पंजाब की बाढ़ ने भारतीय अर्थव्यवस्था को हिला डाला

जी हां दोस्तों अगर कहीं अप्रत्याशित बाढ़ आ जाए तो वह केवल एक जिला,शहर को ही नहीं तबाह करता बल्कि वह भारत की अर्थव्यवस्था को भी तबाह कर देता है,और हर साल ऐसा होता है,कहीं ना कहीं ऐसी बाढ़ आ जाती,है जिससे आम जनों का जीवन तो बर्बाद हो जाता है,भारतीय अर्थव्यवस्था पूरी तरह की कैसे गिर जाती है, जैसा कि इन दोनों देखने को मिल रहा है,पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश में आए बाढ़ ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया है न जाने कितने लोगों की मौत हो गई कितने लोग बेघर हो गएhttp://news24hourslatest.in
2019 से लेकर 2023 तक कितना नुकसान हुआ बाढ़ से:
प्राकृतिक आपदा जो होती है वह बिन बुलाए आती है और ऐसा जनमानस को नुकसान पहुंचाती है कि उसकी भरपाई करना इस जीवन में पॉसिबल नहीं हो पता,जैसा कि हम सब देख रहे हैं कि पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश में कैसे लोग प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हो रहे हैं, आपको बता दे की 2019 से लेकर 2023 के बीच भारत में सिर्फ प्राकृतिक आपदा की वजह से करीब 5 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान झेला है,आपको बता दे 2020 में जब केरल में बाढ़ आई थी तो ₹19000 करोड़ का नुकसान सिर्फ केरल को हुआ था,और यह सिर्फ पैसे का लॉस नहीं है बल्कि जीवन लोगों की उम्मीदें,सपना सब चीजों का नुकसान है
हिमाचल में कितना नुकसान हुआ इस साल:
इस साल हिमाचल प्रदेश में ₹2300 करोड़ का नुकसान सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर में हुआ है अभी तक,हिमाचल में इस साल करीब 10 से 15 में रोड़ पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुकी है,अभी आंकड़े और बाकी हैं नुकसान के,जैसे-जैसे सब कुछ क्लियर होता जाएगा नुकसान के आंकड़े और बढ़ते जाएंगे,आपको बता दे कि हिमाचल के बाढ़ में अब तक 360 लोगों की मौत हो चुकी है और 450 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं और करीब 50 से 100 लोग लापता है
पंजाब में कितना हुआ नुकसान इस साल:
ऐसा कहा जा रहा है कि पंजाब में जो इस साल बाढ़ आई है वह 10 साल को बाद आई है,और इसमें 2000 से अधिक गांव पूरी तरीके से डूब चुके हैं और ढाई लाख से ज्यादा लोग अभी तक प्रभावित हो चुके हैं,लगभग 100000 हेक्टेयर खेत भी पानी में डूब चुके हैं,पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से ₹60000 करोड़ की मांग की है,कई जानकारों का कहना है कि पंजाब की यह बढ़ भारत की अर्थव्यवस्था को पीछे धकेल दिया है,तीन दशकों में सबसे भीषण बाढ़ है यह पंजाब का, ऐसा लगता है कि इतिहास में सबसे बड़ी आपदाओं में से एक आपदा यह पंजाब का बाढ़ है,पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि,यह स्थिति 1988 की बाढ़ से भी ज्यादा गंभीर है,आपको बता दे की वर्ष 1988 में पंजाब में चार दिनों में भारी वर्षा और बाढ़ से लगभग 9,000 गाँव प्रभावित हुए थे,लाखों लोग विस्थापित हुए और 600–1,500 लोगों की मौत हुई थी,लेकिन इस वर्ष,2025 में भी 1,400 गाँवों से अधिक प्रभावित, लाखों लोग विस्थापित,और व्यापक कृषि-क्षति दर्ज हुई है।हालांकि मौतों की संख्या 1988 से कम है,लेकिन प्रभाव,विस्थापन और आर्थिक क्षति एक बड़े पैमाने पर बनी हुई है।
दिल्ली में भी बहुत ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके:
आपको बता दे कि पंजाब,हिमाचल के बाद दिल्ली मे बाढ़ का स्तर बहुत भयानक रूप ले चुका है,यमुना नदी का पानी डेंजर लेवल से ऊपर चला गया है,जिसके वजह से कई एरिया में पानी भर गया है और लोग सड़कों पर आ गए हैं और जानकारों की माने तो पिछले 65 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब यमुना नदी अपने सारे खतरों के निशान से ऊपर हो चुकी है,जिसके वजह से वहां रेड अलर्ट भी जारी हो चुका है,IMD के अनुसार इस बार में प्रभावित राज्यों को काफी नुकसान सहना पड़ सकता है जो पिछले कई दशकों में सबसे ज्यादा है
फिलहाल सरकार गैर सरकारी संगठन सब लगे हुए हैं लोगों की रक्षा करने में,सरकार को यह करना चाहिए कि हर क्षेत्र में जो बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं उनके लिए विशेष रखरखाव करे,ताकि इस प्राकृतिक आपदा से कम नुकसान हो सके,सुरक्षित शेल्टर भी बनाना चाहिए ताकि लोगों की रक्षा हो सके,फिलहाल ईश्वर से मैं यही प्रार्थना करता हूं कि लोग जल्दी इस प्राकृतिक आपदा से बाहर आ सके और अपने जीवन में व्यस्त हो सके, फिलहाल आगे की खबर के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
