मुलाकात भारत और चीन की और परेशान हो रहा है अमेरिका:India China Meet

आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे 7 साल बाद चीन के दौरे पर गए हैं,गलवान घाटी में हुई झलक के बाद भारत और चीन में मनमुटाव हो गया था,और पुराने रिश्ते भूलकर फिर संबंध को ठीक करने की कोशिश में दोनों देश लगे हुए हैं,हो सकता है कि मुलाकात के बाद सीमा मे हो रहे विवाद भी कुछ सुलझ जाए,और इस मुलाकात से सबसे ज्यादा तकलीफ जिसे हो रही है वह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपhttp://news24hourslatest.in
आईए जानते हैं अमेरिका क्यों परेशान है:
जैसा कि हम सबको पता है कि अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ लगाया है जो की 27 अगस्त से लागू हो चुका है,प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात जब SCO सिखर सम्मेलन में हुई उसके ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया भारत पर 50% टैरिफ की भी चर्चा हुई,इस टैरिफ से भारत का व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है, और इससे अमेरिका और भारत के संबंधों में तनाव पैदा हुआ लेकिन दूसरी तरफ चीन और भारत के संबंधों में मिठास आया जिसकी वजह से अमेरिका परेशान है कि कहीं चीन पूर्ण रूप से भारत की मदद न करने लगे क्योंकि अमेरिका चीन में भी व्यापारिक युद्ध हो चुका है, अमेरिका इसलिए भी परेशान है क्योंकि शी जिनपिंग ने SCO शिखर सम्मेलन को मात्र सम्मेलन नहीं बल्कि एक विकास मंच बनाने की योजना घोषित की,सदस्य देशों को $1.4 अरब डॉलर ऋण देने का प्रस्तावयह स्पष्ट संकेत है कि चीन अमेरिकी-नेतृत्व वाले विश्व व्यवस्था के विकल्प को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, और इस मुलाकात में मोदी और शी जिनपिंग को एक प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि एक साझेदारी के रूप में देखा गया क्योंकि इस पर आर्थिक चर्चाएं,आतंकवादी विरोधी चर्चाएं,सीमा की चर्चाएं सब शामिल थी,भारत और चीन की नजदीकियां अमेरिका के प्रभाव क्षेत्र में सेंध लगा सकती है
क्या अमेरिका और ज्यादा टैरिफ लगा सकता है इस मुलाकात से:
जैसा कि हम सबको पता है कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की SCO शिखर सम्मेलन में अच्छे से मुलाकात हुई,लगभग सभी मुद्दों पर चर्चाएं हुई चाहे वह सीमा को लेकर हो या फिर आर्थिक व्यवस्था की हो या आतंकवाद रोकना हो,अमेरिका की हर नजर भारत चीन के रिश्तों पर है, अमेरिका नहीं चाहता कि भारत चीन से व्यापार करें या फिर रूस से व्यापार करें और यही कारण है कि उसने 50% एक्स्ट्रा टैरिफ भारत पर लगा दिया,लेकिन भारत ने भी अब स्पष्ट रूप से अमेरिका को जवाब दे दिया है कि जो करना हो करो भारत अपना रुख नहीं बदलेंगा
SCO शिखर सम्मेलन में क्या चर्चा हुई:
SCO का पूरा नाम है(Shanghai Cooperation Organisation)एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है,जिसकी स्थापना 2001 में चीन में हुई थी,इसमें कुल 9 स्थायी सदस्य हैं जिनके नाम है:
1-चीन
2-रूस
3-कज़ाख़िस्तान
4- किर्गिस्तान
5-ताजिकिस्तान
6-उज्बेकिस्तान
7-भारत
8- पाकिस्तान
9- ईरान
आपको बता दे की 2017 में भारत-पाकिस्तान और ईरान इस अंतरराष्ट्रीय संगठन में शामिल हुए
आईए जानते हैं किन-किन विषय पर SCO निर्णय ले सकता है:
1-सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी कदम:SCO शिखर सम्मेलन का सबसे मुख्य उद्देश्य सुरक्षा और आतंकवाद को लेकर है,कि जैसे सीमा पर विवाद ना हो,आतंकवाद उग्रवाद को रोकने के लिए रणनीति कैसे बनाया जाए
2- आर्थिक और व्यापारिक सहयोग:कैसे SCO शामिल देशों के लिए आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को आसान बनाया जाए जिससे कि देश तरक्की कर सके,और आपको पता है कि हाल ही में शी जिनपिंग ने SCO विकास बैंक योजना को घोषित किया,यह एक बहुत बड़ा कदम है विकास की प्रगति पर
3- वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बने:
जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा,बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पर साझा रुख अपनाना,संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे मंचों पर एक-दूसरे को समर्थन देना।
आईए जानते हैं भारत को SCO से क्या चुनौतियां लेनी पड़ सकती है:
1- जैसा कि हम सबको पता है कि SCO में पाकिस्तान भी शामिल है और भारत भी शामिल है,ऐसे में भारत और चीन सीमा विवाद चल रहा है,और पाकिस्तान का काम है आतंकवाद को समर्थन देना तो यहां थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती है भारत को अपनी बात रखने में चाहे वह सीमा विवाद पर हो चाहे वो आतंकवाद पर हो
2- आपको बता दे की SCO की स्थापना चीन और रूस ने मिलकर की थी तो इस पर ज्यादा दबाव इन्हीं दो देशों का है,और भारत के कई प्रभाव चीन के कारण पीछे हट जाते हैं
3-आपको पता है कि SCO में पाकिस्तान देश भी शामिल है ऐसे में आतंकवाद पर कोई कदम उठाना भारत के लिए मुश्किल साबित होता है क्योंकि एक नजरिया से देखा जाए तो चीन और पाकिस्तान के रिश्ते भी अच्छे रहे हैं
फिलहाल देखने वाली बात यह है कि आगे इस संबंध का क्या असर पड़ता है भारत पर?क्या चीन और भारत में जो सीमा विवाद है सुलझ सकता है क्या पाकिस्तान का जो आतंकवाद समर्थन है वह कम हो सकता है?जानने के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
