उनके पिता महाराजा अग्रसेन को बंदी से मुक्त किया,और राज सिंहासन पर बिठाया
यह थी पूरी कहानी श्री कृष्ण जन्म की और उसी दिन से पूरा देश श्री कृष्ण के जन्माष्टमी को धूमधाम से मनाता है जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं, गायन होता है,कीर्तन होता है,श्री कृष्णा की रात में 12:00 बजे आंखे खोली जाती है, उनका जन्म होता है और अगले दिन वह धूमधाम से जनता मानती है,आप सभी को भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत-बहुत बधाई
ये भी पढ़े:मंत्रियों और विधायकों का वेतन 48% बढ़ गया:Yogi Adityanath

Author

  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

    View all posts
Exit mobile version