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अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे,हमने भारत और रूस को खो दिया:Donald Trump

अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे,हमने भारत और रूस को खो दिया:Donald Trump

अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे,हमने भारत और रूस को खो दिया:Donald Trump
अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे,हमने भारत और रूस को खो दिया:Donald Trump
                                                                                                                                                                                                                                                     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्या कर रहे हैं, क्या कह रहे हैं,यह विश्व को नहीं खुद उनको ही नहीं समझ में आ रहा है,कभी भारत पर 25% टैरिफ लगाते हैं तो कभी 50 प्रतिशत टैरिफ लगाते हैं, कभी यह कहते हैं टैरिफ लगाकर गलती कर दी कभी कहते हैं इंडिया चीन के साथ जा रहा है,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाल ऐसा है कि उनके एक तरफ खाई एक तरफ कुआं उनको खुद नहीं समझ में आ रहा है कि क्या करें अब,खुद को अब अकेला महसूस कर रहे हैं जो की साफ दिख भी रहा हैhttp://news24hourslatest.in
क्या लिखा डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट करके:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने,चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग,रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी—की एक तस्वीर के साथ लिखे, “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को गहरे, अंधेरे चीन के पास खो दिया है। आशा है उनका भविष्य लंबा और समृद्ध हो” ऐसा लग रहा है ट्रंप हमें इंडिया पर हाई टैरिफ लगाकर बहुत बड़ी गलती कर दिए है,ऐसा लग रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब इतना अकेला महसूस करने लगे हैं क्योंकि उनकी सरकार में NSA रहे जॉन वॉल्टन ने उनका विरोध किया,अमेरिका के बड़े-बड़े अर्थशास्त्री ने भी इनका विरोध किया,और तो और दुनिया भर के कई देशों ने इनका साथ छोड़ा इनका विरोध किया,रूस, इंडिया, चीन की जो मीटिंग हुई थी उससे अमेरिका काफी परेशान दिखा
SCO मीत से परेशान दिखे ट्रंप:
हाल फिलहाल जो SCO की मीट हुई है, जिसमें चीन, रूस और भारत का साथ मिलना अमेरिका के लिए बहुत परेशान करने का विषय बन गया है,और ट्रंप का ये चेहरा बता रहा है कि उन्होंने इंडिया पर टैरिफ लगाकर कितनी बड़ी गलती की है,शायद इस टैरिफ का ट्रंप को पछतावा भी है,और कहते फिर रहे हैं कि लगता है भारत और रूस को हमने चीन के हाथों खो दिया है,सबको पता है कि यह जो एससीओ शिखर सम्मेलन हुआ उसमें भारत को रूस और चीन से मदद मिल सकता है,और अमेरिका को यह डर है कि भारत रूस और चीन के ज्यादा नजदीक आता जा रहा है,आपको बता दे की भारत जापान को पछाड़ते हुए चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है
आखिर भारत अमेरिका के सामने नहीं झुका:
अमेरिका ने इतने टैरिफ लगाए भारत पर, भारत से नाराजगी भी जाहिर की परंतु भारत ने एक शब्द भी अमेरिका को पलट कर जवाब नहीं दिया और ना ही उसके सामने झुका,अमेरिका चाहता था कि वह अपना डेयरी प्रोडक्ट भारत को बेचे लेकिन भारत ने साफ-साफ मना कर दिया,भारत में रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीदना भी शुरू कर दिया यह सब व्यापार अमेरिका को परेशान कर रहे थे,जिससे परेशान होकर अमेरिका ने भारत के सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया,लेकिन भारत ने कुछ नहीं कहा,भारत बेहद सौम्य तरीके से अमेरिका के सामने खड़ा रहा और आज नतीजा यह निकला कि भारत पर टैरिफ लगाना अमेरिका के लिए ही परेशानी का सबब बन गया
ट्रंप के युद्ध विराम का दवा सही था या गलत:
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में हमला किया उसके बाद युद्ध विराम की घोषणा की तो अमेरिका का कहना था कि यह जो भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हुआ है यह अमेरिका की वजह से हुआ है लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की पटल पर खड़े होकर यह कहा की ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी देश ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहना शुरू कर दिया कि अमेरिका की वजह से सीज़ फायर हुआ और आज जब अमेरिका भारत पर टैरिफ लगाया है और उसके बाद उसको ग्लानि महसूस हो भी रही है, तो क्या आप कह सकते हैं कि अमेरिका ने इंडिया और पाकिस्तान के युद्ध विराम की घोषणा भी की होगी
 क्या अब और भी कड़े डिसीजन ट्रंप ले सकते हैं:
 जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह ट्वीट किया था कि भारत और रूस चीन के साथ हो गए हैं, अब उनके स्पीड से भूचाल मच गया है ऐसा लग रहा है जैसे अमेरिका को परेशानी हो रही है कि भारत और रूस,चीन के साथ व्यापार करेंगे और चीन के साथ वैश्विक स्तर पर काम करेंगे,भारत का चीन से क्लोज होना अमेरिका के लिए परेशानी का सबब होगा या नहीं यह तो भविष्य की बात है लेकिन हो सकता है अमेरिका फिर इसी नाराजगी में कोई और बड़ा कदम भारत के खिलाफ उठा सकता है,जैसा कि उसने रूस के साथ किया,क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप को कुछ कहा नहीं जा सकता कब क्या लिखे,कब क्या पोस्ट करें,कब क्या करें, क्योंकि अमेरिका का विरोध बाहर से ही नहीं बल्कि उनकी खुद की एजेंसी या उनका विरोध करती हैं उनके खुद के अर्थशास्त्री उनका विरोध करते हैं
चीन को हो रहा है सबसे ज्यादा फायदा:
अगर हम एक नजरिए से देखें तो चीन का कद थोड़ा सा बढ़ गया है और वहीं अमेरिका थोड़ा बैक फुट पर आ गया है क्योंकि भारत, रूस, चीन के साथ मिल गए हैं जिससे चीन और मजबूत हो गया है,और चीन अपने आप को मसीहा के तौर पर विश्व में पेश कर सकता है और यह चीज अमेरिका को बर्दाश्त नहीं होगी,लेकिन चेतावनी वाली बात यह है कि भारत को चीन से सतर्क रहना चाहिए क्योंकि वह कभी भी भारत के खिलाफ जा सकता है,क्योंकि चीन पाकिस्तान के साथ भी काम करना शुरू कर दिया है
तो इस खबर से यह साफ हो गया है कि हमारे लिए स्थिति ना तो बहुत अनुकूल है,ना तो बहुत प्रतिकूल है इसलिए हमें बहुत सरावधानी के साथ चीन और अमेरिका के साथ काम करना होगा क्योंकि अमेरिका ने यह साफ-साफ कह दिया है कि भारत चीन के साथ मिल चुका है और यह बात अमेरिका को बहुत खटक रही है इसलिए आगे क्या करेगा अमेरिका इसका कोई पता नहीं लेकिन भारत को हर कदम सोच समझकर रखना चाहिए अब आगे क्या होने वाला है पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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