PM,CM या कोई भी मंत्री,अब होगी जेल :Amit Shah

अब कोई भी बड़े से बड़ा पद वाला नेता हो चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, विधायक हो या अन्य मंत्री हो,अगर उसके खिलाफ गंभीर अपराधीक केस हैं तो उसे पद से हटाने के लिए, उसे जेल में जाने के लिए केंद्र सरकार लाने जा रही है तीन बिल,जिसके माध्यम से अगर आरोप सिद्ध होता है तो जेल जाने की नौबत भी आ सकती है या अपने पद से हाथ धोना पड़ सकता हैhttp://news24hourslatest.in
अमित शाह अब कौन सा बिल लाने वाले है:
गृह मंत्री अमित शाह संसद में तीन बिल ऐसे पेश करने जा रहे हैं जो किसी भी नेता प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री को जेल के सलाखों के पीछे ला सकता है,इन बिलो का प्रावधान यह है कि अगर कोई भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री गंभीर आरोपों मे गिरफ्तार किए जाते हैं, तो उनको कम से कम 5 साल की सजा हो सकती है लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रहना पड़ सकता है और उसके बाद उन्हें पद से भी हटाया जा सकता है
आईए जानते हैं इस बिल के बारे में:
1-गवर्नमेंट ऑफ़ यूनियन टेरिटरीज बिल 2025:
केंद्र सरकार के मुताबिक,केंद्र शासित प्रदेशों में गवर्नमेंट आफ इंडियन टेरिटरीज बिल के तहत कोई भी मंत्री, मुख्यमंत्री गंभीर आरोपों मे गिरफ्तार किया गया हो तो उसे पद से हटाने का भी कोई प्रावधान नहीं था,ऐसे में गवर्नमेंट आफ यूनियन टेरिटरीज बिल प्रधानमंत्री, मंत्री जेल गए हो तो उनको अब उनके पद से हटा दिया जायेगा, इसलिए 1963 की धारा 45 वें संशोधन की आवश्यकता है।
2-130 वां संशोधन बिल 2025 :
केंद्र सरकार के मुताबिक अभी तक बिल में यह था की कोई भी मंत्री, प्रधानमंत्री अगर किसी गंभीर आरोपों में सम्मिलित पाया गया तो उस जेल हो सकती है परंतु उसको पद से हटाने का कोई प्रावधान नहीं था,इसलिए अब ऐसे मामलों में प्रधानमंत्री,केंद्रीय मंत्री परिषद या दिल्ली के मुख्यमंत्री या किसी मंत्री को हटाने के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन की जरूरत है।
3-जम्मू कश्मीर पुनर्गठन बिल 2025:
जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत अगर कोई भी मंत्री,विधायक गंभीर आरोपों में संलिप्त पाया गया हो तो उसे पद से हटाने का कोई कानून नहीं था अभी तक,जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 में संशोधन के बाद अब जो मंत्री गंभीर आरोप में संलिप्त पाए गए हो उन्हें 30 दिन हिरासत में रखने के बाद उनको अपने पद से हटाया जाना निश्चित है
केंद्र सरकार का कहना है कि इस बिल से लोकतंत्र और मजबूत होगा क्योंकि अभी तक गंभीर आरोप में संलिप्त जनप्रतिनिधियों को पद से हटाया जाता था कोई संवैधानिक पद वाला मंत्री को पद से नहीं हटाया जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है इस कानून में अब यह प्रावधान आ गया है कोई भी हो चाहे प्रधानमंत्री उन्हें 30 दिन हिरासत में रखने के बाद पद से हटाया जाएगा
अरविंद केजरीवाल को हुई थी जेल:
उदाहरण के तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो शराब नीति केस में ED के द्वारा गिरफ्तार किए गए लेकिन पद पर बने रहे,जमानत होने के बाद उन्होंने इस्तीफा भी दिया था
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी:
तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी को मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन मे नौकरी के बदले नगद घोटाले मे मनी लांड्रिंग केस में ED ने गिरफ्तार किया था,241 दिन जेल में रहते हुए में मंत्री पद पर बने
गृह मंत्री अमित शाह यह तीन बिल पेश करेंगे जिसमें यह प्रावधान है कि अगर कोई मंत्री प्रधानमंत्री गंभीर आरोपों में सम्मिलित पाया गया तो उसे 5 साल की जेल हो सकती है और वह 30 दिन हिरासत में रहने के बाद अपने पद से हाथ हो सकता है परंतु किस प्रकार के आरोपों में यह सजा मिलेगी इसकी जानकारी अभी अमित शाह ने नहीं दी है,जहाँ तक उम्मीद है इसमें हत्या और यहां तक कि बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराध भी शामिल होंगे।
अब देखना यह है कि यह जो तीन बिल पेश होने जा रहे हैं यह कितने कारगर साबित होते हैं और कितने मंत्री विधायक ऐसे हैं जिन पर गंभीर आरोप लगे हुए हैं फिर भी खुलेआम घूमते हैं अब देखना है कि इस बिल में कितनी ताकत है कि वह उन्हें जेल में डाल दे और पद से हटा दे,जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
