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दागदार है मंत्री,फिर भी घूम रहे हैं खुलेआम

दागदार है मंत्री,फिर भी घूम रहे हैं खुलेआम

दागदार है मंत्री,फिर भी घूम रहे हैं खुलेआम
दागदार है मंत्री,फिर भी घूम रहे हैं खुलेआम
                                                                                                                                                                                                                                                        आपको बता दे कि चुनाव में सुधार करने के लिए जो संस्था काम करती है ADR उसका कहना है कि 302 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है जिनमें से 174 पर अति गंभीर आपराधिक मामले है,यह रिपोर्ट आने के बाद भी मंत्री बेखौफ घूम रहे हैं उन्हें किसी चीज की कोई परेशानी भी नहीं है,क्या ऐसे लोकतंत्र टिका रहेगा? आम जनता पर कोई केस होता है तो उसके खिलाफ सब एजेंसी का काम करने लगती हैं,वहीं अगर किसी नेता पर, मंत्री पर कोई मामला दर्ज होता है तो आखिर वह क्यों खुलेआम घूमते हैं कब तक ऐसा चलता रहेगा?http://news24hourslatest.in
ADR कि रिपोर्ट:
आपको बता दें कि यह जो सूचना है यह हमें सोचने पर मजबूर करती है की लगभग 47% मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है और इन आपराधिक मामलों में हत्या, अपहरण,बलात्कार के गंभीर मामले सम्मिलित है, ADR मतलब की एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के रिपोर्ट्स बताते हैं की लगभग 302 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है
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हाल ही में जो तीन विधे यक पास किए हैं उसके बारे में जानते हैं:
आपको पता है कि संसद में तीन विधेयक पेश किए गए थे,ताकि जो भी गंभीर आपराधिक मामलों हैं चाहे वह प्रधानमंत्री के ऊपर हो,मुख्यमंत्री या अन्य मंत्री उसको 30 दिन जेल में रहना पड़े तो वह स्वत: पद मुक्त मान लिया जाएगा,अब आशंका यह जताई जा रही है कि अगर यह कानून बन गया तो इसका दुरुपयोग होगा, इस कानून से विपक्षियों को निशाना बनाया जाएगा,अब आप बताइए कि जिस देश में 47% के करीब मंत्री के ऊपर आपराधिक मामले दर्ज हो वहां कड़े कानून का विरोध तो करेंगे ही मंत्री,आपको बता दे की 27 राज्यों तीन केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्री परिषद के कुल 643 मंत्री ने शपथ पत्र की जांच की गई है,और इस जांच में ADR ने पाया कि 302 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें से 174 के खिलाफ अति गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है
किस पार्टी के कितने मंत्री आपराधिक मामलों में सम्मिलित है:
आपको बता दे की ADR के रिपोर्ट के अनुसार 302 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है, भाजपा के 40% मंत्रियों के खिलाफ,वही कांग्रेस के 74% मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज है तो तमिलनाडु की सत्तारुड़ द्रुमुक पार्टी के 87% मंत्रियों की आपराधिक मामले के आरोप है,बात करें तेलुगू देशम पार्टी की तो उनके मंत्रियों के खिलाफ 96% आपराधिक मामले दर्ज है,ऐसी कोई पार्टी नहीं है जिनमें अपराधिक दाग वाले नेता न शामिल हो,बाहर सब सच का पोस्टर लगा हुआ है अंदर सब झूठ की बातें चलती है,सारी पार्टियां अपने नेताओं को निर्दोष साबित करने में लगी रहती हैं और जनता को भी यह उम्मीद रहती है कि नेताओं के मामले में जल्दी सुनवाई और फैसला होना चाहिए लेकिन इसमें अवश्य देर होती है
कुछ मंत्रियों ने तो अपराध स्वीकार किया है:
आपको बता दें की 72 केंद्रीय मंत्रियों में से 29 मंत्रियों ने खुद पर लगे आपराधिक मामलों को स्वीकार किया है लेकिन जम्मू कश्मीर,उत्तराखंड,नागालैंड,हरियाणा इन राज्य के मंत्रियों ने अपने खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं कराया,उनका कहना है कि वे पूरी तरह से निष्पक्ष है,आखिर यह बात चलती है कि नेताओं को जिनके ऊपर गंभीर मामले हैं, पार्टी से निकल जाए लेकिन अंतत यह सारी बातें ठंडे बस्ते में चली जाती है जिसका खामियाजा देश की जनता को भुगतना पड़ता है
कितनी संपत्ति है नेताओं के पास:
ADR ने मंत्रियों की संपत्ति के भी आंकड़े पेश किए हैं, ADR के हिसाब से अपने देश में मंत्रियों की औसत संपत्ति 37 करोड रुपए दर्ज है और आपको बता दे की 30 विधानसभाओं में से 11 में अरबपति मंत्री हैं,रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक में सबसे ज्यादा अरबपति हैं, और आपको बता दे कि देश में मिर नेताओं की तादाद समय के साथ बढ़ती रहती है भले जनता की कमाई ना बड़े
आखिर यह जनता का पैसा ही तो है जो मंत्रियों को अरबपति बन रहा है,करोड़पति बन रहा है,हम टैक्स देते हैं सरकार को जिससे कि राष्ट्र का निर्माण हो सके हमें बिजली,पानी, सड़क रोटी रोजगार अपराध मुक्त भारत मिल सके,परंतु हमारा पैसा कितना उपयोग होता है यह सबको पता है,एक बार विधायक बन जाइए,सांसद बन जाइए उसके बाद आगे पीछे गाड़ियों की लाइन लग जाती है आखिर वह पैसा आता कहां से, इस पर कोई सरकार कुछ नहीं बोलती,और नतीजा निकलता है कि उस पैसे से नेता रंगदारी करते हैं फिर उनके ऊपर आरोप लगते हैं, कभी भ्रष्टाचार के, कभी महिला बलात्कार के कभी अवैध संपत्ति के, फिर भी अपने पावर के दम पर वह हर चीजों को दबा देते हैं अगर हमें अपना लोकतंत्र मजबूत करना है तो देश के नेताओं को सबसे पहले सुधरना होगा जनता की संपत्ति का सही इस्तेमाल करना होगा,फिलहाल यह आंकड़े तो आपके ADR के हैं,न जाने ऐसे कितने आंकड़े हैं जो सामने नहीं आते हैं, फिलहाल आप गौर कीजिएगा और आगे के लिए पढ़ते रहिए मेरा न्यूज़ चैनल
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  • नमस्कार मेरा नाम दिव्य प्रकाश दिव्य है मैं Blogger और Youtuber हूं मैं अपनी वेबसाइट पर देश दुनिया की ताजा खबरें दिखाता हूं यहीं मेरी वेबसाइट है @news24hourslatest.in

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